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साधना कक्ष से कक्षा तक स्वामी और छात्रा के संबंधों पर की तहकीकात
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स्वामी चिन्मयानंद
- फोटो : सोशल मीडिया
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भले ही स्वामी चिन्मयानंद से एसआईटी की बात न हो पाई हो। लेकिन टीम के सदस्यों ने एसएस लॉ कालेज के चपरासी से लेकर प्राचार्य तक स्वामी चिन्यमयानंद और छात्रा प्रकरण पर बात मामले की तह में जाने की कोशिश की। एसआईटी ने एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य संजय बरनवाल और एलएलएम के छात्र-छात्राओं से छात्रा के संबंध में विस्तार से पूछताछ की।
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आईजी नवीन अरोड़ा के नेतृत्व में शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे एसआईटी एसएस कॉलेज पहुंची। यहां टीम दो भागों में बंट गई। आईजी नवीन अरोड़ा के साथ टीम के कुछ सदस्य कॉलेज परिसर में ही बने स्वामी के आश्रम में पहुंच गए और टीम के कुछ सदस्य एसएसपी रैंक की अधिकारी भारती सिंह के साथ एसएस लॉ कॉलेज पहुंच गई। टीम ने आश्रम की देखभाल करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की। यहां पर एसएस कॉलेज के प्राचार्य अवनीश मिश्रा भी मौजूद थे। यहां से निकलकर पूरी टीम एक साथ एसएसल लॉ कॉलेज पहुंची और यहां एलएलएम की कक्षाओं को देखने के साथ ही अध्ययनरत विद्यार्थियों से भी स्वामी व छात्रा के बारे में जानकारी की।
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जांच टीम ने छात्रावास में भी छात्रा के बारे में अन्य छात्राओं व वॉर्डन से जानकारी की। टीम यहां डेढ़ घंटे से अधिक समय तक रही। यहां पूरी पड़ताल करने के बाद टीम सीधे पीड़ित छात्रा के घर पहुंची। दूसरी मंजिल पर बने छात्रा के कमरे में ताला लगा था, क्योंकि छात्रा और उसके माता-पिता व छोटे भाई-बहन अभी दिल्ली में हैं। आईजी नवीन अरोड़ा ने छात्रा के तहेरे भाई से छात्रा और उसके परिवार के बारे में जानकारी की और यहां करीब 20 मिनट में पड़ताल कर टीम पुलिस लाइन स्थित कैंप कार्यालय लौट गई।
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शाहजहांपुर। एसएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्रा ने बताया गया कि स्वामी जी का हरिद्वार जाने का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। शनिवार वहां एक संत के निर्वाण दिवस पर कार्यक्रम होना था। इस कारण वे सुबह ही रवाना हो गए थे।
आश्रम गेट पर ड्यूटी पर मौजूद गार्ड से एसआईटी की सदस्य भारती सिंह ने सवाल जवाब किए। उससे पूछा कि तुम यहां कब से हो, तो उसने बताया कि वह वर्ष 2012 से है और गार्ड की ड्यूटी उसे दो तारीख से मिली है। इस पर उससे अन्य गार्डों के नाम, पते व मोबाइल नंबर भी नोट किए।