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बरेलीः रामबरात में खूब बरसा रंग और गुलाल
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राम बरात में शामिल पूर्व सांसद प्रवीन सिंह एेरन रथ हांकते हुए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
जगह-जगह मोर्चाबंदी के दौरान जमकर हुई रंगों की जंग, कई किलोमीटर तक लाल-पीली हुईं सड़कें
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पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने देव स्वरूपों की आरती उतारकर दिखाई हरी झंडी
बरेली। होली से पहले रामबरात में ही शहर रंगों से सराबोर हो गया। बड़ी बमनपुरी से रामबरात की शुरुआत के साथ रंग बरसने शुरू हुए तो कई किलोमीटर यात्रा कर वापस लौटने तक रास्ते की तमाम सड़कें रंगों से पट गईं। उड़ते गुलाल के रंग-बिरंगे गुबार के बीच कई जगह हुरियारों के बीच जमकर मोर्चाबंदी हुई। मौसम अपेक्षाकृत सर्द होने के बावजूद हुरियारों ने एक-दूसरे को रंगों में जमकर भिगोया। रामबरात जहां-जहां से गुजरी हुरियारों की यह जंग देखने के लिए सड़कों से लेकर छतें तक लोगों से अट गईं।
160 साल पुरानी रामबरात श्री रामलीला सभा के तत्वावधान में परंपरागत ढंग से सुबह करीब सवा 11 बजे बड़ी बमनपुरी से शुरू हुई। पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ने रामबरात में शामिल देव स्वरूपों की पूजा कर उन्हें माल्यार्पण किया और हरी झंडी दिखाकर उसे रवाना करने से पहले लोगों से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्शों को भी अपनाने को कहा। रामबरात शुरू होते ही रंग बरसने शुरू हो गए। हुरियारों की भीड़ से बड़ी बमनपुरी से मलूकपुर तक गलियां ठसाठस भरी हुई थीं। जय श्रीराम के उद्घोष के साथ रामबरात आगे बढ़ी तो रास्तों पर दोनों ओर खड़े लोगों का भगवान के स्वरूपों की स्तुति करने का सिलसिला शुरू हो गया। कई जगह भगवान के रथ पर घरों की छतों से फूलों की बारिश भी की गई।
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सीता-राम, लक्ष्मण और हनुमान के सुंदर स्वरूपों से सुसज्जित रामबरात बड़ी बमनपुरी के नृसिंह मंदिर से शुरू होकर मलूकपुर चौराहा, बिहारीपुर ढाल, कुतुबखाना घंटाघर, नॉवल्टी चौराहा, बरेली कॉलेज गेट, कालीबाड़ी, श्यामगंज चौराहा, मठ की चौकी, बड़ा बाजार, किला चौराहा, चमन की मठिया होते हुए वापस नृसिंह मंदिर लौटी। इस बीच रस्तोगी सभा के राधाकृष्ण रस्तोगी, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के इंद्रदेव त्रिवेदी, पंजाबी महासभा के संजय आनंद, देवराज चंडोक, नाथ नगरी जलाभिषेक समिति, उपजा प्रेस क्लब, लोधी राजपूत सभा, अगस्त्य मुनि आश्रम, बड़ा बाजार व्यापार मंडल समेत तमाम संगठनों की ओर से रामबरात का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया।
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जय श्रीराम के साथ हर-हर मोदी
जय श्रीराम और हर-हर मोदी के नारों के बीच हुरियारों की टोलियाें ने एक-दूसरे पर रंगों की बरसात की। केसरिया रंगों की भी रामबरात में अलग ही छटा दिखाई दी। लोगों के हाथ में केसरिया और राष्ट्रध्वज भी दिखाई दिए। शहर में बाइक पर घूमती हुरियारों की टोलियों के भी इसी तरह अलग-अलग अंदाज दिखे। हालांकि दो दिन पहले हुई तेज बारिश से हुई ठिठुरन का असर भी रामबरात पर दिखा। हमेशा की तरह जगह-जगह मोर्चाबंदी तो हुई लेकिन मोर्चा ज्यादा लंबा नहीं खिंचा।
कीचड़ फेंककर फिर खुराफात की कोशिश
रामबरात के दौरान पिछले साल हुरियारों पर नाली से कीचड़ फेंक कर रंग में भंग करने की कोशिश हुई थी। इस लिहाज से मठ की चौकी के पास पुलिस प्रशासन ने पहले से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की हुई थी। इसके बावजूद जब श्यामगंज से घूमकर रामबरात मठ की चौकी की ओर बढ़ रही थी तभी एक खुराफाती ने बाल्टी से नाली का पानी भरकर हुरियारों पर फेंकने की कोशिश की। पुलिसवालों ने उसकी हरकत देखकर उसे दबोच लिया और बाल्टी छीनकर जमकर डांट लगाई।
आज नृसिंह शोभायात्रा
रामलीला सभा के अध्यक्ष अतुल कपूर ने बताया कि मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे से नृसिंह शोभाया निकलेगी जो मलूकपुर, बिहारीपुर, कुतुबखाना, गढै़या होते हुए रामलीला स्थल पर लौटकर संपन्न होगी।
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पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने देव स्वरूपों की आरती उतारकर दिखाई हरी झंडी बरेली। होली से पहले रामबरात में ही शहर रंगों से सराबोर हो गया। बड़ी बमनपुरी से रामबरात की शुरुआत के साथ रंग बरसने शुरू हुए तो कई किलोमीटर यात्रा कर वापस लौटने तक रास्ते की तमाम सड़कें रंगों से पट गईं। उड़ते गुलाल के रंग-बिरंगे गुबार के बीच कई जगह हुरियारों के बीच जमकर मोर्चाबंदी हुई। मौसम अपेक्षाकृत सर्द होने के बावजूद हुरियारों ने एक-दूसरे को रंगों में जमकर भिगोया। रामबरात जहां-जहां से गुजरी हुरियारों की यह जंग देखने के लिए सड़कों से लेकर छतें तक लोगों से अट गईं।
160 साल पुरानी रामबरात श्री रामलीला सभा के तत्वावधान में परंपरागत ढंग से सुबह करीब सवा 11 बजे बड़ी बमनपुरी से शुरू हुई। पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ने रामबरात में शामिल देव स्वरूपों की पूजा कर उन्हें माल्यार्पण किया और हरी झंडी दिखाकर उसे रवाना करने से पहले लोगों से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्शों को भी अपनाने को कहा। रामबरात शुरू होते ही रंग बरसने शुरू हो गए। हुरियारों की भीड़ से बड़ी बमनपुरी से मलूकपुर तक गलियां ठसाठस भरी हुई थीं। जय श्रीराम के उद्घोष के साथ रामबरात आगे बढ़ी तो रास्तों पर दोनों ओर खड़े लोगों का भगवान के स्वरूपों की स्तुति करने का सिलसिला शुरू हो गया। कई जगह भगवान के रथ पर घरों की छतों से फूलों की बारिश भी की गई।
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सीता-राम, लक्ष्मण और हनुमान के सुंदर स्वरूपों से सुसज्जित रामबरात बड़ी बमनपुरी के नृसिंह मंदिर से शुरू होकर मलूकपुर चौराहा, बिहारीपुर ढाल, कुतुबखाना घंटाघर, नॉवल्टी चौराहा, बरेली कॉलेज गेट, कालीबाड़ी, श्यामगंज चौराहा, मठ की चौकी, बड़ा बाजार, किला चौराहा, चमन की मठिया होते हुए वापस नृसिंह मंदिर लौटी। इस बीच रस्तोगी सभा के राधाकृष्ण रस्तोगी, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के इंद्रदेव त्रिवेदी, पंजाबी महासभा के संजय आनंद, देवराज चंडोक, नाथ नगरी जलाभिषेक समिति, उपजा प्रेस क्लब, लोधी राजपूत सभा, अगस्त्य मुनि आश्रम, बड़ा बाजार व्यापार मंडल समेत तमाम संगठनों की ओर से रामबरात का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया।
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