{"_id":"62b4b15124fba35a346d3a7d","slug":"claims-to-make-village-secretariat-smart-no-computer-facilities-bareilly-news-bly4892402114","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंप्यूटर तक है नहीं...दावा ग्राम पंचायत को स्मार्ट बनाने का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंप्यूटर तक है नहीं...दावा ग्राम पंचायत को स्मार्ट बनाने का
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। न ग्राम पंचायत अधिकारियों के मिलने का दिन तय हो सका है और न ही इंटरनेट की सुविधा के साथ सभी ग्राम पंचायतों में कंप्यूटर और प्रिंटर लग पाए हैं। जन सेवा केंद्र का संचालन कहीं भी शुरू नहीं हो सका है। कुछेक ग्राम पंचायत सचिवालयों पर जाकर जमीनी हकीकत देखी तो यह हालात सामने आए। सही तरीके से किसी भी सचिवालय में जनसुविधाएं नहीं मिल रहीं थीं। अधिकतर ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय चालू नहीं हो सके हैं जबकि शासन ने पहली जून से ग्राम सचिवालय संचालित करने के आदेश दिए हैं।
सरकारी दावों पर यकीन करें तो जिले में 720 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बनाए गए हैं, लेकिन इन सभी को अभी तक शुरू नहीं किया जा सका। जो शुरू किए उनमें भी आधारभूत सुविधाएं नहीं। एक तरफ दावा स्मार्ट सचिवालय बनाने का किया जा रहा है, लेकिन हकीकत ये है कि अधिकतर जगह कंप्यूटर और प्रिंटर तक की सुविधा नहीं है। जिले में शुक्रवार को 489 ग्राम सचिवालयों को शुरू किया गया। बाकी 231 अब भी बदहाल पड़े हैं। दावा किया जा रहा था कि पहली जून में जिले के सभी ग्राम सचिवालयों को शुरू करा दिया जाएगा। ग्राम सचिवालय पर हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा, वाईफाई की सुविधा, इसके अलावा डिजिटल कार्यों को बढ़ावा देना आदि शामिल था लेकिन धरातल पर कुछ नजर नहीं आता। इस संबंध में प्रभारी डीपीआरओ का कहना है कि अभी काम प्रक्रिया में है। आने वाले दिनों में बदलाव दिखेगा।
सभी विभागों के ग्राम स्तरीय कर्मचारी नहीं बैठते
बीसलपुर के गांव भंसूड़ा के पंचायत घर में अभी कंप्यूटर और प्रिंटर अभी नहीं लगाया है। जिस वजह से पंचायत सचिवालय से होने वाले तमाम कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अन्य सुविधाएं भी मौजूद नहीं है। पंचायत घर परिसर में साफ सफाई की भी दिक्कत दिखी। ड्यूटी पर तैनात पंचायत सहायक विद्या देवी ने बताया कि पंचायत घर में पंचायत विभाग के अलावा अन्य किसी भी विभाग का कोई कर्मचारी नहीं आता है। जबकि दूसरे विभागों के ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को भी उपलब्ध रहना चाहिए।
विज्ञापन
चौरसा पंचायत घर में भी मूलभूत सुविधाएं नहीं
बीसलपुर के गांव चौसरा के पंचायत घर में आधारभूत सुविधाएं नहीं हें। यहां भी कंप्यूटर और प्रिंटर शुरू नहीं हुआ। पंचायत सहायक ने बताया कि पंचायत विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अक्सर आते हैं, लेकिन अन्य किसी भी विभाग का अधिकारी कर्मचारी नहीं आता। पंचायत घर के द्वार पर सहायक विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी का नाम गलत लिखा था। पंचायत घर परिसर में ग्रामीणों के उपयोग के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं हैं।
नवदिया सुखदासपुर में पंचायत घर के लिए नहीं बना भवन
माधोटांडा के नवदिया सुखदासपुर गांव में पंचायत घर न होने से राजीव गांधी केंद्र में ही पंचायत के कार्य निपटाए जा रहे हैं। यहां न तो इंटरनेट की सुविधा हैं और न ही अन्य जन सुविधा। ग्रामीण कार्य के लिए आते हैं तो उनको परेशान होना पड़ता है। भवन जल्दी बनवाए जाने की मांग ग्रामीणों ने की है।
जमुनिया खास में ग्राम सचिवालय का शुरू नहीं हो सका संचालन
कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव जमुनिया खास में पंचायत घर बना है लेकिन शासन के आदेश का पालन होता दिखाई नहीं दिया। शुक्रवार को दोपहर दो बजे पंचायत घर बंद मिला। ताले पड़ गए न तो इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध मिली और न ही जन सुविधा केंद्र शुरू हो सका।
489 ग्राम सचिवालय शुरू हो गए हैं। बाकी का काम चल रहा है। इनके लिए उपकरण और अन्य सामान आ गया है। इन सचिवालयों को भी जल्द शुरू कराया जाएगा। पंचायत सहायकों के लिए रोस्टर व्यवस्था भी लागू कर दी गई है। -प्रमोद यादव, प्रभारी डीपीआरओ
पंचायत सचिवालय में क्या क्या होना चाहिए
- जनसेवा केंद्र का संचालन कराया जाए ताकि लोगों के जरूरी काम हो सकें
- ग्राम स्तर के लेनदेन और ग्राम पंचायत के कार्य करने के लिए कंप्यूटर और प्रिंटर लगवाए जाएं
- प्रत्येक ग्राम सचिवालय में सचिव 10-12 बजे तक सचिव, ग्राम प्रधान पंचायत सचिवालय में बैठें
- राजस्व कर्मचारी और अन्य विभागों के ग्राम स्तरीय कर्मचारी भी अपने बैठने का समय निश्चित करें
720 ग्राम पंचायतों के लिए सिर्फ 87 सचिव सेवारत
56 ग्राम पंचायतों में नहीं हो सकी है पंचायत सहायकों की तैनाती
पंचायत सहायकों के रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी जल्दी
विज्ञापन
सरकारी दावों पर यकीन करें तो जिले में 720 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बनाए गए हैं, लेकिन इन सभी को अभी तक शुरू नहीं किया जा सका। जो शुरू किए उनमें भी आधारभूत सुविधाएं नहीं। एक तरफ दावा स्मार्ट सचिवालय बनाने का किया जा रहा है, लेकिन हकीकत ये है कि अधिकतर जगह कंप्यूटर और प्रिंटर तक की सुविधा नहीं है। जिले में शुक्रवार को 489 ग्राम सचिवालयों को शुरू किया गया। बाकी 231 अब भी बदहाल पड़े हैं। दावा किया जा रहा था कि पहली जून में जिले के सभी ग्राम सचिवालयों को शुरू करा दिया जाएगा। ग्राम सचिवालय पर हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा, वाईफाई की सुविधा, इसके अलावा डिजिटल कार्यों को बढ़ावा देना आदि शामिल था लेकिन धरातल पर कुछ नजर नहीं आता। इस संबंध में प्रभारी डीपीआरओ का कहना है कि अभी काम प्रक्रिया में है। आने वाले दिनों में बदलाव दिखेगा।
विज्ञापन
सभी विभागों के ग्राम स्तरीय कर्मचारी नहीं बैठते
बीसलपुर के गांव भंसूड़ा के पंचायत घर में अभी कंप्यूटर और प्रिंटर अभी नहीं लगाया है। जिस वजह से पंचायत सचिवालय से होने वाले तमाम कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अन्य सुविधाएं भी मौजूद नहीं है। पंचायत घर परिसर में साफ सफाई की भी दिक्कत दिखी। ड्यूटी पर तैनात पंचायत सहायक विद्या देवी ने बताया कि पंचायत घर में पंचायत विभाग के अलावा अन्य किसी भी विभाग का कोई कर्मचारी नहीं आता है। जबकि दूसरे विभागों के ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को भी उपलब्ध रहना चाहिए।
विज्ञापन
चौरसा पंचायत घर में भी मूलभूत सुविधाएं नहीं
बीसलपुर के गांव चौसरा के पंचायत घर में आधारभूत सुविधाएं नहीं हें। यहां भी कंप्यूटर और प्रिंटर शुरू नहीं हुआ। पंचायत सहायक ने बताया कि पंचायत विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अक्सर आते हैं, लेकिन अन्य किसी भी विभाग का अधिकारी कर्मचारी नहीं आता। पंचायत घर के द्वार पर सहायक विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी का नाम गलत लिखा था। पंचायत घर परिसर में ग्रामीणों के उपयोग के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं हैं।
नवदिया सुखदासपुर में पंचायत घर के लिए नहीं बना भवन
माधोटांडा के नवदिया सुखदासपुर गांव में पंचायत घर न होने से राजीव गांधी केंद्र में ही पंचायत के कार्य निपटाए जा रहे हैं। यहां न तो इंटरनेट की सुविधा हैं और न ही अन्य जन सुविधा। ग्रामीण कार्य के लिए आते हैं तो उनको परेशान होना पड़ता है। भवन जल्दी बनवाए जाने की मांग ग्रामीणों ने की है।
जमुनिया खास में ग्राम सचिवालय का शुरू नहीं हो सका संचालन
कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव जमुनिया खास में पंचायत घर बना है लेकिन शासन के आदेश का पालन होता दिखाई नहीं दिया। शुक्रवार को दोपहर दो बजे पंचायत घर बंद मिला। ताले पड़ गए न तो इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध मिली और न ही जन सुविधा केंद्र शुरू हो सका।
489 ग्राम सचिवालय शुरू हो गए हैं। बाकी का काम चल रहा है। इनके लिए उपकरण और अन्य सामान आ गया है। इन सचिवालयों को भी जल्द शुरू कराया जाएगा। पंचायत सहायकों के लिए रोस्टर व्यवस्था भी लागू कर दी गई है। -प्रमोद यादव, प्रभारी डीपीआरओ
पंचायत सचिवालय में क्या क्या होना चाहिए
- जनसेवा केंद्र का संचालन कराया जाए ताकि लोगों के जरूरी काम हो सकें
- ग्राम स्तर के लेनदेन और ग्राम पंचायत के कार्य करने के लिए कंप्यूटर और प्रिंटर लगवाए जाएं
- प्रत्येक ग्राम सचिवालय में सचिव 10-12 बजे तक सचिव, ग्राम प्रधान पंचायत सचिवालय में बैठें
- राजस्व कर्मचारी और अन्य विभागों के ग्राम स्तरीय कर्मचारी भी अपने बैठने का समय निश्चित करें
720 ग्राम पंचायतों के लिए सिर्फ 87 सचिव सेवारत
56 ग्राम पंचायतों में नहीं हो सकी है पंचायत सहायकों की तैनाती
पंचायत सहायकों के रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी जल्दी