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Bareilly News: 168 करोड़ हजम...धूल से फूल रहा शहर का दम

Mon, 26 Oct 2026 02:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 02:38 AM IST
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168 crore siphoned off... the city gasps for breath amidst the dust
बरेली। शहर की हवा साफ करने और सड़कों से उठने वाले धूल के गुबार को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एन-कैप) के तहत अब तक 168 करोड रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद शहर की कई सड़कों पर उड़ती धूल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कहीं सड़क की सतह उखड़ी है तो कहीं किनारों पर जमा मिट्टी वाहनों के गुजरने के साथ हवा में फैल रही है। प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर खर्च की जा रही रकम का असर नहीं दिख रहा है।
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एन-कैप के तहत वर्ष 2024 में सड़क निर्माण, पौधरोपण समेत विभिन्न कार्यों के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें से 168 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन कई काम अब भी अधूरे हैं। कोहाड़ापीर से डेलापीर तक की सड़क पर गड्ढों की भरमार है। पटरियों से धूल उड़ रही है। इसी मार्ग पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार व पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार के घर, वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार का कार्यालय है।
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कोहाड़ापीर से नैनीताल की ओर जाने वाली सड़क व उसकी पटरियां बेहद खराब हैं। यहां भी धूल उड़ रही है। इन दोनों ही मार्गों पर सीएम ग्रिड योजना के तहत काम कराया जा रहा है। मॉडल टाउन रोड की भी यही स्थिति है। किला से मिनी बाइपास तक पीडब्ल्यूडी की सड़क के किनारे नगर निगम के एन-कैप से टाइल्स लगाई जानीं हैं, पर यह काम आज तक शुरू नहीं हो सका। नतीजा, वहां धूल उड़ती रहती है। यह हाल तब है, जबकि बैठक में जिलाधिकारी सड़कों की बदहाली दूर करने व पौधरोपण की प्रगति बढ़ाने के निर्देश भी दे चुके हैं।
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यह है एन-कैप का उद्देश्य
एन-कैप का उद्देश्य सिर्फ सड़कों का निर्माण कराना नहीं, बल्कि धूल के कणों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना भी है। इसके तहत सड़क सुधार, मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव व हरित क्षेत्र विकसित करने जैसे काम किए जाते हैं। बरेली में इन उपायों के लिए मशीनें भी खरीदी गई हैं, लेकिन सड़कों पर धूल की समस्या बनी हुई है।
धूल नियंत्रण के उपायों की जांच जरूरी
सड़कों से धूल हटाने के लिए मशीनों से सफाई, पानी के नियमित छिड़काव और सड़क किनारे जमा मिट्टी को हटाना जरूरी है। निर्माण कार्यों के दौरान धूल रोकने के उपाय अपनाने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की आवश्यकता है। यदि इन उपायों का नियमित पालन नहीं हो रहा है तो करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद प्रदूषण की समस्या बनी रह सकती है।

वर्जन
एन-कैप के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की जाएगी। जहां काम चल रहे हैं, उनमें तेजी लाई जाएगी। अटके कार्यों को भी जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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