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उपभोक्ता आयोग ने निजी अस्पताल पर किया 6.5 लाख का जुर्माना
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बरेली। रीढ़ का का गलत ऑपरेशन करने के प्रकरण में पीड़ित को उपभोक्ता आयोग से करीब तीन साल बाद न्याय मिला है। एक निजी अस्पताल के खिलाफ दायर दो अलग-अलग मामलों में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने करीब 6.5 लाख रुपये का जुर्माना किया है। माह भर में जुर्माना राशि का भुगतान न करने पर नौ प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा।
देवरनिया क्षेत्र के गांव मुडिया जागीर के रहने वाले हारुल और गुलशफा का आरोप था कि साल 2018 में उन्होंने रीढ़ की हड्डी की नस दबी होने पर प्रसाद न्यूरोस्पाइन एंडोस्कोपी सेंटर में डॉ. ओपी प्रसाद से सर्जरी कराई थी। ऑपरेशन के बाद भी लाभ नहीं हुआ। ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही से तकलीफ और बढ़ गई। चलना-फिरना भी दूभर हो गया तो वे पीलीभीत बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे। वहां भी ऑपरेशन कराया पर कोई फायदा नहीं हुआ। आखिर में उपभोक्ता आयोग में वाद दर्ज किया।
आयोग के अध्यक्ष दीपक कुमार त्रिपाठी, सदस्य दिनेश कुमार गुप्ता, सदस्य कुसुम सिंह ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। आयोग के तकनीकी सहायक सौरभ ने बताया के हारुल के लिए क्षतिपूर्ति के तौर पर न्यूरोस्पाइन एंडोस्कोपी सेंटर प्रबंधन को 121981 रुपये, शारीरिक, मानसिक पीड़ा के लिए 2.5 लाख, वाद व्यय के पांच हजार रुपये देने को कहा गया है। गुलशफा के मामले में 26379 रुपये क्षतिपूर्ति, शारीरिक और मानसिक पीड़ा के 2.5 लाख रुपये, पांच हजार वाद व्यय का जुर्माना लगाया है।
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देवरनिया क्षेत्र के गांव मुडिया जागीर के रहने वाले हारुल और गुलशफा का आरोप था कि साल 2018 में उन्होंने रीढ़ की हड्डी की नस दबी होने पर प्रसाद न्यूरोस्पाइन एंडोस्कोपी सेंटर में डॉ. ओपी प्रसाद से सर्जरी कराई थी। ऑपरेशन के बाद भी लाभ नहीं हुआ। ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही से तकलीफ और बढ़ गई। चलना-फिरना भी दूभर हो गया तो वे पीलीभीत बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे। वहां भी ऑपरेशन कराया पर कोई फायदा नहीं हुआ। आखिर में उपभोक्ता आयोग में वाद दर्ज किया।
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आयोग के अध्यक्ष दीपक कुमार त्रिपाठी, सदस्य दिनेश कुमार गुप्ता, सदस्य कुसुम सिंह ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। आयोग के तकनीकी सहायक सौरभ ने बताया के हारुल के लिए क्षतिपूर्ति के तौर पर न्यूरोस्पाइन एंडोस्कोपी सेंटर प्रबंधन को 121981 रुपये, शारीरिक, मानसिक पीड़ा के लिए 2.5 लाख, वाद व्यय के पांच हजार रुपये देने को कहा गया है। गुलशफा के मामले में 26379 रुपये क्षतिपूर्ति, शारीरिक और मानसिक पीड़ा के 2.5 लाख रुपये, पांच हजार वाद व्यय का जुर्माना लगाया है।
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