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शिव और राम पर हमला कर फंसे वीरपाल
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:37 PM IST
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भगवान शिव और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम पर हमला करने का बयान देकर पूर्व सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव चारों ओर से फंस गए हैं। भाजपाइयों ने वीरपाल का वीडियो मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया। शासन के निर्देश पर देर शाम तक बिथरी थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। सपा नेता भी वीरपाल के बयान से सहमत नहीं है। सबने उनके बयान पर चुप्पी साध ली है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान के लिए वीरपाल की जमकर फजीहत हो रही है।
वीरपाल सिंह यादव का अल्पसंख्यक बहुल गांव उमरिया में दिए गए बयान का वीडियो सोमवार को वायरल हुआ था। उसमें उन्होंने कांवड़ियों को नशेड़ी, दारूबाज बताकर विरोध उनका करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि सपा को अब राम और शंकर से लड़ना पड़ेगा। उनके इस बयान से भाजपा और सपा के अलावा सोशल मीडिया पर भी भूचाल आ गया है। भाजपाइयों ने वीरपाल के बयान का वीडियो सीएम और भाजपा हाईकमान को भेज दिया। सरकार ने बयान को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। देर शाम वीरपाल के खिलाफ बिथरी थाने में दरोगा ब्रजपाल की ओर से धार्मिक भावनाएं भड़काने और गालीगलौज करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली गई। सपाई भी पूर्व जिलाध्यक्ष के बयान से असहमत दिखे। किसी ने चुप्पी साध ली तो किसी ने कहा दिया कि यह उनके निजी विचार हो सकते हैं।
क्या सेकुलर होना अपने धर्म को अपमानित करना है
पूर्व जिलाध्यक्ष के बयान की सोशल मीडिया में भी जमकर फजीहत हो रही है। प्रदीप मौर्य ने लिखा है- क्या सेकुलर का मतलब अपने धर्म को अपमानित करना होता है। विनय वार्ष्णेंय ने फेसबुक पर लिखा- जान निकलेगी जब तुम्हारी तो तुम्हे राम और भोले ही याद आएंगे। संतोष देवल की पोस्ट है- नेताजी, यह बयान सपा को जिताने के लिए नहीं, हराने के लिए दिया गया है। वैभव राठी ने लिखा है- नेताजी ने सपा की सीटें अपने भाषण से ही जिता दीं। मनोज कश्यप ने लिखा-यह कभी प्रधानी का चुनाव नहीं जीते। अब सपा को ले डूबेंगे। इन जैसों की वजह से ही सपा का यह हाल है कि पांच सांसद रह गए हैं प्रदेश में। वसीम जावेद की टिप्पणी थी- पप्पू मिश्रा के बयान वाला वीडियो भी दिखा दो। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए भगवान राम और भोले शंकर को बीच में लाना गलत है।
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वीरपाल सिंह यादव का अल्पसंख्यक बहुल गांव उमरिया में दिए गए बयान का वीडियो सोमवार को वायरल हुआ था। उसमें उन्होंने कांवड़ियों को नशेड़ी, दारूबाज बताकर विरोध उनका करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि सपा को अब राम और शंकर से लड़ना पड़ेगा। उनके इस बयान से भाजपा और सपा के अलावा सोशल मीडिया पर भी भूचाल आ गया है। भाजपाइयों ने वीरपाल के बयान का वीडियो सीएम और भाजपा हाईकमान को भेज दिया। सरकार ने बयान को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। देर शाम वीरपाल के खिलाफ बिथरी थाने में दरोगा ब्रजपाल की ओर से धार्मिक भावनाएं भड़काने और गालीगलौज करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली गई। सपाई भी पूर्व जिलाध्यक्ष के बयान से असहमत दिखे। किसी ने चुप्पी साध ली तो किसी ने कहा दिया कि यह उनके निजी विचार हो सकते हैं।
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क्या सेकुलर होना अपने धर्म को अपमानित करना है
पूर्व जिलाध्यक्ष के बयान की सोशल मीडिया में भी जमकर फजीहत हो रही है। प्रदीप मौर्य ने लिखा है- क्या सेकुलर का मतलब अपने धर्म को अपमानित करना होता है। विनय वार्ष्णेंय ने फेसबुक पर लिखा- जान निकलेगी जब तुम्हारी तो तुम्हे राम और भोले ही याद आएंगे। संतोष देवल की पोस्ट है- नेताजी, यह बयान सपा को जिताने के लिए नहीं, हराने के लिए दिया गया है। वैभव राठी ने लिखा है- नेताजी ने सपा की सीटें अपने भाषण से ही जिता दीं। मनोज कश्यप ने लिखा-यह कभी प्रधानी का चुनाव नहीं जीते। अब सपा को ले डूबेंगे। इन जैसों की वजह से ही सपा का यह हाल है कि पांच सांसद रह गए हैं प्रदेश में। वसीम जावेद की टिप्पणी थी- पप्पू मिश्रा के बयान वाला वीडियो भी दिखा दो। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए भगवान राम और भोले शंकर को बीच में लाना गलत है।
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