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हत्यारे पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
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बदायूं। पांच साल पहले सीसी रोड को लेकर हुए संघर्ष में एक व्यक्ति की गोली मारकर की गई हत्या में मुजरिम पिता-पुत्र को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, इस मामले में मारपीट के आरोप में दो मुजरिमों पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड डाला है।
हत्या की यह घटना चार मार्च 2014 को थाना फैजगंज बेहटा के गांव जगत पीपरी में घटी थी। वादी जहूर अहमद पुत्र नियाज अहमद ने रिपोर्ट लिखवाई थी कि उसके घर के सामने सीसी रोड का निर्माण चल रहा था। पड़ोस के कल्लू खां पुत्र अफजल खां दरवाजे के सामने से ईंटों को उखाड़कर ले गए। वे उसकी जगह में रोड बनवाने का प्रयास कर रहे थे। वादी और उसके भाई मंजूर अहमद ने विरोध किया, तब कल्लू खां व उसका भाई शब्बीर खां तथा उस्मान खां और अख्तर खां पुत्रगण कल्लू ने एक राय होकर उसके भाई मंजूर पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। मौके पर ही मंजूर की मौत हो गई। हत्यारों ने उसके दो अन्य भाइयों मसरूफ और इकबाल को लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। चारों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई गई थी।
अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद मुजरिम कल्लू खां और उसके बेटे अख्तर खां को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही दोनों पर 26-26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने जुर्माने की रकम जमा होने पर मृतक मंजूर अहमद के वारिसानों को बराबर-बराबर देने का आदेश भी सुनाया है। वहीं कोर्ट ने इस मामले में उस्मान और शब्बीर को सिर्फ मारपीट का आरोपी माना है।
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हत्या की यह घटना चार मार्च 2014 को थाना फैजगंज बेहटा के गांव जगत पीपरी में घटी थी। वादी जहूर अहमद पुत्र नियाज अहमद ने रिपोर्ट लिखवाई थी कि उसके घर के सामने सीसी रोड का निर्माण चल रहा था। पड़ोस के कल्लू खां पुत्र अफजल खां दरवाजे के सामने से ईंटों को उखाड़कर ले गए। वे उसकी जगह में रोड बनवाने का प्रयास कर रहे थे। वादी और उसके भाई मंजूर अहमद ने विरोध किया, तब कल्लू खां व उसका भाई शब्बीर खां तथा उस्मान खां और अख्तर खां पुत्रगण कल्लू ने एक राय होकर उसके भाई मंजूर पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। मौके पर ही मंजूर की मौत हो गई। हत्यारों ने उसके दो अन्य भाइयों मसरूफ और इकबाल को लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। चारों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई गई थी।
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अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद मुजरिम कल्लू खां और उसके बेटे अख्तर खां को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही दोनों पर 26-26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने जुर्माने की रकम जमा होने पर मृतक मंजूर अहमद के वारिसानों को बराबर-बराबर देने का आदेश भी सुनाया है। वहीं कोर्ट ने इस मामले में उस्मान और शब्बीर को सिर्फ मारपीट का आरोपी माना है।
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