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कब्रिस्तान पर मांझा बनने से धार्मिक भावना को ठेस
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बरेली। बाकरगंज के कब्रिस्तान पर शीशा से बने प्रतिबंधित मांझे बनाए जाने से धार्मिक भावनाओं की आघात पहुंच रहा है। डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट को इस मामले से अवगत कराते हुए मांझा बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।
स्थानीय लोगों ने चिट्ठी में शासनादेश का हवाला देते हुए कहा है कि शीशा से बने मांझे का उत्पादन प्रतिबंधित है, परंतु बाकरगंज के कब्रिस्तान पर बड़े पैमाने पर इस मांझे को अवैध तरीके से बनाया जा रहा है। लोगों ने एतराज जताया है कि जहां केवल शवों को दफनाया जाना चाहिए, वहां गुंडागर्दी के बल पर मांझा बनने से मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। मांझा बनने से रोकने के साथ ही उसकी जांच कराने की भी मांग की गई है।
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स्थानीय लोगों ने चिट्ठी में शासनादेश का हवाला देते हुए कहा है कि शीशा से बने मांझे का उत्पादन प्रतिबंधित है, परंतु बाकरगंज के कब्रिस्तान पर बड़े पैमाने पर इस मांझे को अवैध तरीके से बनाया जा रहा है। लोगों ने एतराज जताया है कि जहां केवल शवों को दफनाया जाना चाहिए, वहां गुंडागर्दी के बल पर मांझा बनने से मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। मांझा बनने से रोकने के साथ ही उसकी जांच कराने की भी मांग की गई है।
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