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सांस और दिल के मरीजों के लिए खतरे की घंटी है ‘तितली’
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:33 AM IST
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cyclone
- फोटो : ANI
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चक्रवाती तूफान ‘तितली’ के प्रभाव से मौसम में आया परिवर्तन बीमारियों को दावत देने वाला भी है। अचानक तापमान में तीन से चार डिग्री गिरावट के बाद डॉक्टर सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं। मौसम का यह चौंकाने वाला बदलाव जरा सी लापरवाही पर बीमार कर सकता है।
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खासकर सांस और दिल की बीमारी के पुराने मरीजों के लिए यह खतरे की घंटी है। छोटे बच्चों को भी तापमान में गिरावट की वजह से बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत है। बृहस्पतिवार दोपहर अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश हुई थी। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वगीश वैश्य बताते हैं कि इस मौसम में बच्चों को थोड़ी सी लापरवाही पर ही बुखार और जुकाम हो सकता है। दिन और रात के तापमान में अंतर होने से छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
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फिजीशियन डॉ. वगीश वैश्य के सुझाव
- एसी और कूलर के इस्तेमाल से बचें।
- शरीर को ढंककर रखें।
- ठंडे पानी समेत ठंडी चीजों से परहेज करें।
- सुबह-शाम स्वेटर का इस्तेमाल करें।
- सांस और दिल के मरीज ठंड होने पर बाहर कम ही निकलें।