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पाइपलाइन डालने के बाद भी सड़क पर कब्जा
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बरेली। श्यामगंज रोड पर जल निगम ने मालियों की पुलिया से इसाइयों की पुलिया के बीच सेंट्रल सीवर लाइन बिछा दी है। लेकिन काम के बाद बाकी बचा सामान सड़क पर ही छोड़ दिया। न तो यह सामान हटाया गया है और न ही सड़क की मरम्मत हुई है। जिसके चलते हादसे की आशंका बनी हुई है। वहीं, धूल-मिट्टी उड़ने से आसपास के व्यापारी परेशान हैं।
शहर में 54.85 करोड़ रुपये की लागत से 12.74 किमी. लंबी सेंट्रल सीवर लाइन बिछाई जानी है। 26 अगस्त को केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार और मेयर उमेश गौतम ने इसाइयों की पुलिया से इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था। इसाइयों की पुलिया से मालियों की पुलिया के बीच करीब महीने भर पहले पाइपलाइन डालने का काम पूरा हो चुका है। मगर बाकी बचे पाइप और ट्रैफिक रोकने के स्टॉपर अब तक यहीं पड़े हुए हैं। आधी सड़क इस सामान से ही घिरी हुई है, जिसके चलते यहां जाम लग रहा है और लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। वहीं, सड़क खुदी होने के चलते यहां मिट्टी भी पड़ी है, जो उड़कर दुकानों में पहुंच रही है। इससे यहां के व्यापारी भी परेशान हैं। उनका कहना है कि सीवर लाइन डालने का ठेका लेने वाली कंपनी को उनकी दिक्कतों का कोई ख्याल नहीं है।
कालाबाड़ी रोड पर गड्ढा तक ठीक से नहीं भरा
श्यामगंज से आगे कालीबाड़ी रोड पर मंदिर तक सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। मगर यहां लाइन बिछाने के बाद सीवर के गड्ढे को ठीक से नहीं भरा गया है, जिसके चलते हादसों का खतरा है। वहीं, धूल-मिट्टी की वजह से भी लोगों को यहां से निकलने में दिक्कत होती है।
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‘इसाइयों की पुलिया से मालियों की पुलिया के बीच पाइपलाइन पड़ चुकी है। वहां जो पाइप पड़े हैं, वे आगे डाले जाने हैं। जल्दी ही उन्हें से हटा दिया जाएगा।’
- संजय कुमार, एक्सईएन, जल निगम
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शहर में 54.85 करोड़ रुपये की लागत से 12.74 किमी. लंबी सेंट्रल सीवर लाइन बिछाई जानी है। 26 अगस्त को केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार और मेयर उमेश गौतम ने इसाइयों की पुलिया से इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था। इसाइयों की पुलिया से मालियों की पुलिया के बीच करीब महीने भर पहले पाइपलाइन डालने का काम पूरा हो चुका है। मगर बाकी बचे पाइप और ट्रैफिक रोकने के स्टॉपर अब तक यहीं पड़े हुए हैं। आधी सड़क इस सामान से ही घिरी हुई है, जिसके चलते यहां जाम लग रहा है और लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। वहीं, सड़क खुदी होने के चलते यहां मिट्टी भी पड़ी है, जो उड़कर दुकानों में पहुंच रही है। इससे यहां के व्यापारी भी परेशान हैं। उनका कहना है कि सीवर लाइन डालने का ठेका लेने वाली कंपनी को उनकी दिक्कतों का कोई ख्याल नहीं है।
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कालाबाड़ी रोड पर गड्ढा तक ठीक से नहीं भरा
श्यामगंज से आगे कालीबाड़ी रोड पर मंदिर तक सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। मगर यहां लाइन बिछाने के बाद सीवर के गड्ढे को ठीक से नहीं भरा गया है, जिसके चलते हादसों का खतरा है। वहीं, धूल-मिट्टी की वजह से भी लोगों को यहां से निकलने में दिक्कत होती है।
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‘इसाइयों की पुलिया से मालियों की पुलिया के बीच पाइपलाइन पड़ चुकी है। वहां जो पाइप पड़े हैं, वे आगे डाले जाने हैं। जल्दी ही उन्हें से हटा दिया जाएगा।’
- संजय कुमार, एक्सईएन, जल निगम