लोकसभा चुनाव: यहां कांग्रेस और भाजपा ने आठ-आठ बार लहराया जीत का परचम; पढ़ें इस सीट का चुनावी इतिहास
बरेली लोकसभा सीट पर शुरुआत में कांग्रेस का वर्चस्व रहा था, अब भाजपा का गढ़ है। अब तक हुए लोकसभा चुनावों में आठ बार कांग्रेस तो इतनी ही बार भाजपा जीत चुकी है। बीते तीन दशक में सपा-बसपा ने भी उम्मीदवार उतारे लेकिन जीत नसीब नहीं हुई।
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समय के साथ सियासी तासीर में बदलाव आम बात है। बरेली लोकसभा सीट भी इससे अछूती नहीं। यहां शुरुआत में कांग्रेस का वर्चस्व रहा था, अब भाजपा का गढ़ है। बीच-बीच में यहां से जनता पार्टी, लोक दल, जनसंघ के प्रत्याशी भी चुनाव जीतकर संसद पहुंचे, लेकिन सपा-बसपा की झोली अब तक खाली है। उनको इस सीट पर पहली जीत का इंतजार है। चुनाव आयोग की वेबसाइट से प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 1962 के लोकसभा चुनाव में बरेली संसदीय क्षेत्र से जनसंघ से बृजराज सिंह सांसद बने थे।
वर्ष 1967 में यहां से एक बार फिर जनसंघ के प्रत्याशी बृज भूषण लाल ने जीत दर्ज की। वर्ष 1977 में भारतीय लोक दल के राम मूर्ति सांसद बने। वर्ष 1980 में जनता पार्टी के टिकट पर मिसर यार खान सांसद बने। बीते तीन दशक में सपा-बसपा ने भी उम्मीदवार उतारे पर जीत नसीब नहीं हुई।
वर्ष 1952 में चार भागों में बंटा था संसदीय क्षेत्र
बरेली लोकसभा सीट वर्ष 1952 में चार भागों में विभाजित थी। नैनीताल, अल्मोड़ा जिले को मिलाकर बरेली दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र से सीडी पांडे, बरेली दक्षिण से सतीश चंद्रा, पीलीभीत-बरेली पूर्व से मुकुंद लाल अग्रवाल, रामपुर-बरेली पश्चिम से अबुल कलाम आजाद विजेता बने थे। यह सभी उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी के थे। उस दौरान कांग्रेस पार्टी का ही दबदबा था। वर्ष 1984 में भी कांग्रेस से आबिदा परवीन सांसद चुनी गई थीं।
लगातार जीत रहे संतोष को कांग्रेस ने दी थी शिकस्त
वर्ष 1989 में भारतीय जनता पार्टी से पहली बार संतोष गंगवार विजेता बने। इसके बाद वर्ष 1991, 1996, 1998, 1999, 2004 तक संतोष काबिज रहे। वर्ष 2009 में कांग्रेस के प्रवीण सिंह ऐरन ने संतोष से यह सीट झटक ली थी। वर्ष 2014 और 2019 में भाजपा के टिकट पर संतोष ने फिर से जीत का परचम लहराया था।
इस बार बसपा प्रत्याशी घोषित होने का अब तक हो रहा इंतजार
अबकी बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा गठबंधन की ओर से सपा ने प्रवीण सिंह ऐरन को प्रत्याशी घोषित किया है। काफी असमंजस के बाद भाजपा ने भी अपना रुख साफ करते हुए पूर्व मंत्री छत्रपाल गंगवार को उम्मीदवार बनाया है। बहुजन समाज पार्टी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। आंवला संसदीय सीट से भाजपा ने धर्मेंद्र कश्यप, सपा ने नीरज मौर्य, बसपा ने आबिद अली को प्रत्याशी बनाया है।