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मो. इजाज के बाद रमेश को सैन्य क्षेत्र की जासूसी की सौंपी थी कमान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 06 Jun 2018 01:16 AM IST
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पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी आईएसआई के लिए भारतीय सैन्य क्षेत्र की सूचनाएं जुटाने वाले रमेश सिंह का बरेली में पांच दिन ठिकाना रहा था। एटीएस सूत्रों के मुताबिक जून 2016 में आईएसआई ने त्रिशूल एयरबेस सहित सैन्य क्षेत्र की गतिविधियों की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी रमेश सिंह को सौंपी थी। उसने त्रिशूल एयरबेस, बुखारा रोड स्थित आईटीबीपी मुख्यालय और कैंट के सैन्य क्षेत्र में सेना की गतिविधियों की जानकारी जुटाकर पाकिस्तान को भेजी थी।
बरेली की एटीएस इकाई को यह इनपुट भी मिले हैं कि जासूस मो. इजाज की फरवरी, 2016 में गिरफ्तारी के बाद आईएसआई का बरेली से लिंक टूट गया था। सैन्य गतिविधियों के लिहाज से बेहद अहम बरेली में सिर्फ चार महीने बाद ही रमेश को टारगेट देकर भेजा गया था। इस दौरान यहां सक्रिय स्लीपिंग मॉड्यूल्स ने रमेश सिंह को मदद पहुंचाई थी। यह वही स्लीपिंग मॉड्यूल्स हैं जो मोहम्मद इजाज के लिए काम करते थे। एटीएस रमेश के जरिये इन मददगारों को तलाश रही है। सूत्रों बताते हैं कि पांच दिन की रिमांड में रमेश से कई अहम सुराग एटीएस के हाथ लगे हैं।
रिमांड के दौरान रमेश ने बताया कि वह जून, 2016 में पांच दिन बरेली में रहा है। उसने बरेली के सैन्य क्षेत्रों की जानकारी जुटाकर पाकिस्तान को भेजी है। - ह्दयेश कठेरिया, एटीएस लखनऊ
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बरेली की एटीएस इकाई को यह इनपुट भी मिले हैं कि जासूस मो. इजाज की फरवरी, 2016 में गिरफ्तारी के बाद आईएसआई का बरेली से लिंक टूट गया था। सैन्य गतिविधियों के लिहाज से बेहद अहम बरेली में सिर्फ चार महीने बाद ही रमेश को टारगेट देकर भेजा गया था। इस दौरान यहां सक्रिय स्लीपिंग मॉड्यूल्स ने रमेश सिंह को मदद पहुंचाई थी। यह वही स्लीपिंग मॉड्यूल्स हैं जो मोहम्मद इजाज के लिए काम करते थे। एटीएस रमेश के जरिये इन मददगारों को तलाश रही है। सूत्रों बताते हैं कि पांच दिन की रिमांड में रमेश से कई अहम सुराग एटीएस के हाथ लगे हैं।
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रिमांड के दौरान रमेश ने बताया कि वह जून, 2016 में पांच दिन बरेली में रहा है। उसने बरेली के सैन्य क्षेत्रों की जानकारी जुटाकर पाकिस्तान को भेजी है। - ह्दयेश कठेरिया, एटीएस लखनऊ
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