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यूपी: ग्राम विकास अधिकारी को नेता कर रहे थे परेशान, फंदा लगाकर दी जान
Fri, 06 Sep 2019 08:48 AM IST
बरेली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2019 08:48 AM IST
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फांसी
- फोटो : social media
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गोला ब्लॉक में तैनात एक ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) ने यहां शहर की शिवसागर कॉलोनी स्थित अपने मकान के कमरे में पंखे में फंदा डालने के बाद उससे लटककर जान दे दी। कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें वीडीओ ने अपनी मौत का जिम्मेदार एक भाकियू नेता और अपनी दो ग्राम पंचायतों के प्रधानों में से एक के पुत्र और दूसरे के पति को जिम्मेदार ठहराया है। उन तीनों पर सरेआम गलत व्यवहार करने का आरोप है। पुलिस ने भाकियू नेता को हिरासत में ले लिया है।
खुदकुशी करने वाले वीडीओ त्रिवेंद्र कुमार (23) मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले थे। वह यहां अपने बड़े भाई जितेंद्र और भाभी के साथ शिवसागर कॉलोनी में रहते थे। उन पर रसूलपुर और देवरिया गांव का प्रभार था। भाई जितेंद्र ने बताया कि त्रिवेंद्र कुमार बुधवार शाम जब गोला ब्लॉक से ड्यूटी से लौटे तो परेशान थे।
रात करीब साढ़े नौ बजे खाना खाते वक्त बताया था कि उन्हें भाकियू के कुछ नेता और प्रधान परेशान करते हैं, गालियां देते हैं। ऐसी ही बात पहले भी भाई को त्रिवेंद्र एक बार बता चुके थे, फिर वही बात बताने पर उन्होंने परेशानी देखते हुए काफी समझाया। इसके बाद वह कुछ शांत दिखे और सोने के लिए छत पर बने कमरे में चले गए। उसी कमरे में त्रिवेंद्र ने पंखे में फंदा डालकर उससे लटककर जान दे दी।
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सुबह जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकले तो आशंका होने पर भाई-भाभी ने जाकर देखा। उन्होंने त्रिवेंद्र को प्लास्टिक की रस्सी के फंदे से लटका हुआ पाया। पास में एक सुसाइड नोट रखा था। इसे पढ़ने के बाद भाई जितेंद्र ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पिता कोमल प्रसाद की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की तहरीर दी गई है।
इनमें भाकियू (लोकतांत्रिक) के गोला ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष महेश, रसूलपुर की प्रधान के पति और देवरिया के प्रधान का पुत्र पप्पू के अलावा छह अन्य शामिल हैं। इस बीच पुलिस ने भाकियू नेता महेश को हिरासत में ले लिया है। त्रिवेंद्र का बुधवार रात पोस्टमार्टम कराया गया।
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खुदकुशी करने वाले वीडीओ त्रिवेंद्र कुमार (23) मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले थे। वह यहां अपने बड़े भाई जितेंद्र और भाभी के साथ शिवसागर कॉलोनी में रहते थे। उन पर रसूलपुर और देवरिया गांव का प्रभार था। भाई जितेंद्र ने बताया कि त्रिवेंद्र कुमार बुधवार शाम जब गोला ब्लॉक से ड्यूटी से लौटे तो परेशान थे।
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रात करीब साढ़े नौ बजे खाना खाते वक्त बताया था कि उन्हें भाकियू के कुछ नेता और प्रधान परेशान करते हैं, गालियां देते हैं। ऐसी ही बात पहले भी भाई को त्रिवेंद्र एक बार बता चुके थे, फिर वही बात बताने पर उन्होंने परेशानी देखते हुए काफी समझाया। इसके बाद वह कुछ शांत दिखे और सोने के लिए छत पर बने कमरे में चले गए। उसी कमरे में त्रिवेंद्र ने पंखे में फंदा डालकर उससे लटककर जान दे दी।
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सुबह जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकले तो आशंका होने पर भाई-भाभी ने जाकर देखा। उन्होंने त्रिवेंद्र को प्लास्टिक की रस्सी के फंदे से लटका हुआ पाया। पास में एक सुसाइड नोट रखा था। इसे पढ़ने के बाद भाई जितेंद्र ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पिता कोमल प्रसाद की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की तहरीर दी गई है।
इनमें भाकियू (लोकतांत्रिक) के गोला ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष महेश, रसूलपुर की प्रधान के पति और देवरिया के प्रधान का पुत्र पप्पू के अलावा छह अन्य शामिल हैं। इस बीच पुलिस ने भाकियू नेता महेश को हिरासत में ले लिया है। त्रिवेंद्र का बुधवार रात पोस्टमार्टम कराया गया।
पिता के नाम यह लिखा सुसाइड नोट
पापा जी प्रणाम, मैं त्रिवेंद्र कुमार ग्राम विकास अधिकारी के पद पर पोस्ट हूं। किसान यूनियन नेता और प्रधानों के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा हूं। इससे मैं बहुत ही परेशान हूं। मुझे गाली दी जाती हैं और आरक्षण को लेकर बुरा-भला बोला जाता है। मैं अपनी जिंदगी से परेशान हो गया हूं। मैं अपने परिवार को बहुत प्यार करता हूं। ब्लॉक पर मेरा मजाक बनाया जाता है।
अगर मुझे कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार सिर्फ किसान यूनियन पार्टी अध्यक्ष, रसूलपुर प्रधान, देवरिया प्रधान पुत्र पप्पू ही हैं। मुझे दिमागी रूप से भाकियू नेता प्रधान प्रताड़ित करते हैं। मैं अपने आप से विफल हो गया हूं। मेरे मरने के बाद मेरे परिवार को कोई भी परेशान नहीं करेगा। मैं अपने स्वयं की इच्छा से मरने जा रहा हूं। परंतु मेरे मर जाने के बाद पार्टी अध्यक्ष, प्रधानों को सजा मिले। ताकि किसी और को परेशान न कर सकें। -आपका बेटा त्रिवेंद कुमार।
व्हाट्सएप पर पोस्ट डालकर करते थे परेशान
वीडीओ त्रिवेंद्र कुमार के भाई जितेेंद्र कुमार ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के कुछ नेता और प्रधान व्हाट्सएप ग्रुपों और भाई के व्यक्तिगत नंबर पर गलत शब्दों का इस्तेमाल करते थे पोस्ट डालते थे। जाति सूचक शब्द भी कहते थे। जब भाई विरोध करता था यह कहकर धमकाया जाता था कि नौकरी कैसी की जाती है, यह अच्छी तरह सिखा देंगे।
नवंबर में होने वाली थी त्रिवेंद्र की शादी
जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह लोग मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उनके पिता कोमल प्रसाद बेसिक शिक्षा विभाग के रिटायर अध्यापक थे और अब घर पर ही दुकान चलाते हैं। पिता परिवार के बाकी लोगों के साथ वहीं रहते हैं। लखीमपुर खीरी की शिवसागर कॉलोनी में पिता ने करीब 20 साल पहले मकान बनवाया था। इस मकान में वह और उनका भाई त्रिवेंद्र ही रहता था। त्रिवेंद्र अविवाहित था। उसकी शादी नवंबर में होनी थी।
अगर मुझे कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार सिर्फ किसान यूनियन पार्टी अध्यक्ष, रसूलपुर प्रधान, देवरिया प्रधान पुत्र पप्पू ही हैं। मुझे दिमागी रूप से भाकियू नेता प्रधान प्रताड़ित करते हैं। मैं अपने आप से विफल हो गया हूं। मेरे मरने के बाद मेरे परिवार को कोई भी परेशान नहीं करेगा। मैं अपने स्वयं की इच्छा से मरने जा रहा हूं। परंतु मेरे मर जाने के बाद पार्टी अध्यक्ष, प्रधानों को सजा मिले। ताकि किसी और को परेशान न कर सकें। -आपका बेटा त्रिवेंद कुमार।
व्हाट्सएप पर पोस्ट डालकर करते थे परेशान
वीडीओ त्रिवेंद्र कुमार के भाई जितेेंद्र कुमार ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के कुछ नेता और प्रधान व्हाट्सएप ग्रुपों और भाई के व्यक्तिगत नंबर पर गलत शब्दों का इस्तेमाल करते थे पोस्ट डालते थे। जाति सूचक शब्द भी कहते थे। जब भाई विरोध करता था यह कहकर धमकाया जाता था कि नौकरी कैसी की जाती है, यह अच्छी तरह सिखा देंगे।
नवंबर में होने वाली थी त्रिवेंद्र की शादी
जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह लोग मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उनके पिता कोमल प्रसाद बेसिक शिक्षा विभाग के रिटायर अध्यापक थे और अब घर पर ही दुकान चलाते हैं। पिता परिवार के बाकी लोगों के साथ वहीं रहते हैं। लखीमपुर खीरी की शिवसागर कॉलोनी में पिता ने करीब 20 साल पहले मकान बनवाया था। इस मकान में वह और उनका भाई त्रिवेंद्र ही रहता था। त्रिवेंद्र अविवाहित था। उसकी शादी नवंबर में होनी थी।