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51 कन्याओं को मिला महामहिम का आशीर्वाद
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:44 AM IST
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सामूहिक विवाह में राज्यपाल
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श्री शिरडी साईं सेवा ट्रस्ट की ओर से रविवार को गांधी उद्यान में आयोजित सामूहिक वैवाहिक समारोह में 51 जोड़ों ने अग्नि के सात फेरे लेने के बाद एक-दूजे का हाथ थामे। समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रामनाईक ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए जीवन भर एक-दूसरे के सुखदुख में भागीदार बनने की सीख दी। राज्यपाल ने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए भ्रूण हत्या और दहेज की कुप्रथा रोकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की कम संख्या सामाजिक बीमारी का नतीजा है। इसे दूर करने की जिम्मेदारी भी पूरे समाज की है।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में 62 फीसदी मेडल लड़कियों ने ही पाए हैं। घर में रहकर माता-पिता की सेवा और घरेलू काम करने के बावजूद लड़कियां अगर खूब पढ़ लिख सकती हैं तो हमें उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इससे वे बहुत आगे जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि लड़के तो इधर-उधर देखने में ही समय बिता देते हैं लेकिन आज लड़कियों से फाइटर प्लेन चलाने पर विचार हो रहा है। इस मौके पर डॉ. राहुल अवस्थी की काव्य कृति का हमें तुम गुनगुनाओगे का विमोचन भी किया गया। समारोह में शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार, तुलसी मठ स्थल के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने भी विचार व्यक्त किए। बरेली कालेज में दर्शनशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एसी त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत किया। ट्रस्ट के सचिव सुशील पाठक ने आभार जताया। कार्यक्रम में एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, प्रभारी डीएम शिवसहाय अवस्थी, कांग्रेस नेता अजय शुक्ला समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
51 घोड़ों पर निकली सामूहिक बारात
सामूहिक विवाह समारोह का आकर्षण यह रहा कि दूल्हा बने युवकों की बारात अलग-अलग घोड़ों पर रवाना हुई। श्यामगंज स्थित श्री शिरडी र्साइं सर्वदेव मंदिर पर दूल्हों के लिए 51 घोड़ों का बंदोबस्त ट्रस्ट की ओर से किया गया था। बैंडबाजों के साथ बरात कार्यक्रम स्थल गांधी उद्यान पर पहुंची, जहां जयमाल के कार्यक्रम के बाद सजाए गए अलग-अलग मंडप पर वैदिक रीतिरिवाज से फेरे की रस्म अदा की गई। शाम को सारा घरेलू सामान दान में देकर सामूहिक विदाई की गई। 51 में से 10 कन्याएं तो ऐसी थीं, जिनके माता-पिता भी नहीं हैं। सामूहिक विवाह समारोह और दान दहेज की सारी व्यवस्थाओं का खर्च श्री शिरडी सांई सेवा ट्रस्ट ने दानदाताओं के सहयोग से की।
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लेकिन पुष्पा का अफसोस रह गया
सामूहिक विवाह समारोह में 52 वां विवाह पुष्पा का होना था। बरेली कालेज के एक कर्मचारी की बेटी पुष्पा की शादी लखनऊ के एक लड़के से तय हुई थी और दोनों परिवारों की सहमति के बाद समारोह में विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन भी हो गया था। ट्रस्ट के सचिव सुशील पाठक ने बताया कि पांच दिन पहले ही आकस्मिक बीमारी में पुष्पा की मौत हो गई, इसका अफसोस रह गया।
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राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में 62 फीसदी मेडल लड़कियों ने ही पाए हैं। घर में रहकर माता-पिता की सेवा और घरेलू काम करने के बावजूद लड़कियां अगर खूब पढ़ लिख सकती हैं तो हमें उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इससे वे बहुत आगे जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि लड़के तो इधर-उधर देखने में ही समय बिता देते हैं लेकिन आज लड़कियों से फाइटर प्लेन चलाने पर विचार हो रहा है। इस मौके पर डॉ. राहुल अवस्थी की काव्य कृति का हमें तुम गुनगुनाओगे का विमोचन भी किया गया। समारोह में शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार, तुलसी मठ स्थल के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने भी विचार व्यक्त किए। बरेली कालेज में दर्शनशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एसी त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत किया। ट्रस्ट के सचिव सुशील पाठक ने आभार जताया। कार्यक्रम में एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, प्रभारी डीएम शिवसहाय अवस्थी, कांग्रेस नेता अजय शुक्ला समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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51 घोड़ों पर निकली सामूहिक बारात
सामूहिक विवाह समारोह का आकर्षण यह रहा कि दूल्हा बने युवकों की बारात अलग-अलग घोड़ों पर रवाना हुई। श्यामगंज स्थित श्री शिरडी र्साइं सर्वदेव मंदिर पर दूल्हों के लिए 51 घोड़ों का बंदोबस्त ट्रस्ट की ओर से किया गया था। बैंडबाजों के साथ बरात कार्यक्रम स्थल गांधी उद्यान पर पहुंची, जहां जयमाल के कार्यक्रम के बाद सजाए गए अलग-अलग मंडप पर वैदिक रीतिरिवाज से फेरे की रस्म अदा की गई। शाम को सारा घरेलू सामान दान में देकर सामूहिक विदाई की गई। 51 में से 10 कन्याएं तो ऐसी थीं, जिनके माता-पिता भी नहीं हैं। सामूहिक विवाह समारोह और दान दहेज की सारी व्यवस्थाओं का खर्च श्री शिरडी सांई सेवा ट्रस्ट ने दानदाताओं के सहयोग से की।
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लेकिन पुष्पा का अफसोस रह गया
सामूहिक विवाह समारोह में 52 वां विवाह पुष्पा का होना था। बरेली कालेज के एक कर्मचारी की बेटी पुष्पा की शादी लखनऊ के एक लड़के से तय हुई थी और दोनों परिवारों की सहमति के बाद समारोह में विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन भी हो गया था। ट्रस्ट के सचिव सुशील पाठक ने बताया कि पांच दिन पहले ही आकस्मिक बीमारी में पुष्पा की मौत हो गई, इसका अफसोस रह गया।