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नारी निकेतन में लगा था कारोबारी का निजी स्टॉफ
Updated Wed, 08 Aug 2018 02:44 AM IST
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बरेली। निरीक्षण के बाद प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट में भले ही लड़कियों को नारी निकेतन में पूरी तरह सुरक्षित बताया है, जबकि इसी नारी निकेतन में एक कारोबारी ने अफसरों की अनुमति से अपना निजी स्टाफ रखवा दिया था। उद्यमी की एक विश्वासपात्र महिला बाहरी लड़कों को नारी निकेतन ले जाकर वहां की लड़कियों से मिलवाती थी। इसकी भनक लगते ही प्रशासन ने कुछ माह पहले ही महिला समेत पूरे प्राइवेट स्टाफ को नारी निकेतन से हटवाया था।
शहर के एक कारोबारी ने समाजसेवा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर नारी निकेतन की जर्जर बिल्डिंग का जीर्णोद्धार कराया था। उद्यमी का नेटवर्क लखनऊ, दिल्ली, उत्तराखंड से लेकर मुंबई और विदेशों तक है। इस उद्यमी ने दोसाल पहले अपना निजी स्टाफ नारी निकेतन में लगा दिया। उद्यमी और उनके स्टाफ को छोड़कर किसी अन्य को नारी निकेतन में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। उद्यमी के कारोबार में लगे लड़के नारी निकेतन की लड़कियों से कारोबारी की एक विश्वासपात्र महिला की मदद से मिलते थे। कुछ लड़कियों के रात में नारी निकेतन से बाहर जाने की चर्चा शहर में आम हुई तो प्रशासन ने उद्यमी के स्टाफ को वहां से हटवाया। इस मामले की शिकायत भी हुई थी, लेकिन फिर मामला दबा दिया गया। अब भी नारी निकेतन के कुछ लोग उद्यमी के संपर्क में है। अफसरों ने अपनी जांच में यह बिंदु जानबूझकर छोड़ दिया है क्योंकि उद्यमी के संबंध उच्चाधिकारियों और बड़े नेताओं तक से हैं। जिलाधिकारी ने इन स्थितियों के बावजूद नारी निकेतन की जांच स्वयं करने की जरूरत नहीं समझी। महज, जांच की खानापूरी कराकर रिपोर्ट भेज दी गई।
कुछ समय पहले तक नारी निकेतन में निजी स्टॉफ तैनात था, लेकिन स्टॉफ के लोगों की लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं, इसीलिए उसे कई महीने पहले हटाया जा चुका है। अब वहां केवल सरकारी स्टॉफ तैनात है। - नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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शहर के एक कारोबारी ने समाजसेवा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर नारी निकेतन की जर्जर बिल्डिंग का जीर्णोद्धार कराया था। उद्यमी का नेटवर्क लखनऊ, दिल्ली, उत्तराखंड से लेकर मुंबई और विदेशों तक है। इस उद्यमी ने दोसाल पहले अपना निजी स्टाफ नारी निकेतन में लगा दिया। उद्यमी और उनके स्टाफ को छोड़कर किसी अन्य को नारी निकेतन में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। उद्यमी के कारोबार में लगे लड़के नारी निकेतन की लड़कियों से कारोबारी की एक विश्वासपात्र महिला की मदद से मिलते थे। कुछ लड़कियों के रात में नारी निकेतन से बाहर जाने की चर्चा शहर में आम हुई तो प्रशासन ने उद्यमी के स्टाफ को वहां से हटवाया। इस मामले की शिकायत भी हुई थी, लेकिन फिर मामला दबा दिया गया। अब भी नारी निकेतन के कुछ लोग उद्यमी के संपर्क में है। अफसरों ने अपनी जांच में यह बिंदु जानबूझकर छोड़ दिया है क्योंकि उद्यमी के संबंध उच्चाधिकारियों और बड़े नेताओं तक से हैं। जिलाधिकारी ने इन स्थितियों के बावजूद नारी निकेतन की जांच स्वयं करने की जरूरत नहीं समझी। महज, जांच की खानापूरी कराकर रिपोर्ट भेज दी गई।
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कुछ समय पहले तक नारी निकेतन में निजी स्टॉफ तैनात था, लेकिन स्टॉफ के लोगों की लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं, इसीलिए उसे कई महीने पहले हटाया जा चुका है। अब वहां केवल सरकारी स्टॉफ तैनात है। - नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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