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अवैध खनन पर प्रशासन कुछ नहीं बोला तो खनन विभाग भी खामोश

Mon, 10 Jun 2019 01:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 01:58 AM IST
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अवैध खनन पर प्रशासन कुछ नहीं बोला तो खनन विभाग भी खामोश
बरेली। माननीयों के बीच का मामला होने की वजह से बहेड़ी से गुजर रही किच्छा नदी में दो महीने तक अवैध खनन पर विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। हजारों घनमीटर रेत का अवैध खनन से लाखों का नुकसान होने के बावजूद न इस मामले में जांच कराई जा रही है न जुर्माना तय किया गया है। प्रशासन के अफसर भी सुर्खियों में होने के बावजूद इस मामले को नजरंदाज कर रहे हैं।
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खनन विभाग ने जिले की सिर्फ बहेड़ी तहसील के दो स्थानों पर पट्टे दिए थे। इनमें एक मोहम्मदपुर में गुरपाल सिंह को 17,716 घनमीटर खनन का और दूसरा ट्यूला में संदीप गुप्ता को 20,976 घनमीटर का पट्टा दिया गया था। दोनोें पट्टेधारकों को अप्रैल के बाद रायल्टी जमा नहीं की जिसका उन पर करीब 41 लाख बकाया है। दो महीने तक अवैध खनन के बावजूद खनन विभाग ने खनन पर न रोक लगाने की कोशिश की न उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। कुछ दिन पहले विधायक छत्रपाल सिंह और इंस्पेक्टर के बीच विवाद पैदा होने के बाद अवैध खनन का मामला उछला तो अब लीपापोती की कोशिश की जा रही है।
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जिला खनन समिति भी निष्क्रिय
अवैध खनन को रोकने के लिए डीएम ने जिला खनन समिति गठित की थी। इसमें एसडीएम और पुलिस अफसर भी शामिल किए गए थे। अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए त्वरित कार्रवाई को बनी यह समिति निष्क्रिय है। इसकी समीक्षा भी नहीं हो रही।
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रायल्टी न जमा करने पर खनन पर रोक लगा दी जाती है। जिले के दोनों पट्टे अवैध हो गए थे। स्टाफ न होने की वजह से निगरानी में दिक्कत होती है। हालांकि रायल्टी पर 18 प्रतिशत ब्याज के साथ वसूली का प्रावधान है। - अनुराग श्रीवास्तव, जिला खनन अधिकारी
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