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गेहूं खरीद में एजेंसियां कर रहीं लापरवाही, जिला प्रबंधकों को नोटिस
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बरेली। गेहूं की कम खरीद पर एडीएम प्रशासन आरएस द्विवेदी ने सरकारी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे लेखपालों और कानूनगो को गांवों में भेजकर सरकारी सेंटरों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को प्रेरित करें।
एडीएम प्रशासन की समीक्षा में सरकारी एजेंसियां गेहूं की खरीद में काफी पीछे हैं। समीक्षा में यह सामने आया है कि पीसीयू के 25 क्रय केंद्रों पर 765 किसानों से 6251 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जबकि पिछले वर्ष इस एजेंसी ने अब तक 15974 मीट्रिक टन खरीद की थी। इसी तरह यूपीएग्रो के चार क्रय केंद्रों पर 346 किसानों से अब तक केवल 1822 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। जबकि पिछले साल इस एजेंसी ने 2271 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली थी। गेहूं की खरीद में पीसीएफ की भी लापरवाही सामने आई है। इस एजेंसी के 38 क्रय केंद्र बने हैं। रिकार्ड के तहत इन सेंटरों पर 1521 किसानों से केवल 10064 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका। जबकि पिछले साल अब तक 15225 मीट्रिक टन खरीद की जा चुकी थी। कर्मचारी कल्याण निगम की समीक्षा में यह सामने आया है कि निगम ने पिछले वर्ष अब तक जहां 6818.75 मीट्रिक टन खरीद कर ली थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा केवल 3510.55 मीट्रिक टन तक ही पहुंच सका है। गेहूं खरीद में इसके अलावा दूसरी क्रय एजेंसियों की स्थिति भी खराब मिली है। एडीएम प्रशासन ने इन सभी एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि लेखपालों और कानूनगो को निर्देशित किया गया है कि वे अपने तैनाती वाले गांवों में पहुंचें और किसानों को सरकारी सेंटरों पर गेहूं बेचने के लिए तैयार करेें।
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एडीएम प्रशासन की समीक्षा में सरकारी एजेंसियां गेहूं की खरीद में काफी पीछे हैं। समीक्षा में यह सामने आया है कि पीसीयू के 25 क्रय केंद्रों पर 765 किसानों से 6251 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जबकि पिछले वर्ष इस एजेंसी ने अब तक 15974 मीट्रिक टन खरीद की थी। इसी तरह यूपीएग्रो के चार क्रय केंद्रों पर 346 किसानों से अब तक केवल 1822 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। जबकि पिछले साल इस एजेंसी ने 2271 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली थी। गेहूं की खरीद में पीसीएफ की भी लापरवाही सामने आई है। इस एजेंसी के 38 क्रय केंद्र बने हैं। रिकार्ड के तहत इन सेंटरों पर 1521 किसानों से केवल 10064 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका। जबकि पिछले साल अब तक 15225 मीट्रिक टन खरीद की जा चुकी थी। कर्मचारी कल्याण निगम की समीक्षा में यह सामने आया है कि निगम ने पिछले वर्ष अब तक जहां 6818.75 मीट्रिक टन खरीद कर ली थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा केवल 3510.55 मीट्रिक टन तक ही पहुंच सका है। गेहूं खरीद में इसके अलावा दूसरी क्रय एजेंसियों की स्थिति भी खराब मिली है। एडीएम प्रशासन ने इन सभी एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि लेखपालों और कानूनगो को निर्देशित किया गया है कि वे अपने तैनाती वाले गांवों में पहुंचें और किसानों को सरकारी सेंटरों पर गेहूं बेचने के लिए तैयार करेें।
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