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Bareilly News: चौपुला ओवरब्रिज बना झटकों वाला पुल...हर ज्वाइंट पर लग रहे झटके, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
Mon, 15 Apr 2024 04:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 15 Apr 2024 04:28 AM IST
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बरेली। शहर का करीब 15 वर्ष पुराना चौपुला ओवरब्रिज अब झटके वाले पुल के नाम से चर्चित होने लगा है। वजह यह है कि इस पुल पर 30 विस्तार जोड़ (एक्सपेंशन ज्वाइंट) हैं। इसके लिए अलग-अलग स्लैब डाली गई है और जोड़ वाले स्थान पर खाली जगह है। ऐसे में यहां से गुजरने पर चालकों को इतने झटके लगते हैं कि वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। स्कूटी, ऑटो, ई-रिक्शा, बाइक सवार चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
बदायूं रोड से जोड़ने के लिए बनाए गए इस पुल से रोजाना आठ से दस हजार लोग गुजरते हैं। कुल 30 जोड़ों के ऊपर से जब गाड़ी गुजरती है तो काफी तेज झटका लगता है। बुजुर्ग व बीमार लोगों को यहां से निकलने में खासी दिक्कत होती है। हर ज्वाइंट पर ब्रेक लगाकर लोगों को बेहद हल्की गति से निकलना पड़ता है। ऑटो चालक रवि ने बताया कि महज छह महीने इस पुल पर ऑटो चलाया तो शॉकर खराब हो गए। झटकों के कारण सवारी भी परेशान होती है। हाल ही में इन जोड़ों के आसपास की सड़क उधेड़ दी गई। इससे समाधान होने की बजाय समस्या और बढ़ गई। एनएचएआई बदायूं के पास इस पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी है। इसके परियोजना निदेशक बदायूं बैठते हैं। चूंकि उनका पुल से कभी कभार ही गुजरना होता है, इसलिए यहां की जनता की दिक्कतों से उन्हें कोई सरोकार नहीं।
गर्भवतियों व हड्डी के मरीजों का बुरा हाल
बदायूं की तरफ से आने वाले मरीजों व गर्भवती महिलाओं का इस पुल से गुजरते समय क्या हाल होता है, इसको महसूस नहीं किया जा सकता। हड्डी के मरीज तो इस पुल से जाते ही नहीं। पुल पर एक के बाद एक इस कदर झटके लगते हैं कि खास तौर पर हड्डी के मरीज यहां की बजाय सुभाष नगर से होकर आना पसंद करते हैं।
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राहगीरों की परेशानी
फोटो-
चौपुला पुल के ज्वाइंट पर इस कदर झटके लगते हैं कि गाड़ी कई बार खराब हो चुकी है। ऑटो व ई-रिक्शा से चलने में तो और बुरा हाल हो जाता है। अक्सर पुल पर लोगों की गाड़ियां खराब हो जाती हैं। जिम्मेदार अधिकारियों को ज्वाइंट पर सड़क को ठीक कराना चाहिए।- ओम, छात्र
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फोटो-
बुजुर्ग व बीमार और खासतौर पर हड्डी रोग से परेशान लोगों को इस पुल से लेकर नहीं जा सकते। ज्वाइंट पर इस कदर झटके लगते हैं कि बुजुर्ग परेशान हो उठते हैं। गाड़ी खराब अलग से होती है। अधिकारियों को इसे ठीक कराना चाहिए।- अमनप्रीत, एमआर
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वर्जन
अभी चार साल पहले ही लोक निर्माण विभाग से पुल को लिया है। अगर वहां सड़क गड़बड़ है तो उसे जल्द ठीक करा दिया जाएगा। गंगा एक्सप्रेस-वे का काम पूरा होने के बाद ओवरब्रिज को संबंधित विभाग को वापस कर दिया जाएगा। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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बदायूं रोड से जोड़ने के लिए बनाए गए इस पुल से रोजाना आठ से दस हजार लोग गुजरते हैं। कुल 30 जोड़ों के ऊपर से जब गाड़ी गुजरती है तो काफी तेज झटका लगता है। बुजुर्ग व बीमार लोगों को यहां से निकलने में खासी दिक्कत होती है। हर ज्वाइंट पर ब्रेक लगाकर लोगों को बेहद हल्की गति से निकलना पड़ता है। ऑटो चालक रवि ने बताया कि महज छह महीने इस पुल पर ऑटो चलाया तो शॉकर खराब हो गए। झटकों के कारण सवारी भी परेशान होती है। हाल ही में इन जोड़ों के आसपास की सड़क उधेड़ दी गई। इससे समाधान होने की बजाय समस्या और बढ़ गई। एनएचएआई बदायूं के पास इस पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी है। इसके परियोजना निदेशक बदायूं बैठते हैं। चूंकि उनका पुल से कभी कभार ही गुजरना होता है, इसलिए यहां की जनता की दिक्कतों से उन्हें कोई सरोकार नहीं।
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गर्भवतियों व हड्डी के मरीजों का बुरा हाल
बदायूं की तरफ से आने वाले मरीजों व गर्भवती महिलाओं का इस पुल से गुजरते समय क्या हाल होता है, इसको महसूस नहीं किया जा सकता। हड्डी के मरीज तो इस पुल से जाते ही नहीं। पुल पर एक के बाद एक इस कदर झटके लगते हैं कि खास तौर पर हड्डी के मरीज यहां की बजाय सुभाष नगर से होकर आना पसंद करते हैं।
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राहगीरों की परेशानी
फोटो-
चौपुला पुल के ज्वाइंट पर इस कदर झटके लगते हैं कि गाड़ी कई बार खराब हो चुकी है। ऑटो व ई-रिक्शा से चलने में तो और बुरा हाल हो जाता है। अक्सर पुल पर लोगों की गाड़ियां खराब हो जाती हैं। जिम्मेदार अधिकारियों को ज्वाइंट पर सड़क को ठीक कराना चाहिए।- ओम, छात्र
फोटो-
बुजुर्ग व बीमार और खासतौर पर हड्डी रोग से परेशान लोगों को इस पुल से लेकर नहीं जा सकते। ज्वाइंट पर इस कदर झटके लगते हैं कि बुजुर्ग परेशान हो उठते हैं। गाड़ी खराब अलग से होती है। अधिकारियों को इसे ठीक कराना चाहिए।- अमनप्रीत, एमआर
वर्जन
अभी चार साल पहले ही लोक निर्माण विभाग से पुल को लिया है। अगर वहां सड़क गड़बड़ है तो उसे जल्द ठीक करा दिया जाएगा। गंगा एक्सप्रेस-वे का काम पूरा होने के बाद ओवरब्रिज को संबंधित विभाग को वापस कर दिया जाएगा। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई