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शासन के दूत ने किसानों से कहा- पहले सुखा लो फिर धान तुलवा लो
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बरेली/नवाबगंज। धान उत्पादन और सरकारी खरीद का जायजा लेने आए शासन के दूत को ज्यादातर केंद्रों पर किसान नदारद मिले। केंद्रों पर कहीं धन की कमी तो कहीं स्टाफ नदारद मिला। केंद्र प्रभारी रिकार्ड नहीं दिखा पाए। केंद्रों पर पहुंचे विशेष सचिव को बताया गया कि धान में नमी ज्यादा होने से खरीद प्रभावित है, इस पर उन्होंने किसानों से कहा कि वे पहले धान सुखाएं, उसके बाद ही तुलवाएं।
विशेष सचिव ओपी वर्मा शुक्रवार सुबह सरकारी धान खरीद की व्यवस्था का जायजा लेने बरेली पहुंचे। शासन से वह बरेली मंडल के नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। वह सबसे पहले मंडी परिषद परिसर में संचालित क्रय केंद्र पर पहुंचे। वहां किसानों ने बताया कि परधौली आदि गांवों में कोई केंद्र नहीं होने से 10-12 किलोमीटर घूमकर मंडी केंद्र पर धान लेकर आना पड़ रहा है। वर्मा ने अफसरों से पूछा तो बताया कि केंद्र तो हैं, लेकिन एजेंसियां चला नहीं रही हैं।
नवाबगंज पहुंचे विशेष सचिव वर्मा को मात्र एक केंद्र पर धान की तौल होती मिली। भदपुरा स्थित कमलापुर केंद्र प्रभारी से अभिलेख तलब किए तो नहीं दिखा पाया। मौजूद किसानों ने खरीद एजेंसियों की मनमानी की शिकायतें की। एक किसान पिछले सप्ताह से धान तौल कराने के लिए परेशान था, उसने बताया कि नमी ज्यादा होने का बहाना बनाकर धान नहीं खरीदा जा रहा है। वर्मा ने धान की जांच कराई तो ज्यादा नमी मिली। उन्होंने किसानों से कहा कि वे पहले धान सुखा लें इसके बाद ही केंद्र पर तौल कराएं। खाद्य निगम केंद्र पर तौल बंद मिली। पीसीएफ केंद्र बरखन रोड पर भी यही स्थिति मिली। जागीर गांव में पीसीएफ केेंद्र पर 20 बोरी धान मिला, खरीद बंद थी। केंद्र पर पिछले कई दिनों से खरीद बंद थी, इसलिए शासन स्तर कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रभारी ने आनन फानन में त्रिपाल बिछाकर कांटा रखकर लगा दिया था, जब त्रिपाल हटाकर देखा तो नीचे हरी घास जमी मिली। विशेष सचिव के आने की सूचना मिलते ही विधायक केसर सिंह भी पहुुंच गए। विधायक ने पीसीएफ, एसएफसी आदि की शिकायतें बताईं। जिला पंचायत सदस्य शशि कपूर ने बताया कि कमलापुर केंद्र पर 72 सौ क्विंटल धान की खरीद कागजों पर हुई है। एजेंसियाें की मिलीभगत से राइस मिलें धान खरीद कर रही हैं।
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निरीक्षण में कई गड़बड़ियां मिली हैं। कागजों पर केंद्र चल रहे हैं, लेकिन खरीद नहीं हो रही है। जिले में खरीद योजना लचर है, इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को सौंपी जाएगी। किसानों से कहा गया है कि वे मानक के अनुरूप धान सूखाकर लाएं। - ओपी वर्मा, नोडल अधिकारी
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विशेष सचिव ओपी वर्मा शुक्रवार सुबह सरकारी धान खरीद की व्यवस्था का जायजा लेने बरेली पहुंचे। शासन से वह बरेली मंडल के नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। वह सबसे पहले मंडी परिषद परिसर में संचालित क्रय केंद्र पर पहुंचे। वहां किसानों ने बताया कि परधौली आदि गांवों में कोई केंद्र नहीं होने से 10-12 किलोमीटर घूमकर मंडी केंद्र पर धान लेकर आना पड़ रहा है। वर्मा ने अफसरों से पूछा तो बताया कि केंद्र तो हैं, लेकिन एजेंसियां चला नहीं रही हैं।
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नवाबगंज पहुंचे विशेष सचिव वर्मा को मात्र एक केंद्र पर धान की तौल होती मिली। भदपुरा स्थित कमलापुर केंद्र प्रभारी से अभिलेख तलब किए तो नहीं दिखा पाया। मौजूद किसानों ने खरीद एजेंसियों की मनमानी की शिकायतें की। एक किसान पिछले सप्ताह से धान तौल कराने के लिए परेशान था, उसने बताया कि नमी ज्यादा होने का बहाना बनाकर धान नहीं खरीदा जा रहा है। वर्मा ने धान की जांच कराई तो ज्यादा नमी मिली। उन्होंने किसानों से कहा कि वे पहले धान सुखा लें इसके बाद ही केंद्र पर तौल कराएं। खाद्य निगम केंद्र पर तौल बंद मिली। पीसीएफ केंद्र बरखन रोड पर भी यही स्थिति मिली। जागीर गांव में पीसीएफ केेंद्र पर 20 बोरी धान मिला, खरीद बंद थी। केंद्र पर पिछले कई दिनों से खरीद बंद थी, इसलिए शासन स्तर कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रभारी ने आनन फानन में त्रिपाल बिछाकर कांटा रखकर लगा दिया था, जब त्रिपाल हटाकर देखा तो नीचे हरी घास जमी मिली। विशेष सचिव के आने की सूचना मिलते ही विधायक केसर सिंह भी पहुुंच गए। विधायक ने पीसीएफ, एसएफसी आदि की शिकायतें बताईं। जिला पंचायत सदस्य शशि कपूर ने बताया कि कमलापुर केंद्र पर 72 सौ क्विंटल धान की खरीद कागजों पर हुई है। एजेंसियाें की मिलीभगत से राइस मिलें धान खरीद कर रही हैं।
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निरीक्षण में कई गड़बड़ियां मिली हैं। कागजों पर केंद्र चल रहे हैं, लेकिन खरीद नहीं हो रही है। जिले में खरीद योजना लचर है, इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को सौंपी जाएगी। किसानों से कहा गया है कि वे मानक के अनुरूप धान सूखाकर लाएं। - ओपी वर्मा, नोडल अधिकारी