Bareilly News: भूखंड पर कब्जा करवाने में फंसे इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज और सिपाही, एसएसपी ने की ये कार्रवाई
भूखंड पर कब्जे के मामले की जांच रिपोर्ट एसपी अंशिका वर्मा ने एसएसपी को सौंप दी। विभागीय जांच में बारादरी इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं।
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बरेली में शांतिभंग में चालान कर पीड़ित को थाने में बैठाने और उसके भूखंड पर कब्जा कराने में इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज और हेड कांस्टेबल विभागीय जांच में दोषी पाए गए हैं। एसएसपी के आदेश पर जांच के बाद एसपी अंशिका वर्मा ने रिपोर्ट सौंप दी है। एसएसपी अनुराग आर्य ने तीनों पर 29 दिन के वेतन के बराबर जुर्माना लगाया है। तीनों को पांच जनवरी को ही निलंबित किया जा चुका है।
पिछले महीने बारादरी थाने के पुराना शहर निवासी मोहम्मद इलियास के भूखंड पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया गया था। एसएसपी के आदेश पर एसपी सिटी मानुष पारीक ने स्थलीय निरीक्षण कर जांच की तो बारादरी थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर सुनील कुमार, सेटेलाइट चौकी इंचार्ज राजीव शर्मा और हेड कांस्टेबल अनिल कुमार की भूमाफिया से मिलीभगत की बात सामने आई।
एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को किया था निलंबित
चकबंदी लेखपाल सावन कुमार भी भूमाफिया का साथ दे रहा था। यह भी सामने आया कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष को शांतिभंग में चालान कर थाने में बैठा लिया और दूसरी ओर उसके भूखंड पर अवैध कब्जा करा दिया। इसके बाद एसएसपी ने तीनों को निलंबित कर दिया।
मामले की जांच एसपी अंशिका वर्मा को दी गई थी। जांच में सामने आया है कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार की अवैध कब्जा करने के आरोपी अमित से काफी नजदीकी थी। सेटेलाइट चौकी इंचार्ज राजीव शर्मा ने आरोपी सुनील और निलंबित लेखपाल सावन जायसवाल के संपर्क में था। हेड कांस्टेबल अनिल कुमार ने भी सावन जायसवाल अक्सर मिलता और कॉल पर बात किया करता था।
जगतपुर चौकी इंचार्ज की भूमिका की भी होगी जांच
प्लॉट पर कब्जा कराने के मामले में बारादरी थाने की जगतपुर चौकी इंचार्ज विवेक कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। उसके भी भूमाफिया से संपर्क की बात सामने आई है। एसएसपी अनुराग आर्य ने विवेक कुमार की भूमिका के जांच के भी निर्देश दिए हैं। एसपी अंशिका वर्मा ही चौकी इंचार्ज जगतपुर के मामले में जांच करेंगी। जल्द ही चौकी इंचार्ज के बयान दर्ज करके और आरोपियों की कॉल डिटेल आदि से इसकी जांच की जाएगी।