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रामपुर पुलिस पर नहीं भरोसा अब बरेली पुलिस करेगी जांच
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बरेली। हाफिजगंज क्षेत्र निवासी ट्रक ड्राइवर इश्हाक मोटर एक्सीडेंट क्लेम के सिंडीकेट का शिकार हो गया। उसका ड्राइविंग लाइसेंस लगाकर गाजियाबाद के ऑडी हिट एंड रन केस के बाद रामपुर के एक्सीडेंट मामले में भी फंसा दिया। एडीजी प्रेमप्रकाश के निर्देश पर रामपुर में हुए मामले की जांच बरेली पुलिस को ट्रांसफर की गई है।
हाफिजगंज के गांव लभेड़ा निवासी इश्हाक को बरेली के ही परिचित इम्तियाज उर्फ मुंबइया ने फंसा दिया। गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में ऑडी हिट एंड रन मामले में मुंबइया ने इश्हाक बनकर जमानत करा ली और गायब हो गया। जांच में इश्हाक निर्दोष साबित हुुआ। इसमें ऑडी मालिक सफदरजंग अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष रावत दोषी निकले। ऐसे ही तीन जनवरी 2017 को रामपुर में मेरठ निवासी निगार अंजुम की बस से हुए हादसे में भी उसे ड्राइवर दिखा दिया गया। एडीजी से शिकायत के बाद जांच हुई तो सीओ मिलक ने इश्हाक को क्लीनचिट दे दी। इस फर्जीवाड़े के आरोप में शाहबाद में डॉ. मनीष रावत, वकील हरीश भाटिया, मुंशी राजकुमार और इम्तियाज पर रिपोर्ट दर्ज हुई। मगर रामपुर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एडीजी के निर्देश पर मामले की जांच क्राइम ब्रांच बरेली को ट्रांसफर कर दी गई है। इसके बाद शुक्रवार को इश्हाक एसएसपी ऑफिस में क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर जेएन पांडेय से मुलाकात को पहुंचा।
मुंबइया को नहीं मिल रहे जमानती
इशहाक ने बताया कि भेद खुलने पर गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की जांच में डॉ. मनीष दोषी मिले। उन्होंने खुद को ड्राइवर दिखाकर जमानत कराई। मुंबई में कई अपराध कर चुका मुंबइया फिलहाल डासना जेल में है। गाजियाबाद कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर की है पर अभी जमानती नहीं मिले हैं।
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हाफिजगंज के गांव लभेड़ा निवासी इश्हाक को बरेली के ही परिचित इम्तियाज उर्फ मुंबइया ने फंसा दिया। गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में ऑडी हिट एंड रन मामले में मुंबइया ने इश्हाक बनकर जमानत करा ली और गायब हो गया। जांच में इश्हाक निर्दोष साबित हुुआ। इसमें ऑडी मालिक सफदरजंग अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष रावत दोषी निकले। ऐसे ही तीन जनवरी 2017 को रामपुर में मेरठ निवासी निगार अंजुम की बस से हुए हादसे में भी उसे ड्राइवर दिखा दिया गया। एडीजी से शिकायत के बाद जांच हुई तो सीओ मिलक ने इश्हाक को क्लीनचिट दे दी। इस फर्जीवाड़े के आरोप में शाहबाद में डॉ. मनीष रावत, वकील हरीश भाटिया, मुंशी राजकुमार और इम्तियाज पर रिपोर्ट दर्ज हुई। मगर रामपुर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एडीजी के निर्देश पर मामले की जांच क्राइम ब्रांच बरेली को ट्रांसफर कर दी गई है। इसके बाद शुक्रवार को इश्हाक एसएसपी ऑफिस में क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर जेएन पांडेय से मुलाकात को पहुंचा।
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मुंबइया को नहीं मिल रहे जमानती
इशहाक ने बताया कि भेद खुलने पर गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की जांच में डॉ. मनीष दोषी मिले। उन्होंने खुद को ड्राइवर दिखाकर जमानत कराई। मुंबई में कई अपराध कर चुका मुंबइया फिलहाल डासना जेल में है। गाजियाबाद कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर की है पर अभी जमानती नहीं मिले हैं।
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