फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bareilly lags behind in MR vaccination, only 38% children immunized

Bareilly News: एमआर टीकाकरण में पिछड़ा बरेली, 38 फीसदी बच्चे ही हुए प्रतिरक्षित

Sat, 28 Feb 2026 02:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 02:49 AM IST
विज्ञापन
Bareilly lags behind in MR vaccination, only 38% children immunized
बरेली। खसरा और रुबेला बीमारी से बच्चों को बचाने के लिए 16 फरवरी से शुरू हुई एमआर टीकाकरण मुहिम में अंतिम तिथि 27 फरवरी तक महज 38 फीसदी टीकाकरण हुआ है। विभागीय अफसरों ने स्कूलों में चल रही परीक्षा और अभिभावकों की सहमति न मिलने को इसकी वजह बताया है।
विज्ञापन

स्कूल आधारित टीकाकरण की रिपोर्ट पर गौर करें तो 3,17,849 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य था। इसके लिए विभाग ने 2,999 टीकाकरण सत्र आयोजन का लक्ष्य रखा था। 2,936 सत्र आयोजित हुए लेकिन कई सत्रों में स्वास्थ्यकर्मी बच्चों का इंतजार करते रहे। आशा कार्यकर्ता, एएनएम ने क्षेत्रवार पांच से 10 वर्ष तक के स्कूली बच्चों के परिजन से भी संपर्क किया।
विज्ञापन

लक्ष्य के सापेक्ष 1,22,236 बच्चों को टीका लगा। 1,95,613 बच्चे टीकाकरण से छूटे। डीआईओ डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक, कई स्कूलों में परीक्षा के चलते बच्चों को टीका लगाने पर परिजन सहमत नहीं हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, परीक्षा के दौरान कई स्कूलों ने अभिभावकों से सहमति पत्र भी जारी किया। बताया जाता है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों में उपस्थित 90 फीसदी बच्चे प्रतिरक्षित हुए और कई निजी स्कूलों में सबसे कम टीकाकरण हुआ। कुछ निजी स्कूलाें ने सहयोग से साफ इन्कार भी कर दिया था।

टीकाकरण में फरीदपुर अव्वल, बिथरी चैनपुर फिसड्डी
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार फरीदपुर में सर्वाधिक 58 फीसदी एमआर टीकाकरण हुआ। क्रमवार कुआंडांडा में 57, बहेड़ी में 48, मीरगंज में 46, फतेहगंज में 45, भोजीपुरा में 42, क्यारा में 41, रामनगर, भमोरा, मझगवां में 38, दलेलनगर में 37, शेरगढ़, नवाबगंज में 33, मुडिया नवीबक्श में 31, बिथरी चैनपुर में 14 फीसदी टीकाकरण लक्ष्य हासिल हो सका।


एएनएम को रोजाना सौ बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य
प्रत्येक एएनएम को रोजाना सौ से ज्यादा बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य था। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2024 में मीजल्स के चार और रूबेला के आठ मरीज, 2025 में मीजल्स के 14 और रूबेला के तीन मरीज, 2026 में अब तक मीजल्स के चार और रूबेला के दो मरीज मिले हैं। इलाज जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed