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‘निजी संस्थाएं नहीं कर रहीं पिछड़ा वर्ग के छात्रों के 27 फीसदी दाखिले’
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बरेली। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष हीरा ठाकुर ने कहा कि निजी शैक्षिक संस्थाओं को पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 27 फीसदी आरक्षण देना चाहिए, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। आयोग इस बार एडमिशन में आरक्षण के इन मानकों पर निगरानी रखेगा।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हीरा ठाकुर बोले, हाल में केंद्र सरकार ने आयोग को संवैधानिक अधिकारी दे दिए हैं। आयोग अब तक केवल पिछड़ा वर्ग के लोगों के उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई ही करता था, लेकिन इन प्रकरणों का निस्तारण प्रभावी तरीके से नहीं हो पा रहा। अब आयोग को संवैधानिक अधिकार मिलने के बाद लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए उसकी शक्तियां बढ़ गई हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि आयोग के पास अभी करीब सात सौ प्रार्थनापत्र उनके कार्यकाल से पहले के लंबित पड़े हैं। इनको निस्तारित करने के लिए सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी। उन्होंने कहा कि सरकार भी चाहती है कि आयोग से ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिले, इसके लिए सभी जिलों का दौरा करते हुए लोगों को आयोग की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। पिछड़ा वर्ग के लोगों को यह बताया जा रहा है कि वह सादे कागज पर आयोग के पास अपनी समस्या लिखकर भेज दें। 15 दिन में ही संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करके सुनवाई शुरू हो जाएगी।
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सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हीरा ठाकुर बोले, हाल में केंद्र सरकार ने आयोग को संवैधानिक अधिकारी दे दिए हैं। आयोग अब तक केवल पिछड़ा वर्ग के लोगों के उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई ही करता था, लेकिन इन प्रकरणों का निस्तारण प्रभावी तरीके से नहीं हो पा रहा। अब आयोग को संवैधानिक अधिकार मिलने के बाद लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए उसकी शक्तियां बढ़ गई हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि आयोग के पास अभी करीब सात सौ प्रार्थनापत्र उनके कार्यकाल से पहले के लंबित पड़े हैं। इनको निस्तारित करने के लिए सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी। उन्होंने कहा कि सरकार भी चाहती है कि आयोग से ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिले, इसके लिए सभी जिलों का दौरा करते हुए लोगों को आयोग की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। पिछड़ा वर्ग के लोगों को यह बताया जा रहा है कि वह सादे कागज पर आयोग के पास अपनी समस्या लिखकर भेज दें। 15 दिन में ही संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करके सुनवाई शुरू हो जाएगी।
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