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हत्यारोपी पति गिरफ्तार.. बोला- पहली पत्नी के सामने थप्पड़ मारा तो दबा दिया गला
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बरेली/बिशारतगंज। करगैना की कंचन की हत्या में वांछित उसके पीलीभीत निवासी पति सुनील शास्त्री को पुलिस ने सोमवार को अदालत में हाजिर होने से पहले ही धर दबोचा। सुनील ने कबूल किया कि उसने अपनी पहली पत्नी सीमा की मदद से कंचन की हत्या की थी। बकौल सुनील, सीमा से उसका तलाक का केस चल रहा है। इसके बावजूद अपने मायके से 29 अक्तूबर को उसके घर पहुंची कंचन वहां सीमा को देखा तो इस कदर बौखला गई उसने सीमा के सामने ही उसे तमाचा मार दिया। इसके बाद गुस्से में आकर उसने सीमा के साथ कंचन की हत्या कर दी। पुलिस ने इसके बाद सीमा को भी गिरफ्तार कर लिया।
कंचन की लाश 30 अक्तूबर को रामगंगा के पास बेडशीट में लिपटी हुई मिली थी। शरीर पर चाकू के कई घाव थे और गर्दन भी काटी गई थी। शव की शिनाख्त होने के बाद पता लगा कि कंचन ने पीलीभीत के सुनगढ़ी इलाके में रहने वाले सुनील शास्त्री से प्रेमविवाह किया था। कंचन के भाई भरत की ओर से थाना बिशारतगंज में सुनील, उसके मां-बाप और बहन के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से पुलिस सुनील को खोज रही थी। सुनील अपने तीन बच्चों, विधवा बहन, उसकी तीन बेटियों और मां-बाप के साथ फरार था।
शनिवार को सुनील की ओर से बरेली कोर्ट में आत्मसमर्पण याचिका दाखिल हुई जिस पर कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की तारीख तय की थी। हाजिर होने आए सुनील को पुलिस ने कोर्ट पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया और थाना बिशारतगंज ले गई। कुछ देर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने के बाद सुनील ने हत्या की बात कबूल ली। यह भी बताया कि उसकी पहली पत्नी सीमा का भी हत्या में हाथ था। इस पर पुलिस भोजीपुरा से सीमा को भी उसके मायके से ले आई।
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सुनील ने बताया कि सीमा से तलाक का केस कोर्ट में था। वह अपने मायके भोजीपुरा में रह रही थी। तीनों बेटे उसके साथ रहते थे। रिश्तेदारों के जरिये कंचन को उसने बच्चों की देखभाल के लिए रखा था, कुछ ही दिन बाद उनके बीच लिव इन का रिश्ता बन गया। सीमा यह बात पता लगने पर पीलीभीत पहुंच गई। 29 अक्तूबर को जब कंचन अपने घर से लौटी तो उसके घर में पहले से मौजूद सीमा से उसका झगड़ा शुरू हो गया। कंचन जिद पर अड़ गई कि वह सीमा को घर से निकालकर उससे शादी करे। वह उसे समझा रहा था कि सीमा से तलाक होते ही वह उससे संबंध खत्म कर लेगा लेकिन इसी बीच कंचन ने सीमा के सामने ही उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद सीमा के साथ उसने कंचन की हत्या कर दी।
गला दबाकर मारा, लाश
फेंकते वक्त मारे चाकू
सुनील ने बताया कि उसने अपने घर पर ही गला दबाकर कंचन की हत्या की। फिर चादर में लपेटकर शव को सीमा के साथ अपनी वैगन आर कार की डिग्गी में रखकर रामगंगा किनारे ले आया। उसे आशंका थी कि कहीं कंचन जिंदा न बच गई हो इसलिए शव फेंकने से पहले उसने चाकू से भी उसके शरीर पर कई वार किए। शव फेंकने के बाद सीमा के साथ ही पीलीभीत लौटा। अगले दिन भागा तो सीमा को उसके मायके भेज दिया। सुनील ने बताया कि उसने 9वीं तक की पढ़ाई रामगंगा के जयदेवी संस्कृत विद्यालय में की है। इसी वजह से उसे इस इलाके के चप्पे चप्पे की जानकारी है। यहां शव इसलिए भी फेंका ताकि हत्या में करगैना में रहने वाले उसके मायके वालों के फंसने की गुंजाइश रहे। बता दें कि तीन दिन पहले सीमा ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर सुनील को निर्दोष साबित करने की कोशिश की थी।
बड़े अफसरों के घर में करता था
हवन, बोला- ग्रहों ने फेर दी मति
सुनील शास्त्री थाने में फूट फूटकर रोया। बोला, वह पीलीभीत का नामी ज्योतिषी है। पांडित्य कर्म के साथ हस्तरेखा भी देखता है। बड़े अफसरों और व्यवसायियों तक के घर में हवन करता था। शायद ग्रह खराब हो गए जो गुस्से में हत्या कर बैठा। सुनील ने बताया कि बरखेड़ा का रम्पुरा नत्थू उसका पैतृक गांव है। हत्या के बाद वह वहीं चला गया था और रिश्तेदारियों में रह रहा था। मां-बाप अब भी वहीं हैं, बच्चे भी उनके पास हैं। पुलिस सुनील की विधवा बहन मीना को भी ले आई। उससे भी पूछताछ की गई।
दहेज हत्या का आरोप हटाएगी पुलिस
पुलिस ने कंचन के भाई भरत की तहरीर पर सुनील के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। अब जब एसएसपी ने दहेज हत्या के बजाय हत्या का केस दर्ज करने का आदेश किया है जिसकी विवेचना थाना प्रभारी करेंगे। भरत ने पुलिस की इस कार्रवाई पर एतराज किया है।
सुनील शास्त्री ने पहली पत्नी सीमा के साथ कंचन की हत्या की बात स्वीकार की है। दहेज हत्या का मामला खारिज कर दिया है। दोनों को जेल भेजा जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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कंचन की लाश 30 अक्तूबर को रामगंगा के पास बेडशीट में लिपटी हुई मिली थी। शरीर पर चाकू के कई घाव थे और गर्दन भी काटी गई थी। शव की शिनाख्त होने के बाद पता लगा कि कंचन ने पीलीभीत के सुनगढ़ी इलाके में रहने वाले सुनील शास्त्री से प्रेमविवाह किया था। कंचन के भाई भरत की ओर से थाना बिशारतगंज में सुनील, उसके मां-बाप और बहन के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से पुलिस सुनील को खोज रही थी। सुनील अपने तीन बच्चों, विधवा बहन, उसकी तीन बेटियों और मां-बाप के साथ फरार था।
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शनिवार को सुनील की ओर से बरेली कोर्ट में आत्मसमर्पण याचिका दाखिल हुई जिस पर कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की तारीख तय की थी। हाजिर होने आए सुनील को पुलिस ने कोर्ट पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया और थाना बिशारतगंज ले गई। कुछ देर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने के बाद सुनील ने हत्या की बात कबूल ली। यह भी बताया कि उसकी पहली पत्नी सीमा का भी हत्या में हाथ था। इस पर पुलिस भोजीपुरा से सीमा को भी उसके मायके से ले आई।
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सुनील ने बताया कि सीमा से तलाक का केस कोर्ट में था। वह अपने मायके भोजीपुरा में रह रही थी। तीनों बेटे उसके साथ रहते थे। रिश्तेदारों के जरिये कंचन को उसने बच्चों की देखभाल के लिए रखा था, कुछ ही दिन बाद उनके बीच लिव इन का रिश्ता बन गया। सीमा यह बात पता लगने पर पीलीभीत पहुंच गई। 29 अक्तूबर को जब कंचन अपने घर से लौटी तो उसके घर में पहले से मौजूद सीमा से उसका झगड़ा शुरू हो गया। कंचन जिद पर अड़ गई कि वह सीमा को घर से निकालकर उससे शादी करे। वह उसे समझा रहा था कि सीमा से तलाक होते ही वह उससे संबंध खत्म कर लेगा लेकिन इसी बीच कंचन ने सीमा के सामने ही उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद सीमा के साथ उसने कंचन की हत्या कर दी।
गला दबाकर मारा, लाश
फेंकते वक्त मारे चाकू
सुनील ने बताया कि उसने अपने घर पर ही गला दबाकर कंचन की हत्या की। फिर चादर में लपेटकर शव को सीमा के साथ अपनी वैगन आर कार की डिग्गी में रखकर रामगंगा किनारे ले आया। उसे आशंका थी कि कहीं कंचन जिंदा न बच गई हो इसलिए शव फेंकने से पहले उसने चाकू से भी उसके शरीर पर कई वार किए। शव फेंकने के बाद सीमा के साथ ही पीलीभीत लौटा। अगले दिन भागा तो सीमा को उसके मायके भेज दिया। सुनील ने बताया कि उसने 9वीं तक की पढ़ाई रामगंगा के जयदेवी संस्कृत विद्यालय में की है। इसी वजह से उसे इस इलाके के चप्पे चप्पे की जानकारी है। यहां शव इसलिए भी फेंका ताकि हत्या में करगैना में रहने वाले उसके मायके वालों के फंसने की गुंजाइश रहे। बता दें कि तीन दिन पहले सीमा ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर सुनील को निर्दोष साबित करने की कोशिश की थी।
बड़े अफसरों के घर में करता था
हवन, बोला- ग्रहों ने फेर दी मति
सुनील शास्त्री थाने में फूट फूटकर रोया। बोला, वह पीलीभीत का नामी ज्योतिषी है। पांडित्य कर्म के साथ हस्तरेखा भी देखता है। बड़े अफसरों और व्यवसायियों तक के घर में हवन करता था। शायद ग्रह खराब हो गए जो गुस्से में हत्या कर बैठा। सुनील ने बताया कि बरखेड़ा का रम्पुरा नत्थू उसका पैतृक गांव है। हत्या के बाद वह वहीं चला गया था और रिश्तेदारियों में रह रहा था। मां-बाप अब भी वहीं हैं, बच्चे भी उनके पास हैं। पुलिस सुनील की विधवा बहन मीना को भी ले आई। उससे भी पूछताछ की गई।
दहेज हत्या का आरोप हटाएगी पुलिस
पुलिस ने कंचन के भाई भरत की तहरीर पर सुनील के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। अब जब एसएसपी ने दहेज हत्या के बजाय हत्या का केस दर्ज करने का आदेश किया है जिसकी विवेचना थाना प्रभारी करेंगे। भरत ने पुलिस की इस कार्रवाई पर एतराज किया है।
सुनील शास्त्री ने पहली पत्नी सीमा के साथ कंचन की हत्या की बात स्वीकार की है। दहेज हत्या का मामला खारिज कर दिया है। दोनों को जेल भेजा जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी