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तिब्बती मार्केट: शासनादेश नहीं माना प्रभारी मंत्री से भी वादा कर मुकर गए
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बरेली। नगर निगम के बाहर जो जगह दो महीने पहले प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा की नाराजगी के बाद पार्किंग के लिए आरक्षित की गई थी, उस पर तिब्बती मार्केट लगवा देने के मामले में नगर निगम के अफसर फंसते नजर आ रहे हैं। दरअसल 2007 में जारी एक शासनादेश में भी साफ किया गया था तिब्बती मार्केट को नियमानुसार वेंडिंग जोन में ही जगह दी सकती है। अब अफसर इस सवाल पर घिर रहे हैं कि नो वेंडिंग जोन की पार्किंग के लिए आरक्षित जगह तिब्बती मार्केट के लिए क्यों दी गई।
इस सवाल पर अब नगर निगम का कोई अधिकारी स्पष्ट कुछ कहने को भी तैयार नहीं है। पार्किंग की जगह तिब्बती मार्केट लगवा दिए जाने को लेकर पिछले दिनों हुई तमाम शिकायतों पर अफसर पहले से कन्नी काटते रहे हैं। आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में यह कहकर पल्ला छुड़ा लिया कि यहां पहले भी तिब्बती मार्केट लगता रहा है। इसी आधार पर इसे इस साल भी तिब्बती मार्र्केट के लिए आवंटित किया गया है। लेकिन अब एक पुराना शासनादेश सामने आने के बाद अफसरों की बोलती पूरी तरह बंद हो गई है। 17 अक्तूबर 2007 में मुख्य सचिव ने एक पत्र जारी कर सभी नगर निगमों को यह निर्देशित किया था कि तिब्बती लोगों को अस्थाई दुकानें लगाने के लिए नियमानुसार जमीनें दी जाएं फिर भी निगम अधिकारियों ने नो वेंडिंग जोन में नियम विरुद्घ ढंग से मार्केट लगवा दिया।
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इस सवाल पर अब नगर निगम का कोई अधिकारी स्पष्ट कुछ कहने को भी तैयार नहीं है। पार्किंग की जगह तिब्बती मार्केट लगवा दिए जाने को लेकर पिछले दिनों हुई तमाम शिकायतों पर अफसर पहले से कन्नी काटते रहे हैं। आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में यह कहकर पल्ला छुड़ा लिया कि यहां पहले भी तिब्बती मार्केट लगता रहा है। इसी आधार पर इसे इस साल भी तिब्बती मार्र्केट के लिए आवंटित किया गया है। लेकिन अब एक पुराना शासनादेश सामने आने के बाद अफसरों की बोलती पूरी तरह बंद हो गई है। 17 अक्तूबर 2007 में मुख्य सचिव ने एक पत्र जारी कर सभी नगर निगमों को यह निर्देशित किया था कि तिब्बती लोगों को अस्थाई दुकानें लगाने के लिए नियमानुसार जमीनें दी जाएं फिर भी निगम अधिकारियों ने नो वेंडिंग जोन में नियम विरुद्घ ढंग से मार्केट लगवा दिया।
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