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जेल से रिहाई के बाद कैफी ने दी दरगाह पर हाजिरी
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कमलेश तिवारी के हत्यारोपियों की मदद के आरोप में एटीएस ने किया था गिरफ्तार
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बरेली। लखनऊ में हिंदू महासभा नेता कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपियों की बरेली आने पर मदद करने के आरोप में गिरफ्तार सैयद मोहम्मद कैफी को कोर्ट से जमानत मिल गई। बुधवार को बरेली पहुंचते ही उसने सबसे पहले दरगाह आला हजरत और दरगाह ताजुश्शरिया पर हाजिरी दी। बाद में वह जानशीन ताजुश्शरिया मुफ्ती असजद रजा खां कादरी से मिलने दरगाह स्थित दारुल इफ्ता पहुंचा।
मोहम्मद कैफी लखनऊ जेल में बंद था। मंगलवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद उसे रिहा करने का आदेश दिया था। अदालत का परवाना पहुंचने के बाद जेलर ने रात होने की वजह से रिहाई नहीं की। बुधवार सुबह रिहाई होने पर कैफी अपने परिजन के साथ बरेली पहुंचा। उसे लेने के लिए उसकी मां और मामू के अलावा परिवार के और लोग भी गए थे। कैफी के मामू इशरत रजा ने उसे बेकसूर बताया। कहा, जमात के लोगों खासतौर से असजद मियां की मदद से वह जेल से छूट पाया।
मोहम्मद कैफी लखनऊ जेल में बंद था। मंगलवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद उसे रिहा करने का आदेश दिया था। अदालत का परवाना पहुंचने के बाद जेलर ने रात होने की वजह से रिहाई नहीं की। बुधवार सुबह रिहाई होने पर कैफी अपने परिजन के साथ बरेली पहुंचा। उसे लेने के लिए उसकी मां और मामू के अलावा परिवार के और लोग भी गए थे। कैफी के मामू इशरत रजा ने उसे बेकसूर बताया। कहा, जमात के लोगों खासतौर से असजद मियां की मदद से वह जेल से छूट पाया।
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