गेहूं खरीद में गड़बड़ी के लिए जिले की सीमा पर बना दिए तमाम सेंटर
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डीएम की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में हुए किसान दिवस में गेहूं क्रय केंद्रों के निर्धारण और गन्ना पर्चियों का मुद्दा छाया रहा। किसानों ने गेहूं क्रय केंद्रों के निर्र्धाण के मामले में डिप्टी आरएमओ की मंशा पर सवाल उठाए। कहा, डिप्टी आरएमओ ने फरीदपुर ब्लॉक में ज्यादातर खरीद केंद्र शाहजहांपुर जिले की सीमा पर तय कर दिए हैं। इनसे किसानों को कम और बिचौलियों को ज्यादा फायदा मिलेगा। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्देशित किया कि गेहूं खरीद के लिए सभी क्रय केंद्रों का निर्धारण किसानों की जरूरत को ध्यान में रख कर नए सिरे से किया जाए।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए जिले में 94 गेहूं क्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं। इस बार 1.13 लाख मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। फरीदपुर से आए किसान गजेंद्र सिंह ने खरीद सेंटरों के निर्धारण में हुई गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। कई किसानों ने डीएम को यह भी बताया कि पेराई सत्र खत्म होने को हैं, लेकिन चीनी मिलें पर्चियां नहीं दे रही हैं। इससे किसानों का गन्ना खेतों में सूख रहा है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये क्विंटल है। किसान ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद गेहूं किसी भी सेंटर पर ले जाकर बेच सकते हैं। ऋणमोचन योजना को लेकर किसानों ने बताया कि वे तहसील से लेकर कृषि अधिकारी के कार्यालय और बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। इस पर जिला कृषि अधिकारी आरटी यादव ने 15 हजार से ज्यादा शिकायतों का तीन से चार दिन में निस्तारण करने की बात कही। किसान दिवस में सीडीओ सत्येंद्र कुमार भी मौजूद रहे।