बरेली रिंग रोड: 1700 करोड़ की परियोजना की बाधा दूर, 32 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
Bareilly News: शहर के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड के लिए 32 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस परियोजना को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड की अड़चनें अब दूर हो गईं हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष ने बुधवार को इसे वित्तीय स्वीकृति दे दी है। एक माह के भीतर किसानों को मुआवजे का भुगतान कर भूमि का अधिग्रहण शुरू किया जाएगा। 32.2 किलोमीटर लबी रिंग रोड के लिए भू-अधिग्रहण पर 800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। करीब 300 करोड़ रुपये के अवॉर्ड का प्रस्ताव मंजूरी के लिए क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा जाएगा।
फोरलेन आउटर रिंग रोड का निर्माण दो हिस्सों में प्रस्तावित है। चौबारी मुस्तकिल से रजऊ परसपुर तक 13 किलोमीटर और धंतिया से चौबारी मुस्तकिल तक 19.2 किलोमीटर रिंग रोड का निर्माण होना है। अब जल्दी ही निर्माण के लिए भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। रिंग रोड के निर्माण से शहर के विकास को रफ्तार मिलेगी।
32 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
शहर के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड के लिए 32 गांवों की 185 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। परियोजना को वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद प्रक्रिया में तेजी आएगी और मुआवजे का इंतजार कर रहे भूस्वामियों की उम्मीद पूरी होगी।
इस रिंग रोड के निर्माण पर भू-अधिग्रहण घोटाले की आंच भी आई थी। सरनिया गांव में अधिक मुआवजा लेने की नीयत से परिसंपत्तियों का मूल्यांकन अधिक किए जाने का मामला सामने आया था, लेकिन अच्छी बात यह रही कि भुगतान नहीं हुआ था। इस मामले में एनएचएआई ने आर्बिट्रेशन दायर किया है, जिस पर फैसला आना है। परियोजना को वित्तीय स्वीकृति मिलना उन तमाम किसानों के लिए राहत भरी खबर है, जिनकी परिसंपत्तियों के मूल्यांकन पर कोई आर्बिट्रेशन दायर नहीं है। न ही भुगतान रोकने का कोई और कारण है।
रिंग रोड परियोजना
1700 करोड़ रुपये की है परियोजना
900 करोड़ रुपये रिंग रोड के निर्माण पर होंगे खर्च
800 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर होंगे खर्च