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श्रमिकों के लंबित विधेयक पारित कराना प्राथमिकता
Updated Mon, 04 Sep 2017 01:43 AM IST
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संतोष गंगवार
- फोटो : PTI
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बरेली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद संतोष गंगवार अब स्वतंत्र प्रभार के साथ श्रम एवं रोजगार मंत्री होंगे। नए मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए संतोष गंगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनको जो नई जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरने के लिए वह हर संभव कोशिश करेंगे। स्थाई और अस्थाई श्रमिकों के कानूनों को आसान बनाया जाएगा। लोकसभा में श्रमिकों के लंबित विधेयक पारित कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में संतोष गंगवार ने कहा कि देश भर में कई प्रकार के श्रमिक हैं। स्थाई और अस्थाई श्रमिकों के अलावा संविदा और दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की अलग-अलग समस्याएं हैं। वह सोमवार को नए मंत्रालय के दफ्तर में पहुंचकर सबसे पहले इन श्रमिकों और उनकी समस्याओं पर अध्ययन करेंगे। इसके बाद उनके समाधान की रूपरेखा बनाई जाएगी। श्रम रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि मजदूरों को उचित वेतन, भत्ते दिलाने से लेकर अन्य सुविधाएं कैसे मिलें, इसके लिए पुरानी योजनाओं पर अमल तेज किया जाएगा, साथ ही नई योजनाएं भी बनाई जाएंगी। नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण समेत अन्य रोजगारपरक ट्रेनिंग कोर्स शुरू किए जाएंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद संतोष गंगवार अब स्वतंत्र प्रभार के साथ श्रम एवं रोजगार मंत्री होंगे। नए मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए संतोष गंगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनको जो नई जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरने के लिए वह हर संभव कोशिश करेंगे। स्थाई और अस्थाई श्रमिकों के कानूनों को आसान बनाया जाएगा। लोकसभा में श्रमिकों के लंबित विधेयक पारित कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में संतोष गंगवार ने कहा कि देश भर में कई प्रकार के श्रमिक हैं। स्थाई और अस्थाई श्रमिकों के अलावा संविदा और दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की अलग-अलग समस्याएं हैं। वह सोमवार को नए मंत्रालय के दफ्तर में पहुंचकर सबसे पहले इन श्रमिकों और उनकी समस्याओं पर अध्ययन करेंगे। इसके बाद उनके समाधान की रूपरेखा बनाई जाएगी। श्रम रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि मजदूरों को उचित वेतन, भत्ते दिलाने से लेकर अन्य सुविधाएं कैसे मिलें, इसके लिए पुरानी योजनाओं पर अमल तेज किया जाएगा, साथ ही नई योजनाएं भी बनाई जाएंगी। नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण समेत अन्य रोजगारपरक ट्रेनिंग कोर्स शुरू किए जाएंगे।
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