{"_id":"5b58c7ae4f1c1b8f568b66a0","slug":"151532544942-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरना पर बैठे समाजसेवी मेवाराम भगत की हालत बिगड़ी, नहीं पहुंची चिकित्सा टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरना पर बैठे समाजसेवी मेवाराम भगत की हालत बिगड़ी, नहीं पहुंची चिकित्सा टीम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवाबगंज। मानक के अनुरूप सड़क निर्माण न होने पर धरने पर बैठे समाजसेवी मेवाराम भगत तबीयत रविवार का दूसरे दिन बिगड़ गई, लेकिन पूरी तरह संवेदनहीन हुआ प्रशासन का कोई अधिकारी उन्हें देखने नहीं पहुंचा। लोगों ने सूचना सीएचसी पर दी तो डॉक्टर भी रविवार की छुट्टी मनाते रहे। मजबूरन लोगों ने निजी डॉक्टर को बुलाकर उनका उपचार कराया। इससे नाराज लोगों ने सड़क पर जमकर हंगामा किया।
नवाबगंज से बीजामऊ मार्ग पर प्रधानमंत्री सड़क योजना से निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क पर पत्थर पड़ चुके हैं। आरोप है कि बाईपास मार्ग से सीएचसी तक दो सौ मीटर सड़क समतल नहीं है, जिसमे बारिश के दिनों में दो फुट तक पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कत होती है। मेवाराम भगत ने लोक निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन से दो मीटर सड़क को समतल कर निर्माण कराने की मांग की थी, लेकिन विभाग उसी पर सड़क का निर्माण कराने पर अमादा है। जिससे नाराज मेवाराम भगत निर्माणाधीन सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। धरने के दूसरे दिन चिलचिलाती धूप और गर्म हवा से उनकी हालत बिगड़ गई। अचानक उठे सीने के दर्द से कराह उठे। आनन फानन में लोगों ने सूचना सीएचसी को दी, लेकिन कोई भी चिकित्सक उनके उपचार को नहीं पहुंचा। जिससे लोगों ने सड़क पर जमकर हंगामा किया। बाद में एक निजी चिकित्सक को बुलाकर उनका उपचार कराया गया। मेेवाराम भगत अभी भी धरने बैठे हुए है।
विज्ञापन
नवाबगंज से बीजामऊ मार्ग पर प्रधानमंत्री सड़क योजना से निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क पर पत्थर पड़ चुके हैं। आरोप है कि बाईपास मार्ग से सीएचसी तक दो सौ मीटर सड़क समतल नहीं है, जिसमे बारिश के दिनों में दो फुट तक पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कत होती है। मेवाराम भगत ने लोक निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन से दो मीटर सड़क को समतल कर निर्माण कराने की मांग की थी, लेकिन विभाग उसी पर सड़क का निर्माण कराने पर अमादा है। जिससे नाराज मेवाराम भगत निर्माणाधीन सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। धरने के दूसरे दिन चिलचिलाती धूप और गर्म हवा से उनकी हालत बिगड़ गई। अचानक उठे सीने के दर्द से कराह उठे। आनन फानन में लोगों ने सूचना सीएचसी को दी, लेकिन कोई भी चिकित्सक उनके उपचार को नहीं पहुंचा। जिससे लोगों ने सड़क पर जमकर हंगामा किया। बाद में एक निजी चिकित्सक को बुलाकर उनका उपचार कराया गया। मेेवाराम भगत अभी भी धरने बैठे हुए है।
विज्ञापन