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विद्युत अभियंता कर्मचारी प्रोटेक्शन एक्ट लागू होगा
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बरेली। आए दिन कनेक्शन चेकिंग और अन्य मामलों में होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही विद्युत अभियंता कर्मचारी प्रोटेक्शन एक्ट लागू होगा। इसके लिए गठित समिति की संस्तुतियां शासन को मिल गई हैं। इस मांग के लिए विभागीय इंजीनियर कई दिनों से आंदोलित हैं। उन्होंने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। कहा कि अन्य मांगें भी पूरी होना चाहिए।
बिजली चेकिंग करते समय कई बार लोग टीम पर हमलावर हो जाते हैं और झूठा केस भी दर्ज कराते हैं। इससे विभागीय स्टाफ का मनोबल तो टूटता ही है साथ ही राजस्व वसूली भी प्रभावित होती है। विद्युत चोरी रोकने और इस पर लगाम लगाने के लिए पिछले दिनों विभाग ने हिंसा और संपत्ति की क्षति निवारण अधिनियम 2018 के परीक्षण हेतु गठित समिति ने अपनी संस्तुतियां दे दी हैं। इसलिए विद्युत अभियंता कर्मचारी प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। क्रास एफआईआर मामलों में उच्च स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा जांच कराने की संस्तुति हुई है। इस एक्ट में संविदा कर्मी भी शामिल करने का प्रस्ताव है। इस बीच रामपुर में सीओ आशुतोष तिवारी को हटाकर पुलिस महानिदेशक कार्यालय संबद्ध कर दिया, तिवारी ने बिजली अभियंता से मारपीट की थी।
उधर, पांचवें दिन भी अभियंता संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखा। सचिव रंजीत चौधरी ने कहा कि रामपुर सीओ को हटाया गया है, लेकिन दोषी सीओ पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विद्युत अभियंता कर्मचारी प्रोटेक्शन एक्ट लागू होने के साथ ही अन्य मांगें अभी लंबित हैं, इन्हें भी पूरा किया। एलबी सिंह, अंबरीश श्रीवास्तव, वीके पाठक आशीष राहुल, हरीओम आदि ने विचार रखे।
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बिजली चेकिंग करते समय कई बार लोग टीम पर हमलावर हो जाते हैं और झूठा केस भी दर्ज कराते हैं। इससे विभागीय स्टाफ का मनोबल तो टूटता ही है साथ ही राजस्व वसूली भी प्रभावित होती है। विद्युत चोरी रोकने और इस पर लगाम लगाने के लिए पिछले दिनों विभाग ने हिंसा और संपत्ति की क्षति निवारण अधिनियम 2018 के परीक्षण हेतु गठित समिति ने अपनी संस्तुतियां दे दी हैं। इसलिए विद्युत अभियंता कर्मचारी प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। क्रास एफआईआर मामलों में उच्च स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा जांच कराने की संस्तुति हुई है। इस एक्ट में संविदा कर्मी भी शामिल करने का प्रस्ताव है। इस बीच रामपुर में सीओ आशुतोष तिवारी को हटाकर पुलिस महानिदेशक कार्यालय संबद्ध कर दिया, तिवारी ने बिजली अभियंता से मारपीट की थी।
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उधर, पांचवें दिन भी अभियंता संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखा। सचिव रंजीत चौधरी ने कहा कि रामपुर सीओ को हटाया गया है, लेकिन दोषी सीओ पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विद्युत अभियंता कर्मचारी प्रोटेक्शन एक्ट लागू होने के साथ ही अन्य मांगें अभी लंबित हैं, इन्हें भी पूरा किया। एलबी सिंह, अंबरीश श्रीवास्तव, वीके पाठक आशीष राहुल, हरीओम आदि ने विचार रखे।
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