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बाइक सवार पुलिस को छका पैदल भागे तस्कर
बरेली
Updated Thu, 19 Feb 2015 01:42 AM IST
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जबकि एक बाइक पर सवार उनमें से दो सिपाहियों को कुचलने की कोशिश भी पुलिस डायरी में दर्ज की गई है।
यह पुलिसिया कहानी मंगलवार रात करीब एक बजे की बताई गई है। पुलिस के अनुसार लंबी लग्जरी कार आती देखकर अनुबिस पुलिस चौकी के सिपाहियों ने उसे रुकने का इशारा किया। ड्राइवर रोकने के बजाए कार भगाता हुआ ले गया। तभी चौकी के सिपाही महेश और ब्रजेश ने एक बाइक और मोहम्मद कामिल व मोहम्मद वारिस ने दूसरी बाइक से पीछा शुरू किया। करीब चार किलोमीटर दूर लभारी चौकी से पहले ही तस्करों ने महेश व ब्रजेश की बाइक पर कार चढ़ाने का प्रयास किया। फिर वे लोग लभारी चौकी से थोड़ा पहले ही कार छोड़कर भाग गए। कार में एक मृत और चार जीवित पशु मिले। कार को थाने लाकर दोनों अज्ञात तस्करों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
अब इस पुलिसिया कहानी पर सवाल उठना लाजिमी है। कार से कुचलने के प्रयास की बात से साफ है कि महेश और ब्रजेश कार से आगे निकल गए थे। बाकी दोनों सिपाही भी आसपास रहे होंगे तो वे आखिर क्यों तस्करों को नहीं पकड़ पाए। महेश और ब्रजेश के चोट भी नहीं आई, उनकी देखभाल में भी तो कामिल और वारिस व्यस्त नहीं हुए होंगे। तो फिर तस्कर कैसे भाग गए ? ऐसे सवाल खुद अपने आप जवाब दे रहे हैं।
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यह पुलिसिया कहानी मंगलवार रात करीब एक बजे की बताई गई है। पुलिस के अनुसार लंबी लग्जरी कार आती देखकर अनुबिस पुलिस चौकी के सिपाहियों ने उसे रुकने का इशारा किया। ड्राइवर रोकने के बजाए कार भगाता हुआ ले गया। तभी चौकी के सिपाही महेश और ब्रजेश ने एक बाइक और मोहम्मद कामिल व मोहम्मद वारिस ने दूसरी बाइक से पीछा शुरू किया। करीब चार किलोमीटर दूर लभारी चौकी से पहले ही तस्करों ने महेश व ब्रजेश की बाइक पर कार चढ़ाने का प्रयास किया। फिर वे लोग लभारी चौकी से थोड़ा पहले ही कार छोड़कर भाग गए। कार में एक मृत और चार जीवित पशु मिले। कार को थाने लाकर दोनों अज्ञात तस्करों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
अब इस पुलिसिया कहानी पर सवाल उठना लाजिमी है। कार से कुचलने के प्रयास की बात से साफ है कि महेश और ब्रजेश कार से आगे निकल गए थे। बाकी दोनों सिपाही भी आसपास रहे होंगे तो वे आखिर क्यों तस्करों को नहीं पकड़ पाए। महेश और ब्रजेश के चोट भी नहीं आई, उनकी देखभाल में भी तो कामिल और वारिस व्यस्त नहीं हुए होंगे। तो फिर तस्कर कैसे भाग गए ? ऐसे सवाल खुद अपने आप जवाब दे रहे हैं।
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