Bareilly: बेजुबानों की सेवा कर इंसानियत का फर्ज निभा रहीं बेनु, कई घायल पशुओं का कर चुकीं रेस्क्यू
बेनु छात्रों को भी पशुओं की सेवा के लिए प्रेरित करती हैं। वह स्कूल-कॉलेजों में जाकर छात्रों को पशुओं की सेवा का संदेश देती हैं। उनकी इस प्रयास के सार्थक परिणाम मिलने लगे हैं।
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बेजुबान चोट लगने पर बोल नहीं पाते। छुट्टा घूम रहे पशुओं के सामने भोजन का भी संकट है। बरेली के सुरेश शर्मा नगर की बेनु पांडेय काफी समय से ऐसे ही बेजुबानों की सेवा में लगी हुई हैं। उन्हें इलाज मुहैया कराना हो या भोजन, वह हर समय तैयार रहती है। बेजुबानों पर जुल्म की कोई शिकायत मिलती है तो वहां पहुंचती वह उसके विरोध में खड़ी हो जाती हैं।
बेनु को बचपन से ही पशुओं से प्यार रहा है। उनके घर में हमेशा जानवरों का पालन-पोषण हुआ। परिवार से हमेशा उन्हें दूसरों की सेवा करने के संस्कार मिले। पति प्रशांत पांडेय भी उनका पूरा सहयोग करते हैं। पति-पत्नी मिलकर कई बार घायल जानवरों का रेस्क्यू भी कर चुके हैं।
नाले में फंसी गाय की बचाई जान
बेनु पांडेय ने बताया कि वह पशुओं को अपने बच्चों की तरह ही प्रेम करती हैं। एक बार उनके घर से कुछ दूर एक गाय नाले में गिर गई थी। उन्होंने नगर निगम में संपर्क साधा मगर कर्मचारियों को आने में देरी हो रही थी। वह खुद ही गाय को बचाने में जुट गईं। पति और पड़ोसियों की मदद से उन्होंने गाय को नाले से निकाला और इलाज के लिए उसे पशु चिकित्सालय ले गई। जब तक गाय पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो गई, वह उस की सेवा करती रहीं।
जानवरों के इलाज के लिए सीखी प्राथमिक चिकित्सा
बेनु ने बताया कि सड़क पर घूम रहे जख्मी जानवरों को अस्पताल तक ले जाना बहुत कठिन होता है। कोई डॉक्टर इन तक आना नहीं चाहता। इस समस्या से निपटने के लिए मैंने दो महीने तक एक सीनियर डॉक्टर से प्राथमिक चिकित्सा का हुनर सीखा। अब मैं अपने साथ दवा, मरहम, पट्टी, खाने का सामान आदि रखती हूं। जहां भी घायल या बीमार जानवर मिलता है, उसकी मरहम-पट्टी कर दवा दे देती हूं।कुत्तों को जहर देने का किया विरोध
बीते दिनों डीडीपुरम में कुत्ते के पांच पिल्लों को किसी ने जलाकर मार दिया था। बेनु को जैसे ही इसके बारे में पता चला, उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। अगले ही दिन कुछ और पिल्लों को किसी ने जहर दे दिया। सूचना पर बेनु अपनी गाड़ी लेकर पहुंचीं और इलाज के लिए उनको भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान ले गईं। काफी प्रयास के बाद उनमें से एक की जान बच सकी।छात्रों को पशु सेवा के लिए करती हैं प्रेरित
बेनु छात्रों को भी पशुओं की सेवा के लिए प्रेरित करती हैं। वह स्कूल-कॉलेजों में जाकर छात्रों को पशुओं की सेवा का संदेश देती हैं। उनकी इस प्रयास के सार्थक परिणाम मिलने लगे हैं। जल्द ही वह स्वयंसेवियों की टीम बनाकर हेल्पलाइन नंबर जारी करने वाली हैं। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति फोन कर घायल, बीमार, भूखे बेसहारा पशुओं के लिए मदद मांग सकता है।