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Bareilly News: 20 हजार रुपये जुर्माना जमा कर दूसरा कैदी शरीफ भी रिहा
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बरेली। रामपुर के सीआरपीएफ कांड का दूसरा कैदी मोहम्मद शरीफ भी स्थानीय सेंट्रल जेल से मंगलवार शाम सात बजे रिहा कर दिया गया। परिवार के लोगों ने वकील और जेल प्रशासन की मदद से बीस हजार रुपये जुर्माना जमा कराया तो रिहाई संभव हो सकी।
जेलर नीरज कुमार ने बताया कि सीआरपीएफ कांड में दो आरोपी जंग बहादुर खान और मोहम्मद शरीफ कई साल से सेंट्रल जेल बरेली में बंद थे।
सोमवार शाम जंग बहादुर की रिहाई हो गई, वह एक ही मुकदमे में निरुद्ध था। जबकि मोहम्मद शरीफ दो मुकदमों में निरुद्ध था। विस्फोटक अधिनियम के मुकदमे में उसे सात साल की सजा व बीस हजार रुपये जुर्माना हुआ था। यह सजा वह पूरी कर चुका था। सोमवार को उसकी रिहाई में जुर्माने का पेच फंस गया था।
मंगलवार को उसके परिजनों ने बीस हजार रुपये वकील के जरिये जेल प्रशासन को उपलब्ध कराए। यह रकम स्टेट बैंक के संबंधित खाते में जमा कराने के बाद कोर्ट की अनुमति से रिहाई परवाना जारी किया गया। शाम सात बजे परिवार के लोग उसे साथ लेकर चले गए।
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जेल प्रशासन के मुताबिक मोहम्मद शरीफ उर्फ सुहैल उर्फ साजिद उर्फ अनवर उर्फ अली मूल रूप से रामपुर जिले के खजुरिया थाने के बदनपुरी गांव का निवासी है। जेलर नीरज कुमार ने बताया कि जेल में शरीफ का आचरण संतोषजनक रहा। ब्यूरो
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जेलर नीरज कुमार ने बताया कि सीआरपीएफ कांड में दो आरोपी जंग बहादुर खान और मोहम्मद शरीफ कई साल से सेंट्रल जेल बरेली में बंद थे।
सोमवार शाम जंग बहादुर की रिहाई हो गई, वह एक ही मुकदमे में निरुद्ध था। जबकि मोहम्मद शरीफ दो मुकदमों में निरुद्ध था। विस्फोटक अधिनियम के मुकदमे में उसे सात साल की सजा व बीस हजार रुपये जुर्माना हुआ था। यह सजा वह पूरी कर चुका था। सोमवार को उसकी रिहाई में जुर्माने का पेच फंस गया था।
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मंगलवार को उसके परिजनों ने बीस हजार रुपये वकील के जरिये जेल प्रशासन को उपलब्ध कराए। यह रकम स्टेट बैंक के संबंधित खाते में जमा कराने के बाद कोर्ट की अनुमति से रिहाई परवाना जारी किया गया। शाम सात बजे परिवार के लोग उसे साथ लेकर चले गए।
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जेल प्रशासन के मुताबिक मोहम्मद शरीफ उर्फ सुहैल उर्फ साजिद उर्फ अनवर उर्फ अली मूल रूप से रामपुर जिले के खजुरिया थाने के बदनपुरी गांव का निवासी है। जेलर नीरज कुमार ने बताया कि जेल में शरीफ का आचरण संतोषजनक रहा। ब्यूरो