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एडमिशन से पहले कॉलेजों में सीटें भरने की होड़
Updated Mon, 21 May 2018 01:35 AM IST
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बरेली।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कॉलेजों में एडमिशन शुरू होने से पहले ही सीटें भरने की होड़ शुरू हो गई। इसके लिए कॉलेज फर्जीवाड़ा करने से भी चूक नहीं रहे। आलम यह है कि इंटर कॉलेजों से इंटरमीडिएट के छात्रों का डाटा खरीदकर उनको एडमिशन के लिए रिझाया जा रहा है। इसके लिए कई सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने अपने यहां कॉल सेंटर तक बना लिए हैं जो छात्रों को कॉल करके एडमिशन के साथ सुविधाएं भी ऑफर कर रहे हैं। कुछ कॉलेज सीधे प्रवेश भी लेने का दावा कर रहे हैं और छात्रों के डाक्यूमेंट लेकर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर खुद की पंजीकरण कर रहे हैं।
स्नातक प्रवेश के पंजीकरण 30 मई तक होंगे। पिछले साल एडमिशन प्रक्रिया में काफी उठापटक होने से कई कॉलेजों में सीटें खाली रह गई थीं। हालांकि कॉलेजों ने सीटें भरने के लिए जीतोड़ कोशिश की थी। इस बार बरेली और मुरादाबाद मंडल के कॉलेजों में स्नातक की सीटों में भी इजाफा हो रहा है, इसलिए कॉलेजों के बीच सीटें भरने की होड़ एडमिशन की काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को निर्देशित कर दिया है कि वो विश्वविद्यालय के एडमिशन पोर्टल पर चेकइन यानी छात्रों का डाटा सेव कर सकते हैं। हालांकि सीट लॉक बाद में ही कर पाएंगे। एडमिशन की दौड़ में कोई भी कॉलेज पीछे नहीं रहना चाहता, इसके लिए वह फर्जीवाड़ा भी करने में गुरेज नहीं कर रहे।
सूत्रों के अनुसार कुछ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के छात्रों के डाक्यूमेंट एडमिशन के नाम पर जमा करा रहे हैं। छात्रों से कह रहे हैं कि एडमिशन शुरू हो गए हैं जबकि अभी 30 मई तक एडमिशन के सिर्फ पंजीकरण होने हैं और उसके बाद एडमिशन की काउंसलिंग होगी। कॉलेज छात्रों से डाक्यूमेंट और मोबाइल नंबर लेकर और फीस जमा कराकर खुद ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पंजीकरण कर रहे और छात्रों से कह रहे हैं कि उनका एडमिशन हो गया। जब बुलाया जाए तब आना होगा। जबकि विश्वविद्यालय ने छात्रों को पंजीकरण करने के बाद प्रिंट आउट निकालकर दस कॉलेजों में आवेदन का मौका दिया है। कॉलेज एडमिशन होने की बात कहकर छात्रों को दूसरे कॉलेज जाने ही नहीं दे रहे हैं। कॉलेजों से उनका मोबाइल नंबर से सारी डिटेल लेकर खुद ही फार्म भर रहे हैं।
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कॉलेजों में एडमिशन शुरू होने से पहले ही सीटें भरने की होड़ शुरू हो गई। इसके लिए कॉलेज फर्जीवाड़ा करने से भी चूक नहीं रहे। आलम यह है कि इंटर कॉलेजों से इंटरमीडिएट के छात्रों का डाटा खरीदकर उनको एडमिशन के लिए रिझाया जा रहा है। इसके लिए कई सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने अपने यहां कॉल सेंटर तक बना लिए हैं जो छात्रों को कॉल करके एडमिशन के साथ सुविधाएं भी ऑफर कर रहे हैं। कुछ कॉलेज सीधे प्रवेश भी लेने का दावा कर रहे हैं और छात्रों के डाक्यूमेंट लेकर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर खुद की पंजीकरण कर रहे हैं।
स्नातक प्रवेश के पंजीकरण 30 मई तक होंगे। पिछले साल एडमिशन प्रक्रिया में काफी उठापटक होने से कई कॉलेजों में सीटें खाली रह गई थीं। हालांकि कॉलेजों ने सीटें भरने के लिए जीतोड़ कोशिश की थी। इस बार बरेली और मुरादाबाद मंडल के कॉलेजों में स्नातक की सीटों में भी इजाफा हो रहा है, इसलिए कॉलेजों के बीच सीटें भरने की होड़ एडमिशन की काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को निर्देशित कर दिया है कि वो विश्वविद्यालय के एडमिशन पोर्टल पर चेकइन यानी छात्रों का डाटा सेव कर सकते हैं। हालांकि सीट लॉक बाद में ही कर पाएंगे। एडमिशन की दौड़ में कोई भी कॉलेज पीछे नहीं रहना चाहता, इसके लिए वह फर्जीवाड़ा भी करने में गुरेज नहीं कर रहे।
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सूत्रों के अनुसार कुछ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के छात्रों के डाक्यूमेंट एडमिशन के नाम पर जमा करा रहे हैं। छात्रों से कह रहे हैं कि एडमिशन शुरू हो गए हैं जबकि अभी 30 मई तक एडमिशन के सिर्फ पंजीकरण होने हैं और उसके बाद एडमिशन की काउंसलिंग होगी। कॉलेज छात्रों से डाक्यूमेंट और मोबाइल नंबर लेकर और फीस जमा कराकर खुद ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पंजीकरण कर रहे और छात्रों से कह रहे हैं कि उनका एडमिशन हो गया। जब बुलाया जाए तब आना होगा। जबकि विश्वविद्यालय ने छात्रों को पंजीकरण करने के बाद प्रिंट आउट निकालकर दस कॉलेजों में आवेदन का मौका दिया है। कॉलेज एडमिशन होने की बात कहकर छात्रों को दूसरे कॉलेज जाने ही नहीं दे रहे हैं। कॉलेजों से उनका मोबाइल नंबर से सारी डिटेल लेकर खुद ही फार्म भर रहे हैं।
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