UP: एचपीसीएल के दो अफसरों की हत्या के बाद हटाए गए एसएसपी, आईपीएस अंकिता शर्मा को बदायूं पुलिस की कमान
बदायूं में एचपीसीएल के दो वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या के बाद एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह पर गाज गिरी है। उन्हें बदायूं से हटा दिया गया है। उनकी जगह आईपीएस अंकिता शर्मा को बदायूं की एसएसपी बनाया गया है।
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बदायूं के दातागंज क्षेत्र में सैजनी के पास एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट में दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या के बाद शासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार देर रात एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को हटा दिया है। उनको डीजीपी मुख्यालय की लॉजिस्टिक शाखा भेजा गया है। कासगंज की एसपी अंकिता शर्मा को बदायूं का एसएसपी बनाया गया है।
इस मामले में दोनों अफसरों उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा ने एफआईआर दर्ज करवाई थी और कहा था कि आरोपी अजय प्रताप सिंह से उनकी जान को खतरा है। इतना ही नहीं सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में कहा था कि थाना प्रभारी अजय कुमार और आरोपी अजय सिंह की मिलीभगत है। इसके बावजूद एसएसपी ने रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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उधर, दोनों अधिकारियों की हत्या के बाद प्लांट का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। शुक्रवार को प्लांट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और कर्मचारी डर के कारण यहां से चले गए। हालात को देखते हुए प्लांट की सुरक्षा के लिए पीएसी, पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती कर दी गई है। वहीं डीएम ने जल्द ही यहां पर सीआईएसएफ की तैनाती की बात कही है।
मुठभेड़ में आरोपी के लगी गोली
दो अधिकारियों की हत्या के बाद थाने पहुंचकर समर्पण करने वाले आरोपी अजय प्रताप सिंह का शुक्रवार तड़के हाफ एनकाउंटर हो गया। दावा किया गया है कि हत्या में इस्तेमाल तमंचा बरामद करने के दौरान अजय ने उसी तमंचे से पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। जवाब में उसके दोनों पैर के घुटनों में गोलियां लग गईं।
सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों अजय ने ग्राम मुडसैना के जंगल में तमंचा छिपाया था। उसे बरामद करने के लिए पुलिस टीम अजय को साथ ले गई थी। तमंचा मिलते ही अजय ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। गोली सिपाही ओमबीर सिंह के बाएं हाथ में लग गई। फिर जवाबी फायरिंग में घायल हुए अजय को तुरंत ही पकड़ लिया गया। घायल सिपाही और आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।