{"_id":"62defbe53e26787c9a0d8dff","slug":"aro-suspend-in-curruption-bareilly-news-bly492498544","type":"story","status":"publish","title_hn":"वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में मीरगंज के एआरओ सस्पेंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में मीरगंज के एआरओ सस्पेंड
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बरेली। राशन कोटेदारों को गलत ढंग से करीब चार लाख रुपये का ज्यादा भुगतान करने के मामले में मीरगंज के एआरओ धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर आगरा मंडल के उपायुक्त (खाद्य) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। एआरओ के खिलाफ खाद्य उपायुक्त को विभागीय जांच का भी निर्देश दिया गया है।
मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने 28 जून को डीएम को पत्र भेजकर मीरगंज के एआरओ धर्मेंद्र सिंह पर कार्यालय से अनुपस्थित रहने, उच्चाधिकारियों को भ्रामक जानकारी देेने, स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता, राजकीय दायित्वों के निर्वहन के प्रति गैरजिम्मेदार होने आरोप लगाए थे। डीएम से एसडीएम की अवहेलना कर नाजायज ढंग से कोटेदारों को अधिक धनराशि का भुगतान करने की जांच कराने की भी मांग की थी। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी और एसडीएम मीरगंज को इसकी जांच सौंपी थी।
जांच में मीरगंज एसडीएम के संज्ञान के बगैर खुद हस्ताक्षर करके उचित दर विक्रेताओं को देय परिवहन व्यय से अधिक भुगतान करने की पुष्टि हुई। डीएम को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में एआरओ के इस कृत्य से 401749.20 रुपये की शासकीय क्षति होने की बात कही गई थी। एआरओ पर लगाए गए अन्य आरोप भी जांच में सही पाए गए।
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निलंबन के बाद शासन को भेजी रिपोर्ट
अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने तत्काल प्रभाव से एआरओ धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही जांच रिपोर्ट के साथ निलंबन की कार्रवाई से शासन को अवगत करा दिया है। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 में निहित प्राविधानों के तहत निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। शासन ने अब एआरओ को उपायुक्त आगरा मंडल कार्यालय से अटैच करते हुए खाद्य उपायुक्त आगरा मंडल को विभागीय स्तर पर कार्रवाई के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
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मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने 28 जून को डीएम को पत्र भेजकर मीरगंज के एआरओ धर्मेंद्र सिंह पर कार्यालय से अनुपस्थित रहने, उच्चाधिकारियों को भ्रामक जानकारी देेने, स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता, राजकीय दायित्वों के निर्वहन के प्रति गैरजिम्मेदार होने आरोप लगाए थे। डीएम से एसडीएम की अवहेलना कर नाजायज ढंग से कोटेदारों को अधिक धनराशि का भुगतान करने की जांच कराने की भी मांग की थी। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी और एसडीएम मीरगंज को इसकी जांच सौंपी थी।
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जांच में मीरगंज एसडीएम के संज्ञान के बगैर खुद हस्ताक्षर करके उचित दर विक्रेताओं को देय परिवहन व्यय से अधिक भुगतान करने की पुष्टि हुई। डीएम को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में एआरओ के इस कृत्य से 401749.20 रुपये की शासकीय क्षति होने की बात कही गई थी। एआरओ पर लगाए गए अन्य आरोप भी जांच में सही पाए गए।
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निलंबन के बाद शासन को भेजी रिपोर्ट
अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने तत्काल प्रभाव से एआरओ धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही जांच रिपोर्ट के साथ निलंबन की कार्रवाई से शासन को अवगत करा दिया है। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 में निहित प्राविधानों के तहत निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। शासन ने अब एआरओ को उपायुक्त आगरा मंडल कार्यालय से अटैच करते हुए खाद्य उपायुक्त आगरा मंडल को विभागीय स्तर पर कार्रवाई के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया है।