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बेदी टेलर्स की तीन फर्मों पर छापा, 65 लाख का माल जब्त
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 05 May 2018 01:25 AM IST
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वाणिज्य कर विभाग ने शुक्रवार को सिविल लाइंस में बेदी फैशन की तीन फर्मों पर छापा मारकर बड़े पैमाने पर टैक्स की हेराफेरी पकड़ी। बेदी फैशन के कर्ताधर्ता इस कार्रवाई के दौरान छापा मारने वाली टीम को टैक्स की अदायगी से संबंधित कोई भी रिकॉर्ड नहीं दिखा पाए। वाणिज्य कर विभाग की टीम ने तीनों फर्मों से कई संदिग्ध रिकॉर्ड के साथ 65 लाख रुपये का माल भी जब्त कर लिया। अफसरों ने बताया कि बेदी फैशन के कारोबार का असेसमेंट किया जा रहा है, जिसके पूरा होने के बाद ही टैक्स चोरी की सही स्थिति का पता चल पाएगा।
बेदी फैशन के संबंध में शुक्रवार की दोपहर एक गोपनीय सूचना मिलने के बाद एडिशनल कमिश्नर एसपी सिंह ने छापा मारने के लिए आननफानन में संयुक्त आयुक्त लालजी यादव और रामकरन मौर्य के नेतृत्व में टीम गठित की। इसके बाद विशेष अनुसंधान इकाई (एसआईबी) की टीम ने सिविल लाइंस में बेदी फैशन की बेदी टेलर्स, बेदी बैंक्वेट हॉल और बेदी स्टोर पर एक साथ छापा मारा। वाणिज्य कर टीम ने तीनों फर्मों पर छानबीन के लिए कारोबार संबंधी रिकॉर्ड मांगे, लेकिन बेदी फैशन के मालिक टीम को न कोई लेखा पुस्तक दिखा पाए, न बिल बुक पेश कर पाए।
तीनों फर्मों पर कारोबार का कोई रिकॉर्ड न मिलने पर अधिकारियों ने बेदी फैशन स्टोर से मिला लगभग 65 लाख रुपये के कपड़ों का स्टॉक सीज कर दिया। अफसरों ने बताया कि फैशन स्टोर पर पाए गए कपड़े का रिटेल मूल्य 1000 रुपये प्रति मीटर से अधिक था, इस कारण कपड़े के पूरे स्टॉक पर 12 प्रतिशत की दर से करदेयता बनती है। एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि बेदी फैशन से कई संदिग्ध अभिलेख भी कब्जे में लिए गए हैं जो प्रथमदृष्टया लेखा बहियों से बाहर व्यापार करने के सबूत लग रहे हैं। उन्होंने बताया कि कब्जे में लिए गए अभिलेखों माल का नियमित अभिलेखों से मिलान कराने को व्यापारी को समय दिया गया है। टीम ने व्यापार स्थल पर पाए गए स्टॉक की इन्वेंटरी भी बनाई गई है। छापा मारने वाली टीम में डिप्टी कमिश्नर विजय कुमार, नितिन कुमार बाजपेई, संजय मिश्रा, एसी अभिषेक चतुर्वेदी, पंकज सुमन आदि भी शामिल रहे।
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वाणिज्य कर विभाग की टीम सर्वे के लिए आई थी। टीम ने कुछ स्टॉक भी सील किया है। हमारी ओर से टीम को पूरा सहयोग किया गया।
- कुलजीत सिंह बेदी
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बेदी फैशन के संबंध में शुक्रवार की दोपहर एक गोपनीय सूचना मिलने के बाद एडिशनल कमिश्नर एसपी सिंह ने छापा मारने के लिए आननफानन में संयुक्त आयुक्त लालजी यादव और रामकरन मौर्य के नेतृत्व में टीम गठित की। इसके बाद विशेष अनुसंधान इकाई (एसआईबी) की टीम ने सिविल लाइंस में बेदी फैशन की बेदी टेलर्स, बेदी बैंक्वेट हॉल और बेदी स्टोर पर एक साथ छापा मारा। वाणिज्य कर टीम ने तीनों फर्मों पर छानबीन के लिए कारोबार संबंधी रिकॉर्ड मांगे, लेकिन बेदी फैशन के मालिक टीम को न कोई लेखा पुस्तक दिखा पाए, न बिल बुक पेश कर पाए।
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तीनों फर्मों पर कारोबार का कोई रिकॉर्ड न मिलने पर अधिकारियों ने बेदी फैशन स्टोर से मिला लगभग 65 लाख रुपये के कपड़ों का स्टॉक सीज कर दिया। अफसरों ने बताया कि फैशन स्टोर पर पाए गए कपड़े का रिटेल मूल्य 1000 रुपये प्रति मीटर से अधिक था, इस कारण कपड़े के पूरे स्टॉक पर 12 प्रतिशत की दर से करदेयता बनती है। एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि बेदी फैशन से कई संदिग्ध अभिलेख भी कब्जे में लिए गए हैं जो प्रथमदृष्टया लेखा बहियों से बाहर व्यापार करने के सबूत लग रहे हैं। उन्होंने बताया कि कब्जे में लिए गए अभिलेखों माल का नियमित अभिलेखों से मिलान कराने को व्यापारी को समय दिया गया है। टीम ने व्यापार स्थल पर पाए गए स्टॉक की इन्वेंटरी भी बनाई गई है। छापा मारने वाली टीम में डिप्टी कमिश्नर विजय कुमार, नितिन कुमार बाजपेई, संजय मिश्रा, एसी अभिषेक चतुर्वेदी, पंकज सुमन आदि भी शामिल रहे।
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वाणिज्य कर विभाग की टीम सर्वे के लिए आई थी। टीम ने कुछ स्टॉक भी सील किया है। हमारी ओर से टीम को पूरा सहयोग किया गया।
- कुलजीत सिंह बेदी