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एंबुलेंस स्टाफ को पीटा, बंधक बनाकर ले गए निजी अस्पताल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sun, 15 Apr 2018 07:43 PM IST
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rajiv gupta
सड़क हादसे में घायल युवक की हालत गंभीर बताने पर परिजन 108 एंबुलेंस स्टाफ पर निजी अस्पताल ले चलने का दबाव बनाने लगे। स्टाफ ने इंकार किया तो उनकी पिटाई कर बंधक बना लिया और जबरन निजी अस्पताल ले गए। जहां देर रात इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।
सदर कैंट निवासी राजीव गुप्ता (21) पुत्र राजेश कुमार शनिवार शाम किच्छा से लौटते समय बहेड़ी में शाहगढ़ तिराहे पर अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। गंभीर हालत में राहगीरों ने उन्हें बहेड़ी सीएचसी पहुंचाया। मोबाइल से उनके घरवालों को सूचना दी गई। हालत गंभीर देख सीएचसी से उन्हें रेफर किया गया तो 108 एंबुलेंस चालक मो. यासीन और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन गुड्डू सिंह उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने हालत ज्यादा गंभीर बताई तो परिजन एंबुलेंस स्टाफ पर निजी अस्पताल ले चलने का दबाव बनाने लगे। उन लोगों ने मना किया तो राजीव के परिजनों ने यासीन और गुड्डू से मारपीट कर एंबुलेंस में बंधक बना लिया। इसके बाद खुद ही एंबुलेंस चलाकर ले जाने की बात कही तो फिर यासीन ने उनकी बात मान ली और उन्हें सिद्धि विनायक लेकर गए। देर रात राजीव की मौत हो गई। उधर, घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची और मरीज एवं एंबुलेंस की तलाश की जाने लगी तब तक स्टाफ एंबुलेंस लेकर वापस पहुंच गया।
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सदर कैंट निवासी राजीव गुप्ता (21) पुत्र राजेश कुमार शनिवार शाम किच्छा से लौटते समय बहेड़ी में शाहगढ़ तिराहे पर अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। गंभीर हालत में राहगीरों ने उन्हें बहेड़ी सीएचसी पहुंचाया। मोबाइल से उनके घरवालों को सूचना दी गई। हालत गंभीर देख सीएचसी से उन्हें रेफर किया गया तो 108 एंबुलेंस चालक मो. यासीन और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन गुड्डू सिंह उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने हालत ज्यादा गंभीर बताई तो परिजन एंबुलेंस स्टाफ पर निजी अस्पताल ले चलने का दबाव बनाने लगे। उन लोगों ने मना किया तो राजीव के परिजनों ने यासीन और गुड्डू से मारपीट कर एंबुलेंस में बंधक बना लिया। इसके बाद खुद ही एंबुलेंस चलाकर ले जाने की बात कही तो फिर यासीन ने उनकी बात मान ली और उन्हें सिद्धि विनायक लेकर गए। देर रात राजीव की मौत हो गई। उधर, घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची और मरीज एवं एंबुलेंस की तलाश की जाने लगी तब तक स्टाफ एंबुलेंस लेकर वापस पहुंच गया।
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