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हर परिस्थिति में स्वयं को रखें तैयार, खतरा महसूस होने पर बचाव में लगाएं ताकत : साक्षी
Sat, 25 Apr 2026 06:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 25 Apr 2026 06:08 AM IST
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पहले मानसिक रूप से मजबूत बनें, फिर शारीरिक रूप से हर परिस्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें, जब-जब खतरा महसूस हो तो अपनी पूरी ताकत अपने बचाव में लगा दें, ये बातें अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट धारक साक्षी बोरा ने शुक्रवार को राम भरोसे लाल गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में कहीं। उनके साथ प्रशिक्षक नीशू भारद्वाज ने भी छात्राओं को सेल्फ डिफेंस में प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने आत्मरक्षा का पाठ पढ़ा, जहां उन्हें पंच व किक के अभ्यास कराए गए। प्रशिक्षकों ने कहा कि ये आत्मरक्षा की तकनीक घरेलू हिंसा व छेड़छाड़ में अपनी आत्मरक्षा में काम आती हैं। आत्मरक्षा में सिखाया गया कि यदि कोई बहुत पास आए और आपको कुछ न समझ आए तो अपनी उंगलियां सामने वाले की आंखों में मारनी हैं और वहां से बचकर भागना है। छात्राओं को बताया गया कि हमें खतरे का आभास हमेशा पहले से हो जाता है, इसलिए या तो परेशानी में पड़ने बचें यदि फंस भी जाएं तो अपने शरीर की ताकत का इस्तेमाल करें, इसलिए हर दिन अभ्यास करना आवश्यक है। इस दौरान कक्षा नौ से 12 तक की 74 छात्राएं मौजूद रहीं, इसमें से भूमि प्रजापति, प्रिंसी व प्रियांशी रस्तोगी ने आत्मरक्षा से जुड़े प्रश्न भी पूछे। जिस पर प्रशिक्षक साक्षी ने कहा कि रोज अभ्यास करने से शरीर मजबूत बनता है। यदि सामना करते हुए घबराए तो कुछ नहीं कर पाएंगे, इसमें सबसे आवश्यक मन की मजबूती होती है, इसलिए स्वयं को मजबूत बनाना जरूरी है।
अलग-अलग पंच से सिखाए स्वयं की रक्षा के तरीके
प्रशिक्षक साक्षी व नीशू ने छात्राओं को अलग-अलग तरह के पंच चलाना बताया। इसमें नाक के सामने, नीचे पंच, ऊंचे पंच व किक मारने का डेमो के माध्यम से दिखाई। इसके बाद यदि कोई पीछे से पकड़े तो निकलने के लिए हमलावर की पहली उंगली पर चोट करना बताया। इसके अलावा ये भी कहा कि इन तकनीकों को घरवालों पर इस्तेमाल न करें न ही किसी को अनावश्यक रूप से चोट पहुंचाने में करें, ये आपकी आत्मरक्षा की तकनीकें हैं, इनका इस्तेमाल केवल अपने या दूसरों को बचाने के लिए ही करें। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका सर्वेश पेंजी, प्रतिभा सिंह, तुषारिका तिवारी, रजनी राठौर मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम में छात्राओं ने आत्मरक्षा का पाठ पढ़ा, जहां उन्हें पंच व किक के अभ्यास कराए गए। प्रशिक्षकों ने कहा कि ये आत्मरक्षा की तकनीक घरेलू हिंसा व छेड़छाड़ में अपनी आत्मरक्षा में काम आती हैं। आत्मरक्षा में सिखाया गया कि यदि कोई बहुत पास आए और आपको कुछ न समझ आए तो अपनी उंगलियां सामने वाले की आंखों में मारनी हैं और वहां से बचकर भागना है। छात्राओं को बताया गया कि हमें खतरे का आभास हमेशा पहले से हो जाता है, इसलिए या तो परेशानी में पड़ने बचें यदि फंस भी जाएं तो अपने शरीर की ताकत का इस्तेमाल करें, इसलिए हर दिन अभ्यास करना आवश्यक है। इस दौरान कक्षा नौ से 12 तक की 74 छात्राएं मौजूद रहीं, इसमें से भूमि प्रजापति, प्रिंसी व प्रियांशी रस्तोगी ने आत्मरक्षा से जुड़े प्रश्न भी पूछे। जिस पर प्रशिक्षक साक्षी ने कहा कि रोज अभ्यास करने से शरीर मजबूत बनता है। यदि सामना करते हुए घबराए तो कुछ नहीं कर पाएंगे, इसमें सबसे आवश्यक मन की मजबूती होती है, इसलिए स्वयं को मजबूत बनाना जरूरी है।
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अलग-अलग पंच से सिखाए स्वयं की रक्षा के तरीके
प्रशिक्षक साक्षी व नीशू ने छात्राओं को अलग-अलग तरह के पंच चलाना बताया। इसमें नाक के सामने, नीचे पंच, ऊंचे पंच व किक मारने का डेमो के माध्यम से दिखाई। इसके बाद यदि कोई पीछे से पकड़े तो निकलने के लिए हमलावर की पहली उंगली पर चोट करना बताया। इसके अलावा ये भी कहा कि इन तकनीकों को घरवालों पर इस्तेमाल न करें न ही किसी को अनावश्यक रूप से चोट पहुंचाने में करें, ये आपकी आत्मरक्षा की तकनीकें हैं, इनका इस्तेमाल केवल अपने या दूसरों को बचाने के लिए ही करें। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका सर्वेश पेंजी, प्रतिभा सिंह, तुषारिका तिवारी, रजनी राठौर मौजूद रहीं।
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