{"_id":"5e20c2f48ebc3e4af1644bda","slug":"crime-bareilly-news-bly392267111","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिपाही को सरेराह पीटकर हाथ तोड़ चुका है पंकज पाठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिपाही को सरेराह पीटकर हाथ तोड़ चुका है पंकज पाठक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छेड़छाड़, दुष्कर्म, रंगदारी के दर्ज हैं कई मामले, छात्रा को पीटने का भी है आरोप
बरेली। शिवसेना का खुद को जिला प्रमुख बताने वाले पंकज पाठक के खिलाफ छेड़छाड़, दुष्कर्म, रंगदारी जैसे कई मामले दर्ज हैं। पुलिस से भी उसके विवाद रहे हैं और गैंगस्टर व गुंडा एक्ट भी लग चुका है।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पंकज पाठक समेत उसके साथी अविनाश और जितेंद्र शर्मा को बीस साल कैद की सजा सुनाई गई है। वर्ष 2017 की इस घटना के अलावा भी पंकज पाठक पर करीब दस अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। बताते हैं कि वर्ष 2013 में क्राइम ब्रांच के सिपाही का पंकज ने सरेराह हाथ तोड़ दिया था। एक छात्रा को भी रास्ते में बेल्टों से पीटने और छेड़छाड़ का केस उस पर दर्ज है। पंकज और उसके साथियों पर घर में घुसकर हमला करने, मारपीट, रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी जैसे कई मामले दर्ज हैं। चौरासी घंटा मंदिर के पास रहने वाला पंकज पाठक खुद को शिवसेना का जिला प्रमुख बताता था। इसके बहाने ही वह कभी कांवड़ तो कभी किसी अन्य त्योहार के जरिये शक्ति प्रदर्शन की कई बार कोशिश कर चुका था। मगर शिवसेना में उसको लेकर हमेशा विरोधाभास बना रहा है। पंकज जहां खुद को जिला प्रमुख कहता था, दूसरे धड़े ने उसके खिलाफ प्रेसवार्ता कर फर्जी घोषित कर दिया था। वहीं, पंकज के साथी जितेंद्र और अविनाश खुद हिंदू युवा वाहिनी का पदाधिकारी बताकर रौब जमाते थे। जुलूसों में नंगी तलवारें लेकर चलना, दफ्तरों में जाकर धौंस दिखाना और विवादित संपत्तियों में दखल देना ही पंकज का काम था, जिसके लिए वह नेताओं के आसपास चक्कर काटता रहता था।
विज्ञापन
बरेली। शिवसेना का खुद को जिला प्रमुख बताने वाले पंकज पाठक के खिलाफ छेड़छाड़, दुष्कर्म, रंगदारी जैसे कई मामले दर्ज हैं। पुलिस से भी उसके विवाद रहे हैं और गैंगस्टर व गुंडा एक्ट भी लग चुका है।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पंकज पाठक समेत उसके साथी अविनाश और जितेंद्र शर्मा को बीस साल कैद की सजा सुनाई गई है। वर्ष 2017 की इस घटना के अलावा भी पंकज पाठक पर करीब दस अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। बताते हैं कि वर्ष 2013 में क्राइम ब्रांच के सिपाही का पंकज ने सरेराह हाथ तोड़ दिया था। एक छात्रा को भी रास्ते में बेल्टों से पीटने और छेड़छाड़ का केस उस पर दर्ज है। पंकज और उसके साथियों पर घर में घुसकर हमला करने, मारपीट, रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी जैसे कई मामले दर्ज हैं। चौरासी घंटा मंदिर के पास रहने वाला पंकज पाठक खुद को शिवसेना का जिला प्रमुख बताता था। इसके बहाने ही वह कभी कांवड़ तो कभी किसी अन्य त्योहार के जरिये शक्ति प्रदर्शन की कई बार कोशिश कर चुका था। मगर शिवसेना में उसको लेकर हमेशा विरोधाभास बना रहा है। पंकज जहां खुद को जिला प्रमुख कहता था, दूसरे धड़े ने उसके खिलाफ प्रेसवार्ता कर फर्जी घोषित कर दिया था। वहीं, पंकज के साथी जितेंद्र और अविनाश खुद हिंदू युवा वाहिनी का पदाधिकारी बताकर रौब जमाते थे। जुलूसों में नंगी तलवारें लेकर चलना, दफ्तरों में जाकर धौंस दिखाना और विवादित संपत्तियों में दखल देना ही पंकज का काम था, जिसके लिए वह नेताओं के आसपास चक्कर काटता रहता था।
विज्ञापन