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भ्रष्ट बाबू इतना भाया कि चार महीने तक नहीं हटाया
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बरेली। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले की एंटी करप्शन की जांच में भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए बाबू के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी बेसिक शिक्षा के अफसर उस पर मेहरबानी दिखाते रहे। चार महीने तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हाल ही में मामला डीएम के पास पहुंचा तो उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक को लिखा। इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने तत्काल बाबू को बीएसए दफ्तर से हटाकर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डॉयट में अटैच कर दिया।
बीएसए दफ्तर के दो बाबू भूपेंद्र पाल सिंह और अनोखे लाल के खिलाफ करीब दस साल पहले आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के कई मामलों की शिकायत एंटी करप्शन में की गई थी। दोनों ही बाबुओं के खिलाफ लंबी जांच चली। इसके बाद एंटी करप्शन ने दिसंबर 2016 में दोनों ही बाबुओं के खिलाफ थाना बारादरी में मुकदमा दर्ज करा दिया। करीब चार माह पहले एंटी करप्शन की जांच में भ्रष्टाचार का मामला सही पाए जाने के बाद कोर्ट में इन दोनों ही बाबुओं के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई। अनोखे लाल सेवानिवृत्त हो चुका है जबकि भूपेंद्र पाल सिंह अभी भी बीएसए दफ्तर में कार्यरत था। बताते हैं कि कुछ महीने पहले भूपेंद्र पाल सिंह का अपर निदेशक ने स्थानांतरण भी कर दिया था लेकिन जोड़तोड़ कर उसने ट्रांसफर रुकवा लिया। बेसिक शिक्षा के अफसरों ने भूपेंद्र पाल को बीएसए दफ्तर से हटाने तक की जरूरत नहीं महसूस की। यह मामला जब डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह तक पहुंचा तो उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार को नोटिस देकर एंटी करप्शन में दोषी पाए गए भूपेंद्र पाल सिंह को बीएसए दफ्तर से हटाने को कहा। इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक ने भूपेंद्र पाल को तत्काल प्रभाव से डॉयट में अटैच कर दिया है।
भूपेंद्र पाल सिंह का दफ्तर से हटाने का आदेश आ गया है। उन्हें संयुक्त शिक्षा निदेशक ने हटा दिया है। यह पूरा प्रकरण उच्चाधिकारियों को पहले से ही संज्ञान में था। -तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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बीएसए दफ्तर के दो बाबू भूपेंद्र पाल सिंह और अनोखे लाल के खिलाफ करीब दस साल पहले आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के कई मामलों की शिकायत एंटी करप्शन में की गई थी। दोनों ही बाबुओं के खिलाफ लंबी जांच चली। इसके बाद एंटी करप्शन ने दिसंबर 2016 में दोनों ही बाबुओं के खिलाफ थाना बारादरी में मुकदमा दर्ज करा दिया। करीब चार माह पहले एंटी करप्शन की जांच में भ्रष्टाचार का मामला सही पाए जाने के बाद कोर्ट में इन दोनों ही बाबुओं के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई। अनोखे लाल सेवानिवृत्त हो चुका है जबकि भूपेंद्र पाल सिंह अभी भी बीएसए दफ्तर में कार्यरत था। बताते हैं कि कुछ महीने पहले भूपेंद्र पाल सिंह का अपर निदेशक ने स्थानांतरण भी कर दिया था लेकिन जोड़तोड़ कर उसने ट्रांसफर रुकवा लिया। बेसिक शिक्षा के अफसरों ने भूपेंद्र पाल को बीएसए दफ्तर से हटाने तक की जरूरत नहीं महसूस की। यह मामला जब डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह तक पहुंचा तो उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार को नोटिस देकर एंटी करप्शन में दोषी पाए गए भूपेंद्र पाल सिंह को बीएसए दफ्तर से हटाने को कहा। इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक ने भूपेंद्र पाल को तत्काल प्रभाव से डॉयट में अटैच कर दिया है।
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भूपेंद्र पाल सिंह का दफ्तर से हटाने का आदेश आ गया है। उन्हें संयुक्त शिक्षा निदेशक ने हटा दिया है। यह पूरा प्रकरण उच्चाधिकारियों को पहले से ही संज्ञान में था। -तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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