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मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों का हंगामा
Updated Tue, 15 May 2018 01:04 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में हंगामे की सूचना पर दौड़ी पुलिस
एमएस और एमडी परीक्षा में उपस्थिति कम होने पर छह परीक्षार्थियों को किया था वंचित
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
एक मेडिकल कॉलेज में छह डॉक्टरों की उपस्थित मानक से कम होने पर उन्हें मंगलवार को आयोजित होने वाली परीक्षा के वंचित करने के बाद हंगामे की स्थिति बन गई। छात्रों का आरोप था कि एक साल पहले मेडिकल कॉलेज के खिलाफ रैगिंग की शिकायत राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में की थी। इसी खुन्नस में उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया जा रहा है। डॉक्टरों के हंगामे की सूचना पर भोजीपुरा पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पास कर चुके छात्रों के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री इन जनरल सर्जरी (एमएस) और पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री इन जनरल मेडिसिन (एमडी) की परीक्षा मंगलवार से शुरू होनी थी। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक छह छात्रों की कॉलेज में उपस्थिति 43 प्रतिशत के आसपास मिली थी। जबकि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मुताबिक परीक्षा में बैठने के लिए 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है। इस बाबत छात्रों को नोटिस जारी होने के बाद हंगामा शुरू हुआ।
शिकायत की तो उपस्थिति कम दिखाई
डॉ. वैभव मंगला के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में रैगिंग होती है। जिसकी शिकायत एक साल पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की थी। यही वजह है कि उन्हें और अन्य छात्रों को परीक्षा से वंचित किया जा रहा है। ऐसे परीक्षार्थियों में दो महिला और चार पुुरुष डॉक्टर शामिल हैं। छात्रों के मुताबिक उनकी उपस्थिति जानबूझकर कम दिखाई जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज में हंगामे की सूचना पर दौड़ी पुलिस
एमएस और एमडी परीक्षा में उपस्थिति कम होने पर छह परीक्षार्थियों को किया था वंचित
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
एक मेडिकल कॉलेज में छह डॉक्टरों की उपस्थित मानक से कम होने पर उन्हें मंगलवार को आयोजित होने वाली परीक्षा के वंचित करने के बाद हंगामे की स्थिति बन गई। छात्रों का आरोप था कि एक साल पहले मेडिकल कॉलेज के खिलाफ रैगिंग की शिकायत राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में की थी। इसी खुन्नस में उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया जा रहा है। डॉक्टरों के हंगामे की सूचना पर भोजीपुरा पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पास कर चुके छात्रों के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री इन जनरल सर्जरी (एमएस) और पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री इन जनरल मेडिसिन (एमडी) की परीक्षा मंगलवार से शुरू होनी थी। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक छह छात्रों की कॉलेज में उपस्थिति 43 प्रतिशत के आसपास मिली थी। जबकि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मुताबिक परीक्षा में बैठने के लिए 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है। इस बाबत छात्रों को नोटिस जारी होने के बाद हंगामा शुरू हुआ।
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शिकायत की तो उपस्थिति कम दिखाई
डॉ. वैभव मंगला के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में रैगिंग होती है। जिसकी शिकायत एक साल पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की थी। यही वजह है कि उन्हें और अन्य छात्रों को परीक्षा से वंचित किया जा रहा है। ऐसे परीक्षार्थियों में दो महिला और चार पुुरुष डॉक्टर शामिल हैं। छात्रों के मुताबिक उनकी उपस्थिति जानबूझकर कम दिखाई जा रही है।
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