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Bareilly News: सिक्सलेन पर सुस्ती की परत
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बरेली। पीलीभीत रोड पर बैरियर टू से बड़ा बाइपास तक 33 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 4.86 किमी लंबे सिक्सलेन का काम चार माह से ठप है। नतीजा, राहगीरों को धूल के गुबार के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। इससे लोग सांस संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। हादसों की आशंका भी बढ़ गई है।
बरेली विकास प्राधिकरण की तरफ से 4.86 किमी लंबे मार्ग को सिक्सलेन बनाया जा रहा है। यह मार्ग सड़क के दोनों तरफ मिलाकर 15 मीटर चौड़ा होगा। बीच में दो मीटर का डिवाइडर बनाया जाएगा। काम की शुरुआत एक साल पहले की गई थी। इसे सितंबर 2026 तक पूरा करना था, पर यह आज भी अधूरा है। सड़क पर रोड़े बिछा दिए गए हैं। नतीजा, सड़क पर वाहनों के गुजरने पर धूल का गुबार उठ रहा है।
इसलिए काम नहीं करा रहा ठेकेदार
टेंडर के दौरान तारकोल की कीमत 77 हजार रुपये प्रति टन थी जो अब बढ़कर 1.07 लाख पहुंच गई है। ठेकेदार इस वजह से काम नहीं करा रहा है, जबकि पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई की तरफ से काम कराए जा रहे हैं।
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तीन पुलियों का निर्माण अधूरा, सुरक्षा के नहीं किए उपाय
मार्ग पर तीन पुलियों को तोड़कर सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। वहां पिलर बनाने के लिए छड़ निकले हुए हैं। आलम यह है कि सड़क हर जगह से चौड़ी होने के बाद यहां सकरी हो गई है। इंडियन ओवरसीज बैंक, चावड़ व एक अन्य जगह पुलिया बनाई जा रही हैं। कोई भी वाहन इसमें गिरा तो बड़ा हादसा होना तय है। ठेकेदार की तरफ से वहां सुरक्षात्मक उपाय तक नहीं किए गए हैं।
आए दिन होते हैं हादसे
धूल उड़ने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। आए दिन हादसे होते रहते हैं। तीन माह पहले बैरियर टू पुलिस चौकी के पास रोडवेज बस ने एक महिला व एक व्यक्ति को कुचल दिया था। - बंटू पटेल, मुड़िया अहमदनगर
दिनभर धूल उड़ने से बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को दिक्कत हो रही है। एयरपोर्ट पर वीआईपी आते हैं तो वाहनों का काफिला निकलने पर स्थिति और बुरी हो जाती है। - जावेद हुसैन, मुड़िया अहमदनगर
इंडियन ओवरसीज बैंक के सामने अधूरी पुलिया की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। चावड़ के पास भी रोड ब्लॉक है। मयूर वन मोड़ पर एक ओर पड़ी बजरी खतरनाक है। - अरविंद सिंह भदौरिया, मुड़िया अहमदनगर
धूल से लोग बीमार हो रहे हैं। ठेकेदार कहते हैं कि अब काम मार्च-अप्रैल में लगेगा। ऐसे में जनता तो समस्याओं को झेलने के लिए ही बनी है। अधिकारियों को इससे कोई मतलब नहीं। - बुंदन, मुड़िया अहमदनगर
एक साल में हुआ सिर्फ 20 फीसदी काम
फतेहगंज पश्चिमी। जाम और हादसों से निजात दिलाने के लिए 824 करोड़ रुपये से बन रहे बाइपास का निर्माण काफी सुस्त है। झुमका चौराहे से चौबारी स्थित रामगंगा पुल तक बनने वाली इस परियोजना को शुरू हुए एक साल बीत चुका है, लेकिन अब तक महज 20 फीसदी काम ही हो सका है। ऐसे में ढाई साल के निर्धारित समय में परियोजना पूरी होना मुश्किल है। परियोजना का निर्माण आरपी इन्फ्रा कंपनी कर रही है। संवाद
कहीं नाला ऊंचा तो कहीं सड़क संकरी
भमौरा। बरेली-बदायूं हाईवे का निर्माण राहगीरों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। पुठी मोड़ से रामगंगा तक करीब 25 किलोमीटर लंबे हाईवे पर कहीं सड़क संकरी कर दी गई है तो कहीं नाला ऊंचा होने से जलभराव हो रहा है। देवचरा के चकरपुर मोड़ पर निर्माणाधीन पुलिया के पास सुरक्षा के लिए संकेतक तक नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में जरा सी चूक वाहन चालकों की जान पर भारी पड़ सकती है। निर्माण कार्य के चलते उड़ रही धूल और जाम से भी लोगों को रोजाना जूझना पड़ रहा है। ग्राम लंगुरा निवासी संजय ने बताया कि निर्माण कार्य के कारण उन्हें जाम, धूल और जगह-जगह बने कटों की समस्या से जूझना पड़ता है। संवाद
वर्जन
काम के बीच-बीच में कोई न कोई बाधा आती रही है। पहले वन निगम से पेड़ काटने की अनुमति नहीं मिलने से मामला अटका रहा। अब तारकोल महंगा होने के कारण ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं। काम को जल्द शुरू कराया जाएगा। - लवकेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, बीडीए
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बरेली विकास प्राधिकरण की तरफ से 4.86 किमी लंबे मार्ग को सिक्सलेन बनाया जा रहा है। यह मार्ग सड़क के दोनों तरफ मिलाकर 15 मीटर चौड़ा होगा। बीच में दो मीटर का डिवाइडर बनाया जाएगा। काम की शुरुआत एक साल पहले की गई थी। इसे सितंबर 2026 तक पूरा करना था, पर यह आज भी अधूरा है। सड़क पर रोड़े बिछा दिए गए हैं। नतीजा, सड़क पर वाहनों के गुजरने पर धूल का गुबार उठ रहा है।
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इसलिए काम नहीं करा रहा ठेकेदार
टेंडर के दौरान तारकोल की कीमत 77 हजार रुपये प्रति टन थी जो अब बढ़कर 1.07 लाख पहुंच गई है। ठेकेदार इस वजह से काम नहीं करा रहा है, जबकि पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई की तरफ से काम कराए जा रहे हैं।
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तीन पुलियों का निर्माण अधूरा, सुरक्षा के नहीं किए उपाय
मार्ग पर तीन पुलियों को तोड़कर सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। वहां पिलर बनाने के लिए छड़ निकले हुए हैं। आलम यह है कि सड़क हर जगह से चौड़ी होने के बाद यहां सकरी हो गई है। इंडियन ओवरसीज बैंक, चावड़ व एक अन्य जगह पुलिया बनाई जा रही हैं। कोई भी वाहन इसमें गिरा तो बड़ा हादसा होना तय है। ठेकेदार की तरफ से वहां सुरक्षात्मक उपाय तक नहीं किए गए हैं।
आए दिन होते हैं हादसे
धूल उड़ने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। आए दिन हादसे होते रहते हैं। तीन माह पहले बैरियर टू पुलिस चौकी के पास रोडवेज बस ने एक महिला व एक व्यक्ति को कुचल दिया था। - बंटू पटेल, मुड़िया अहमदनगर
दिनभर धूल उड़ने से बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को दिक्कत हो रही है। एयरपोर्ट पर वीआईपी आते हैं तो वाहनों का काफिला निकलने पर स्थिति और बुरी हो जाती है। - जावेद हुसैन, मुड़िया अहमदनगर
इंडियन ओवरसीज बैंक के सामने अधूरी पुलिया की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। चावड़ के पास भी रोड ब्लॉक है। मयूर वन मोड़ पर एक ओर पड़ी बजरी खतरनाक है। - अरविंद सिंह भदौरिया, मुड़िया अहमदनगर
धूल से लोग बीमार हो रहे हैं। ठेकेदार कहते हैं कि अब काम मार्च-अप्रैल में लगेगा। ऐसे में जनता तो समस्याओं को झेलने के लिए ही बनी है। अधिकारियों को इससे कोई मतलब नहीं। - बुंदन, मुड़िया अहमदनगर
एक साल में हुआ सिर्फ 20 फीसदी काम
फतेहगंज पश्चिमी। जाम और हादसों से निजात दिलाने के लिए 824 करोड़ रुपये से बन रहे बाइपास का निर्माण काफी सुस्त है। झुमका चौराहे से चौबारी स्थित रामगंगा पुल तक बनने वाली इस परियोजना को शुरू हुए एक साल बीत चुका है, लेकिन अब तक महज 20 फीसदी काम ही हो सका है। ऐसे में ढाई साल के निर्धारित समय में परियोजना पूरी होना मुश्किल है। परियोजना का निर्माण आरपी इन्फ्रा कंपनी कर रही है। संवाद
कहीं नाला ऊंचा तो कहीं सड़क संकरी
भमौरा। बरेली-बदायूं हाईवे का निर्माण राहगीरों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। पुठी मोड़ से रामगंगा तक करीब 25 किलोमीटर लंबे हाईवे पर कहीं सड़क संकरी कर दी गई है तो कहीं नाला ऊंचा होने से जलभराव हो रहा है। देवचरा के चकरपुर मोड़ पर निर्माणाधीन पुलिया के पास सुरक्षा के लिए संकेतक तक नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में जरा सी चूक वाहन चालकों की जान पर भारी पड़ सकती है। निर्माण कार्य के चलते उड़ रही धूल और जाम से भी लोगों को रोजाना जूझना पड़ रहा है। ग्राम लंगुरा निवासी संजय ने बताया कि निर्माण कार्य के कारण उन्हें जाम, धूल और जगह-जगह बने कटों की समस्या से जूझना पड़ता है। संवाद
वर्जन
काम के बीच-बीच में कोई न कोई बाधा आती रही है। पहले वन निगम से पेड़ काटने की अनुमति नहीं मिलने से मामला अटका रहा। अब तारकोल महंगा होने के कारण ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं। काम को जल्द शुरू कराया जाएगा। - लवकेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, बीडीए