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आओ, गौरैया को विलुप्त होने से बचाएं
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 21 Mar 2016 01:37 AM IST
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गौरेया संरक्षण
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विश्व गौरेया दिवस पर सेक्रेड हार्ट्स सीनियर सेकेंड्री स्कूल प्रीएनसी से केजी तक के विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह आयोजित कराया। कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि कर्नल उपासना ठाकुर ने किया। समारोह में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। जिसमें मुख्य रूप से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए गैरैया को बचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य रणवीर सिंह रावत ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में स्कूल निदेशिका राधा सिंह, एकेडमिक डायरेक्टर निर्भय बेनीवाल मौजूद रहे।
‘आओ, गौरैया को विलुप्त होने से बचाएं, छोटी सी जरूरत दाना पानी घर दिलाएं’। विश्व गौरैया दिवस पर बरेली विकास प्राधिकरण ने गौरैया के संरक्षण के लिए छात्र-छात्राओं की प्रतियोगिताएं आयोजित कर घोसले बांटे। प्रतियोगिताओं के माध्यम से गौरैया के संरक्षण की जागरूकता का संदेश दिया गया। संजय कम्यूनिटी हाल में बीडीए की ओर से रविवार को पोस्टर, कविता और फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें 34 विद्यालयों के एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। पोस्टर प्रतियोगिता में तीन ग्रुप बनाए गए। कक्षा एक से पांच, छह से आठ और नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने गौरैया और पिंजड़े के चित्र बनाए। एक से पांच ग्रुप में मानू शर्मा प्रथम, हर्षिका पंत द्वितीय, हिमानी भसीन तृतीय, छह से आठ ग्रुप में सिद्धार्थ कुमार प्रथम, विकास यादव द्वितीय और सिद्धि मिश्रा तृतीय, नौ से इंटरमीडिएट ग्रुप में प्रियंका अग्रवाल, नैना फातिमा और अमन अग्रवाल क्रमश : प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। कविता पाठ में आरती गंगवार प्रथम, श्वेता त्रिवेदी द्वितीय और यथार्थ आनंद को तृतीय स्थान मिला। प्रोफेशनल फोटोग्राफी में सत्यपाल सिंह, रोहित उमराव और वारुल मयंक अमेचर फोटोग्राफी में सचिन कुमार, देवेश कुमार और माधुली गुप्ता को पुरस्कृत किया गया। समाजसेवी जेसी पालीवाल और डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रथम तीन प्रतिभागियों का चयन किया। विजेताओं को मुख्य अतिथि डीआईजी आशुतोष कुमार ने पुरस्कृत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बचपन में वह गौरैया को घरों में घोसला बनाते देखते थे। आधुनिकता की दौड़ में गौरैया हमारे बीच से विलुप्त होने लगी। इस नन्हीं चिड़िया को बचाने के लिए सबको आगे आना होगा। बीडीए उपाध्यक्ष डा. शशांक विक्रम सिंह ने गौरैया संरक्षण के लिए जन जागरूकता की जरूरत बताई। कार्यक्रम में सचिव गरिमा यादव, चीफ इंजीनियर अजय सिंह, एक्सईएन पीपी सिंह, आईवीआरआई वैज्ञानिक डा. जगमोहन सिंह, डीआईओएस गजेंद्र कुमार आदि शामिल थे।
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‘आओ, गौरैया को विलुप्त होने से बचाएं, छोटी सी जरूरत दाना पानी घर दिलाएं’। विश्व गौरैया दिवस पर बरेली विकास प्राधिकरण ने गौरैया के संरक्षण के लिए छात्र-छात्राओं की प्रतियोगिताएं आयोजित कर घोसले बांटे। प्रतियोगिताओं के माध्यम से गौरैया के संरक्षण की जागरूकता का संदेश दिया गया। संजय कम्यूनिटी हाल में बीडीए की ओर से रविवार को पोस्टर, कविता और फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें 34 विद्यालयों के एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। पोस्टर प्रतियोगिता में तीन ग्रुप बनाए गए। कक्षा एक से पांच, छह से आठ और नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने गौरैया और पिंजड़े के चित्र बनाए। एक से पांच ग्रुप में मानू शर्मा प्रथम, हर्षिका पंत द्वितीय, हिमानी भसीन तृतीय, छह से आठ ग्रुप में सिद्धार्थ कुमार प्रथम, विकास यादव द्वितीय और सिद्धि मिश्रा तृतीय, नौ से इंटरमीडिएट ग्रुप में प्रियंका अग्रवाल, नैना फातिमा और अमन अग्रवाल क्रमश : प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। कविता पाठ में आरती गंगवार प्रथम, श्वेता त्रिवेदी द्वितीय और यथार्थ आनंद को तृतीय स्थान मिला। प्रोफेशनल फोटोग्राफी में सत्यपाल सिंह, रोहित उमराव और वारुल मयंक अमेचर फोटोग्राफी में सचिन कुमार, देवेश कुमार और माधुली गुप्ता को पुरस्कृत किया गया। समाजसेवी जेसी पालीवाल और डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रथम तीन प्रतिभागियों का चयन किया। विजेताओं को मुख्य अतिथि डीआईजी आशुतोष कुमार ने पुरस्कृत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बचपन में वह गौरैया को घरों में घोसला बनाते देखते थे। आधुनिकता की दौड़ में गौरैया हमारे बीच से विलुप्त होने लगी। इस नन्हीं चिड़िया को बचाने के लिए सबको आगे आना होगा। बीडीए उपाध्यक्ष डा. शशांक विक्रम सिंह ने गौरैया संरक्षण के लिए जन जागरूकता की जरूरत बताई। कार्यक्रम में सचिव गरिमा यादव, चीफ इंजीनियर अजय सिंह, एक्सईएन पीपी सिंह, आईवीआरआई वैज्ञानिक डा. जगमोहन सिंह, डीआईओएस गजेंद्र कुमार आदि शामिल थे।
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