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अनेजा ग्रुप के शराब कारोबारी को लूटना चाहता था भाजपा मंडल अध्यक्ष का बेटा

Thu, 11 Jan 2018 01:47 AM IST
बरेली
बरेली Updated Thu, 11 Jan 2018 01:47 AM IST
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क्राइम ब्रांच ने चार अंतरजनपदीय बदमाशों को पकड़कर अनेजा ग्रुप के शराब कारोबारी को लूटने की योजना का पर्दाफाश कर दिया। क्राइम ब्रांच के मुताबिक शराब कारोबारी की दुकान से दो महीने पहले निकाले गए नौकर संजू निवासी खरदा गांव भुता ने लूट की योजना बनाई थी। संजू के पिता अमरदेव भाजपा के मंडल अध्यक्ष बताये जा रहे हैं। भुता पुलिस की दबिश से पहले संजू फरार हो चुका था। पुलिस लाइन में एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने प्रेसवार्ता करके मामले का खुलासा किया। 
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एसपी क्राइम ने बताया कि अनेजा ग्रुप के शराब कारोबारी एरन की भुता और फरीदपुर में देशी और इंग्लिश शराब की दुकानें हैं। दो महीने पहले उन्होंने भुता की शराब भट्टी पर काम करने वाले संजू को काम से निकाल दिया था। संजू को रुपयों के लेनदेन से संबंधित पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाने के लिए उसने बीसलपुर के पटेल नगर मोहल्ला निवासी विमल से संपर्क किया। 
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विमल पहले भुता में रहता था। विमल के साथ संजू ने लूट की योजना बनाई। विमल पीलीभीत के थाना बरखेड़ा के गांव खकुमा के रहने वाले सत्य प्रकाश उर्फ एसपी के गिरोह का सदस्य है। शराब कारोबारी को लूटने की योजना गिरोह के सरगना तक पहुंचाई गई, जिसके बाद पीलीभीत के जहानाबाद के शिवपुरिया गांव के महेंद्र पाल और क्योलड़िया के चंदपुर निवासी मुकेश के साथ बुधवार को लूट की योजना बना ली गई। 
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पहचाने जाने के डर से नहीं आया था संजू 
सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच को लूट की योजना का पता चला, जिसके बाद घेराबंदी कर दी गई। शराब कारोबारी की भुता स्थित शराब भट्टी पर दो लाख का भुगतान आना था, जिसको लूटने से पहले ही सत्यप्रकाश, महेंद्र, विमल और मुकेश पकड़े गए। पहचाने जाने के डर से संजू नहीं आया था। बदमाशों को पकड़ने के बाद पुलिस ने संजू के घर पर दबिश दी, लेकिन वह भाग चुका था। 


एसपी कहलाना पसंद करता था सरगना 
गिरोह का सरगना सत्यप्रकाश खुद को एसपी कहलाना पसंद करता था। उसके खिलाफ नवाबगंज थाने में हत्या के प्रयास और बीसलपुर थाने में धोखाधड़ी के मामले दर्ज मिले हैं। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि खुलासे में क्राइम ब्रांच प्रभारी सौरभ सिंह, सर्विलांस प्रभारी जावेद खान, श्याम सिंह, फतेह सिंह का अहम योगदान रहा। पुलिस ने बदमाशों से एक तमंचा, एक पौनिया, चार कारतूस और दो चाकू बरामद दिखाए हैं। 
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