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नौ बजे दफ्तर में बैठना होगा, एक घंटे पैदल गश्त करनी होगी
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बरेली। अपराध समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के आदेश को लागू कराने के लिए एडीजी ने अपने अधीन सभी पुलिस अधीक्षकों को सीएम की गाइड लाइन के प्रति सजग रहने को कहा है। कहा है कि सभी अधिकारी सुबह नौ बजे से दफ्तरों में बैठना सुनिश्चित करें। दिन या रात को कम से कम एक घंटे पैदल गश्त की जाए। इन बिंदुओं का निरीक्षण किया जाएगा। खामी मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बरेली जोन के एडीजी अविनाश चंद्र ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सुबह नौ बजे से दफ्तरों में बैठने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने और डीआईजी ने आदेशों का अनुपालन शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षकों को भी नई व्यवस्था के प्रति सजग रहने को कहा गया है। चौकी प्रभारी स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों को रोज कम से कम एक किमी पैदल गश्त के निर्देश हैं। गश्त का मतलब रोड पर इधर से उधर जाना ही नहीं होगा। पुलिस को छोटे समूहों में मोहल्लों की उन गलियों में भी जाना होगा, जहां आमतौर पर पुलिस नहीं जाती है। लोगों से संवाद करना होगा। पब्लिक जब पुलिस को नजदीक महसूस करेगी तो हर छोटी घटना के बारे में पता लगाना आसान होगा। लोगों से मिली सूचनाओं पर गोपनीयता से काम करना होगा। कोई गुंडा टैक्स न वसूले, शराब, अवैध असलहे जैसा काम क्षेत्र में न हो, यह थानेदार की जिम्मेदारी होगी।
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बरेली जोन के एडीजी अविनाश चंद्र ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सुबह नौ बजे से दफ्तरों में बैठने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने और डीआईजी ने आदेशों का अनुपालन शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षकों को भी नई व्यवस्था के प्रति सजग रहने को कहा गया है। चौकी प्रभारी स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों को रोज कम से कम एक किमी पैदल गश्त के निर्देश हैं। गश्त का मतलब रोड पर इधर से उधर जाना ही नहीं होगा। पुलिस को छोटे समूहों में मोहल्लों की उन गलियों में भी जाना होगा, जहां आमतौर पर पुलिस नहीं जाती है। लोगों से संवाद करना होगा। पब्लिक जब पुलिस को नजदीक महसूस करेगी तो हर छोटी घटना के बारे में पता लगाना आसान होगा। लोगों से मिली सूचनाओं पर गोपनीयता से काम करना होगा। कोई गुंडा टैक्स न वसूले, शराब, अवैध असलहे जैसा काम क्षेत्र में न हो, यह थानेदार की जिम्मेदारी होगी।
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