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‘है नमन उनको...जो शौर्य की जीवित कहानी हो गए’
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‘है नमन उनको...जो शौर्य की जीवित कहानी हो गए’
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। प्रेम रस की कविताओं से सराबोर कर देने वाले कुमार विश्वास ने जब मंच संभाला तो पलकें नम कर दीं। ‘कोई दीवाना कहता है’ के बजाय ‘है नमन उनको...जो शौर्य की जीवित कहानी हो गए’ से पुलवामा हमले के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शनिवार को कुमार विश्वास यूपी आर्थोपेडिक एसोसिएशन की ओर आयोजित यूपी आर्थोकॉन कार्यक्रम में डॉक्टरों को तनाव मुक्त रहने के टिप्स देने पहुंचे थे। यहां उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए व्यक्ति, समाज और सरकार को एकता के सूत्र में पिरोने का प्रयास किया।
कुमार विश्वास ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष गुजरने के बाद भी अब तक भारतीय व्यक्तिगत विकास पहले और देश का नाम बाद में लेते हैं। जब तक यह स्थिति नहीं बदलेगी, देश की सुरक्षा खतरे में है। इसी का फायदा दुश्मन देश उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सिर्फ पाकिस्तान के नाम पर राष्ट्रभक्त बन जाते हैं, जबकि भगवान की प्रतिमाएं भी अब चीन से बनकर आ रही हैं। इस पर किसी का ध्यान नहीं जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलवामा हमला के बाद शायद भारतीयों की चेतना जागे और व्यक्तिगत के बजाय राष्ट्र के प्रति एकजुटता आए। उन्होंने कहा कि देश के निर्माण में डॉक्टर, वकील और शिक्षकों का अहम योगदान रहा है जो अब अपने मिशन से कमीशन की ओर चले गए हैं। कुमार विश्वास ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह भी दी। उन्होंने यह भी कहा कि सक्षम जगहों पर अक्षम लोग बैठे हैं।
फौजियों को मिले इलाज में प्राथमिकता
कुमार विश्वास ने मौजूद डॉक्टरों को फौजियों और उनके परिवारवालों को इलाज में प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि फौजियों को प्राथमिकता पर रखना देश की सच्ची सेवा होगी। इस पर सभी ने सहमति जताई। इस मौके पर पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अशोक शुक्ला, कुलभूषण शर्मा आदि मौजूद रहे।
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मिनी मैराथन से दिया एकजुटता का संदेश
बरेली। यूपी आर्थोकान के दूसरे दिन की शुरुआत पुलवामा हमले के शहीदों को समर्पित मिनी मैराथन से हुई। इसके जरिए एकजुटता का संदेश दिया गया। इसके बाद शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य अतिथि डॉ. अरुणिमा सिन्हा ने अपने जीवन संघर्ष के बारे में बताते हुए मौजूद लोगों में दृढ़ इच्छाशक्ति का संचार किया। उन्होंने कहा कि देश में रहकर देश के खिलाफ साजिश रच रहे लोगों को तलाश कर उन्हें खत्म करना जरू री है। मैराथन का संचालन डॉ. अवनीश यादव ने किया। इस दौरान डॉ. विनोद पागरानी, डॉ. केशव, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. मनोज हिरानी, डॉ. शशांक शुक्ला आदि मौजूद रहे। इस दौरान हुए एकेडमिक सेशन में मुजफ्फरनगर के डॉ. मुकेश जैन ने कोहनी की हड्डी टूटने के बाद उसे जोड़ने का तरीका बताया। लखनऊ के डॉ. जमाल अशरफ ने पैर की हड्डी टूटने पर प्लेट डालने की नई तकनीक की जानकारी दी। आगरा के डॉ. अशोक विज ने फीमर बोन की नेक टूटने पर अत्याधुनिक इलाज की जानकारी दी। इसके अलावा दिल्ली के डॉ. विवेक तिरखा, मुंबई के डॉ. सुश्रुत बबुलकर और पटना के डॉ. जॉन मुखोपाध्याय ने हड्डी टूटने पर इलाज के नये तरीकों की जानकारी दी।
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कुमार विश्वास ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष गुजरने के बाद भी अब तक भारतीय व्यक्तिगत विकास पहले और देश का नाम बाद में लेते हैं। जब तक यह स्थिति नहीं बदलेगी, देश की सुरक्षा खतरे में है। इसी का फायदा दुश्मन देश उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सिर्फ पाकिस्तान के नाम पर राष्ट्रभक्त बन जाते हैं, जबकि भगवान की प्रतिमाएं भी अब चीन से बनकर आ रही हैं। इस पर किसी का ध्यान नहीं जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलवामा हमला के बाद शायद भारतीयों की चेतना जागे और व्यक्तिगत के बजाय राष्ट्र के प्रति एकजुटता आए। उन्होंने कहा कि देश के निर्माण में डॉक्टर, वकील और शिक्षकों का अहम योगदान रहा है जो अब अपने मिशन से कमीशन की ओर चले गए हैं। कुमार विश्वास ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह भी दी। उन्होंने यह भी कहा कि सक्षम जगहों पर अक्षम लोग बैठे हैं।
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फौजियों को मिले इलाज में प्राथमिकता
कुमार विश्वास ने मौजूद डॉक्टरों को फौजियों और उनके परिवारवालों को इलाज में प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि फौजियों को प्राथमिकता पर रखना देश की सच्ची सेवा होगी। इस पर सभी ने सहमति जताई। इस मौके पर पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अशोक शुक्ला, कुलभूषण शर्मा आदि मौजूद रहे।
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मिनी मैराथन से दिया एकजुटता का संदेश
बरेली। यूपी आर्थोकान के दूसरे दिन की शुरुआत पुलवामा हमले के शहीदों को समर्पित मिनी मैराथन से हुई। इसके जरिए एकजुटता का संदेश दिया गया। इसके बाद शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य अतिथि डॉ. अरुणिमा सिन्हा ने अपने जीवन संघर्ष के बारे में बताते हुए मौजूद लोगों में दृढ़ इच्छाशक्ति का संचार किया। उन्होंने कहा कि देश में रहकर देश के खिलाफ साजिश रच रहे लोगों को तलाश कर उन्हें खत्म करना जरू री है। मैराथन का संचालन डॉ. अवनीश यादव ने किया। इस दौरान डॉ. विनोद पागरानी, डॉ. केशव, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. मनोज हिरानी, डॉ. शशांक शुक्ला आदि मौजूद रहे। इस दौरान हुए एकेडमिक सेशन में मुजफ्फरनगर के डॉ. मुकेश जैन ने कोहनी की हड्डी टूटने के बाद उसे जोड़ने का तरीका बताया। लखनऊ के डॉ. जमाल अशरफ ने पैर की हड्डी टूटने पर प्लेट डालने की नई तकनीक की जानकारी दी। आगरा के डॉ. अशोक विज ने फीमर बोन की नेक टूटने पर अत्याधुनिक इलाज की जानकारी दी। इसके अलावा दिल्ली के डॉ. विवेक तिरखा, मुंबई के डॉ. सुश्रुत बबुलकर और पटना के डॉ. जॉन मुखोपाध्याय ने हड्डी टूटने पर इलाज के नये तरीकों की जानकारी दी।