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कैंट बोर्ड भी अब नगर निगम के नक्शे कदम पर
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बरेली। नगर निगम में नगर आयुक्त और पार्षदों के बीच चल रही तनातनी अभी थमी नहीं कि अब कैंट बोर्ड सदस्यों ने भी कैंट अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले दिनों सदस्यों ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर कैंट बोर्ड में विकास कार्यों के ठप होने और अधिकारियों पर मन मुताबिक प्रस्ताव तैयार कराकर जबरन लागू कराने की शिकायत की है। बताते हैं कि रक्षामंत्री ने सदस्यों को उनकी ओर से सौंपे गए ज्ञापन पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
करीब चार माह पहले कैंट बोर्ड अधिकारियों ने बोर्ड बैठक में बोर्ड की आय बढ़ाने के लिए 89 दुकानों को नीलाम किए जाने का प्रस्ताव बोर्ड में रखा था। जिसका सदस्यों और दुकानदारों ने पुरजोर विरोध किया। बोर्ड बैठक में हंगामा भी हुआ था। जिसके बाद दोबारा प्रस्ताव रखा गया, लेकिन केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने संबंधित प्रस्ताव पर उनसे वार्ता के बाद कोई निर्णय लिए जाने का पत्र लिखा। जिसके चलते प्रस्ताव टल गया। हालांकि, कैंट बोर्ड सीइओ ने हर हाल में दुकानों की नीलामी की बात कही है। दुकानों के नीलाम होने की आशंका के चलते कैंट बोर्ड सदस्य और दुकानदार पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। बताते हैं कि करीब आधे घंटे तक चली बैठक में बोर्ड सदस्यों और दुकानदारों ने अधिकारियों पर मन मुताबिक कार्य करने की शिकायत की है। जनहित के मुद्दों के बजाय बेवजह के प्रस्ताव पास कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। साथ ही, कैंट बोर्ड के विकास के लिए फंड की मांग की है।
अपनी खामियों पर पर्दा डाल रहे अधिकारी
सूत्रों के मुताबिक सदस्यों ने रक्षामंत्री को बताया कि कैंट के सदर, बीआई, आरए और बदायूं रोड स्थित बाजार में 89 दुकानें संचालित हैं। जिसका नियमित किराया कैंट बोर्ड में जमा हो रहा है। नियमानुसार दुकानों का रिन्यूअल भी कराया जा रहा था, लेकिन लंबे समय से अधिकारी रिन्यूवल के आवेदन को पास नहीं कर रहे हैं। अब दुकानों का रिन्यूअल न करने की अपनी खामी को छिपाने के लिए अधिकारियों ने नीलामी का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने दुकानों की नीलामी से कैंट में रहने वाले करीब ढाई सौ से अधिक परिवारों के प्रभावित होने की जानकारी दी है।
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करीब चार माह पहले कैंट बोर्ड अधिकारियों ने बोर्ड बैठक में बोर्ड की आय बढ़ाने के लिए 89 दुकानों को नीलाम किए जाने का प्रस्ताव बोर्ड में रखा था। जिसका सदस्यों और दुकानदारों ने पुरजोर विरोध किया। बोर्ड बैठक में हंगामा भी हुआ था। जिसके बाद दोबारा प्रस्ताव रखा गया, लेकिन केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने संबंधित प्रस्ताव पर उनसे वार्ता के बाद कोई निर्णय लिए जाने का पत्र लिखा। जिसके चलते प्रस्ताव टल गया। हालांकि, कैंट बोर्ड सीइओ ने हर हाल में दुकानों की नीलामी की बात कही है। दुकानों के नीलाम होने की आशंका के चलते कैंट बोर्ड सदस्य और दुकानदार पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। बताते हैं कि करीब आधे घंटे तक चली बैठक में बोर्ड सदस्यों और दुकानदारों ने अधिकारियों पर मन मुताबिक कार्य करने की शिकायत की है। जनहित के मुद्दों के बजाय बेवजह के प्रस्ताव पास कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। साथ ही, कैंट बोर्ड के विकास के लिए फंड की मांग की है।
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अपनी खामियों पर पर्दा डाल रहे अधिकारी
सूत्रों के मुताबिक सदस्यों ने रक्षामंत्री को बताया कि कैंट के सदर, बीआई, आरए और बदायूं रोड स्थित बाजार में 89 दुकानें संचालित हैं। जिसका नियमित किराया कैंट बोर्ड में जमा हो रहा है। नियमानुसार दुकानों का रिन्यूअल भी कराया जा रहा था, लेकिन लंबे समय से अधिकारी रिन्यूवल के आवेदन को पास नहीं कर रहे हैं। अब दुकानों का रिन्यूअल न करने की अपनी खामी को छिपाने के लिए अधिकारियों ने नीलामी का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने दुकानों की नीलामी से कैंट में रहने वाले करीब ढाई सौ से अधिक परिवारों के प्रभावित होने की जानकारी दी है।
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