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20 मीटर चौड़ी सड़क बनाए रेलवे प्रशासन
बरेली
Updated Fri, 12 Jan 2018 01:35 AM IST
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क्रेडाई ने रेलवे को श्यामगंज से इज्जतनगर तक 20 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का सुझाव दिया है। दरअसल, माधोबाड़ी से इज्जतनगर तक रेलवे की जमीन पर 90 साल की लीज पर प्लॉट देने की निविदा से पूर्व आरएलडीए ने बैठक करके आपत्तियां और सुझाव मांगे थे।
क्रेडाई के सचिव सुनील गुप्ता की तरफ से 20 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के सुझाव के साथ ले-आउट भेजा गया है। सुझाव के साथ कुछ आपत्तियां भी क्रेडाई की तरफ से दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा आरएलडीए को रेलवे की जमीन पर सड़क बनाने के लिए शहर के लोगों की तरफ से और भी सुझाव भेजे गए हैं। क्रेडाई ने आर्किटेक्ट सुशील कुमार शौरी से ले-आउट तैयार कराया है। 19 जनवरी तक रेलवे को इन आपत्तियों और सुझावों पर फैसला लेना होगा। क्रेडाई की गर्वेनिंग काउंसिल के सदस्य सुनील कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे को जनता की भावनाओं का ख्याल रखकर फैसला लेना चाहिए। उधर, डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बीडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर आरएलडीए की राह में नया रोड़ा अटका दिया है। डीएम ने बिना सड़क बनवाए लैंड यूज पर विचार करने से पहले शहर के आम नागरिकों की राय लेने को कहा है।
सुझाव और आपत्तियां
- श्यामगंज से लेकर इज्जतनगर तक रेलवे की 35.54 एकड़ भूमि साढ़े चार किलोमीटर क्षेत्र में है। इस जमीन पर न्यूनतम 20 मीटर चौड़ी सड़क बना दी जाए। इससे बाद बाकी बची जमीन के प्लाट बनाकर रेलवे बेचे तो ज्यादा कीमत मिलेगी। शहर की जनता भी यही चाहती है। डीडीपुरम इसका उदाहरण है। यहां 36 मीटर के प्लाट काफी अच्छी कीमत में बिके हैं, लेकिन इसके लिए जमीन का लैंड यूज कॉमिर्शियल कराना होगा।
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- इस भूमि के पार्ट-वन में श्यामगंज मालगोदाम वाली भूमि 16.21 एकड़ है। इसके सामने फ्लाईओवर बन चुका है। पुल की ओर से भूमि के भाग की दिशा में ईंट पजाया तक काफी दुकानें बनी हैं, जो वक्फ भूमि पर है। इन्हें आरएलडीए हटा नहीं पाएगा। ऐसी स्थिति में इस जमीन पर सड़क बेहद उपयोगी होगी।
- बरेली देश के उन चुनिंदा 100 शहरों में से है। जिसका स्मार्ट सिटी के रूप मेें विकसित होना प्रस्तावित है, इसलिए भी यहां उत्तम और आवश्यक सड़कों का निर्माण होना ही चाहिए।
- इज्जतनगर से श्यामगंज तक रेलवे ट्रैक की कुछ जमीन पर सड़क बन जाने से शहर के महत्वपूर्ण भाग को कनेक्टिविटी मिलेगी। इज्जतनगर, राजेंद्र नगर, श्यामगंज, रामपुर बाग, सिविल लाइंस, डेलापीर, कचहरी आदि इलाकों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
- जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नगर आयुक्त आदि सभी अधिकारी भी इस जमीन पर सड़क निर्माण की बात कह रहे हैं। इसलिए जनता की भावनाओें का ख्याल भी रेलवे को रखना चाहिए।
- इस जमीन के पार्ट दो को आवासीय भूखंडों में बेचना उचित नहीं होगा। इससे जन भावना को ठेस पहुंच सकती है।
- लैंड यूज बदलने पर नगर निगम की आपत्ति का भी ध्यान रखना चाहिए। आवासीय प्लाट खरीदने वाले सड़क नहीं बनाएंगे।
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क्रेडाई के सचिव सुनील गुप्ता की तरफ से 20 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के सुझाव के साथ ले-आउट भेजा गया है। सुझाव के साथ कुछ आपत्तियां भी क्रेडाई की तरफ से दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा आरएलडीए को रेलवे की जमीन पर सड़क बनाने के लिए शहर के लोगों की तरफ से और भी सुझाव भेजे गए हैं। क्रेडाई ने आर्किटेक्ट सुशील कुमार शौरी से ले-आउट तैयार कराया है। 19 जनवरी तक रेलवे को इन आपत्तियों और सुझावों पर फैसला लेना होगा। क्रेडाई की गर्वेनिंग काउंसिल के सदस्य सुनील कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे को जनता की भावनाओं का ख्याल रखकर फैसला लेना चाहिए। उधर, डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बीडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर आरएलडीए की राह में नया रोड़ा अटका दिया है। डीएम ने बिना सड़क बनवाए लैंड यूज पर विचार करने से पहले शहर के आम नागरिकों की राय लेने को कहा है।
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सुझाव और आपत्तियां
- श्यामगंज से लेकर इज्जतनगर तक रेलवे की 35.54 एकड़ भूमि साढ़े चार किलोमीटर क्षेत्र में है। इस जमीन पर न्यूनतम 20 मीटर चौड़ी सड़क बना दी जाए। इससे बाद बाकी बची जमीन के प्लाट बनाकर रेलवे बेचे तो ज्यादा कीमत मिलेगी। शहर की जनता भी यही चाहती है। डीडीपुरम इसका उदाहरण है। यहां 36 मीटर के प्लाट काफी अच्छी कीमत में बिके हैं, लेकिन इसके लिए जमीन का लैंड यूज कॉमिर्शियल कराना होगा।
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- इस भूमि के पार्ट-वन में श्यामगंज मालगोदाम वाली भूमि 16.21 एकड़ है। इसके सामने फ्लाईओवर बन चुका है। पुल की ओर से भूमि के भाग की दिशा में ईंट पजाया तक काफी दुकानें बनी हैं, जो वक्फ भूमि पर है। इन्हें आरएलडीए हटा नहीं पाएगा। ऐसी स्थिति में इस जमीन पर सड़क बेहद उपयोगी होगी।
- बरेली देश के उन चुनिंदा 100 शहरों में से है। जिसका स्मार्ट सिटी के रूप मेें विकसित होना प्रस्तावित है, इसलिए भी यहां उत्तम और आवश्यक सड़कों का निर्माण होना ही चाहिए।
- इज्जतनगर से श्यामगंज तक रेलवे ट्रैक की कुछ जमीन पर सड़क बन जाने से शहर के महत्वपूर्ण भाग को कनेक्टिविटी मिलेगी। इज्जतनगर, राजेंद्र नगर, श्यामगंज, रामपुर बाग, सिविल लाइंस, डेलापीर, कचहरी आदि इलाकों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
- जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नगर आयुक्त आदि सभी अधिकारी भी इस जमीन पर सड़क निर्माण की बात कह रहे हैं। इसलिए जनता की भावनाओें का ख्याल भी रेलवे को रखना चाहिए।
- इस जमीन के पार्ट दो को आवासीय भूखंडों में बेचना उचित नहीं होगा। इससे जन भावना को ठेस पहुंच सकती है।
- लैंड यूज बदलने पर नगर निगम की आपत्ति का भी ध्यान रखना चाहिए। आवासीय प्लाट खरीदने वाले सड़क नहीं बनाएंगे।